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इंदौर-नर्मदापुरम संभाग में साइक्लोनिक एक्टिविटी, 14 जिलों में बारिश का अलर्ट
BHOPAL, MP
मध्यप्रदेश में अगस्त की बारिश ने बाढ़ जैसे हालात बना दिए हैं। शनिवार को बड़वानी के राजपुर में नदी-नाले उफान पर आ गए। यहां नगर पालिका उपाध्यक्ष आकाश बर्मन की कार नदी के तेज बहाव में बह गई। भोपाल, शाजापुर, खरगोन, धार और सिवनी समेत 15 जिलों में लगातार बारिश हुई, जिससे जलस्तर तेजी से बढ़ा है।
रविवार को इंदौर, नर्मदापुरम, उज्जैन और जबलपुर संभाग में टर्फ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय रहेगा। मौसम विभाग ने 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, देवास, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में भारी बारिश के आसार हैं। भोपाल, उज्जैन और ग्वालियर में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा।
18 अगस्त से नया सिस्टम सक्रिय होगा
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के मुताबिक, मानसून टर्फ जैसलमेर, जोधपुर, कोटा से होते हुए गुना-बैतूल और दक्षिणी छत्तीसगढ़ तक फैला है। इसी वजह से प्रदेश में लगातार बारिश हो रही है। 18 अगस्त से बंगाल की खाड़ी पर नया लो प्रेशर एरिया बनने के आसार हैं, जो मध्यप्रदेश में तेज बारिश लाएगा।
बड़वानी में 19 साल बाद रूपा नदी में बाढ़
शनिवार को राजपुर नगर में तेज बारिश से रूपा नदी अचानक उफान पर आ गई। 2006 के बाद पहली बार नदी ने इतना रौद्र रूप दिखाया। तेज बहाव में कई गाड़ियां और दुकानें प्रभावित हुईं। खरगोन के पहाड़ी इलाकों में भी नदियां-नाले उफान पर हैं।
अब तक का बारिश का हाल
प्रदेश में औसत 37 इंच बारिश के मुकाबले अब तक 31 इंच पानी गिर चुका है, जो कोटे का 84% है। पूर्वी हिस्सों (जबलपुर, सागर, शहडोल, रीवा) में सामान्य से 30% और पश्चिमी हिस्सों (भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल) में 20% ज्यादा वर्षा दर्ज की गई है।
सबसे ज्यादा और सबसे कम बारिश
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मंडला और गुना : 47 इंच से अधिक
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निवाड़ी : 46 इंच
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टीकमगढ़ : 45.4 इंच
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अशोकनगर : 43.5 इंच
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इंदौर संभाग : अब भी सबसे पीछे
भोपाल का अगस्त रिकॉर्ड
राजधानी भोपाल में अगस्त महीने में सबसे ज्यादा बारिश साल 2006 में हुई थी, जब सिर्फ 24 घंटे में 12 इंच और पूरे महीने में 35 इंच पानी बरसा था। इस बार भी लगातार झड़ी ने राजधानी को तर-बतर कर दिया है।
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इंदौर-नर्मदापुरम संभाग में साइक्लोनिक एक्टिविटी, 14 जिलों में बारिश का अलर्ट
BHOPAL, MP
मध्यप्रदेश में अगस्त की बारिश ने बाढ़ जैसे हालात बना दिए हैं। शनिवार को बड़वानी के राजपुर में नदी-नाले उफान पर आ गए। यहां नगर पालिका उपाध्यक्ष आकाश बर्मन की कार नदी के तेज बहाव में बह गई। भोपाल, शाजापुर, खरगोन, धार और सिवनी समेत 15 जिलों में लगातार बारिश हुई, जिससे जलस्तर तेजी से बढ़ा है।
रविवार को इंदौर, नर्मदापुरम, उज्जैन और जबलपुर संभाग में टर्फ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय रहेगा। मौसम विभाग ने 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, देवास, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में भारी बारिश के आसार हैं। भोपाल, उज्जैन और ग्वालियर में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा।
18 अगस्त से नया सिस्टम सक्रिय होगा
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के मुताबिक, मानसून टर्फ जैसलमेर, जोधपुर, कोटा से होते हुए गुना-बैतूल और दक्षिणी छत्तीसगढ़ तक फैला है। इसी वजह से प्रदेश में लगातार बारिश हो रही है। 18 अगस्त से बंगाल की खाड़ी पर नया लो प्रेशर एरिया बनने के आसार हैं, जो मध्यप्रदेश में तेज बारिश लाएगा।
बड़वानी में 19 साल बाद रूपा नदी में बाढ़
शनिवार को राजपुर नगर में तेज बारिश से रूपा नदी अचानक उफान पर आ गई। 2006 के बाद पहली बार नदी ने इतना रौद्र रूप दिखाया। तेज बहाव में कई गाड़ियां और दुकानें प्रभावित हुईं। खरगोन के पहाड़ी इलाकों में भी नदियां-नाले उफान पर हैं।
अब तक का बारिश का हाल
प्रदेश में औसत 37 इंच बारिश के मुकाबले अब तक 31 इंच पानी गिर चुका है, जो कोटे का 84% है। पूर्वी हिस्सों (जबलपुर, सागर, शहडोल, रीवा) में सामान्य से 30% और पश्चिमी हिस्सों (भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल) में 20% ज्यादा वर्षा दर्ज की गई है।
सबसे ज्यादा और सबसे कम बारिश
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मंडला और गुना : 47 इंच से अधिक
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निवाड़ी : 46 इंच
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टीकमगढ़ : 45.4 इंच
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अशोकनगर : 43.5 इंच
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इंदौर संभाग : अब भी सबसे पीछे
भोपाल का अगस्त रिकॉर्ड
राजधानी भोपाल में अगस्त महीने में सबसे ज्यादा बारिश साल 2006 में हुई थी, जब सिर्फ 24 घंटे में 12 इंच और पूरे महीने में 35 इंच पानी बरसा था। इस बार भी लगातार झड़ी ने राजधानी को तर-बतर कर दिया है।
