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24 घंटे के लिए खुला शिवलोक का सिंहद्वार: नागपंचमी पर नागचंद्रेश्वर के दर्शन शुरू
UJJAIN, MP
श्रावण शुक्ल पंचमी, नाग पंचमी के पावन पर्व पर उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर स्थित नागचंद्रेश्वर और सिद्धेश्वर महादेव मंदिरों के पट साल में एक बार, सिर्फ 24 घंटे के लिए खोले गए। ठीक मध्यरात्रि 12 बजे, परंपरा अनुसार मंत्रोच्चार के साथ पट खुलते ही भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धा, भक्ति और आस्था का ऐसा संगम बना कि महाकाल नगरी के हर कोने से "हर-हर महादेव" के जयघोष गूंज उठे।
साल में एक बार खुलते हैं नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट
महाकालेश्वर मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर में भगवान शिव, माता पार्वती और कार्तिकेय की दुर्लभ प्रतिमा है, जो शेषनाग की शैय्या पर विराजमान हैं। यह मंदिर साल में सिर्फ नाग पंचमी के दिन खोला जाता है। आम दिनों में इस मंदिर में दर्शन करना वर्जित रहता है। साथ ही गर्भगृह में विराजमान सिद्धेश्वर महादेव के भी केवल आज के दिन दर्शन होते हैं।
मंगलवार आधी रात खुला पट, मंत्रोच्चार के साथ हुई पूजा
28 और 29 जुलाई की मध्यरात्रि ठीक 12 बजे मंदिर के महंत एवं महानिर्वाणी पंचायती अखाड़े के महामंडलेश्वर विनीत गिरी महाराज की अगुवाई में पारंपरिक पूजन प्रारंभ हुआ।
🔸 सबसे पहले भगवान गणेश, फिर साम्बसदाशिव, गजलक्ष्मी, भगवान विष्णु का पूजन किया गया।
🔸 इसके बाद नागचंद्रेश्वर और सिद्धेश्वर महादेव की षोडशोपचार विधि से पूजा की गई और देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की मंगलकामना की गई।
🔸 मंदिर का पट नारियल फोड़कर खोला गया, जिसके बाद मंत्रियों, अधिकारियों और आम श्रद्धालुओं के दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ।
रात 12 बजे से शुरू हुआ श्रद्धालुओं का रेला
उज्जैन के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, पीएचई मंत्री सम्पतिया उइके, वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय सहित प्रशासनिक अधिकारी अपने परिवार के साथ रात 12 बजे दर्शन के लिए पहुंचे।
🔸 रात 2 बजे विजयवर्गीय ने भी नागचंद्रेश्वर के दर्शन किए।
🔸 दोपहर 12 बजे सरकारी पूजन में कलेक्टर, एसपी, कमिश्नर परिवार सहित सम्मिलित हुए।
🔸 शाम को महाकाल मंदिर के पुजारी संध्या पूजन करेंगे, जिसे त्रिकाल पूजन कहा जाता है।

10 लाख भक्तों के पहुंचने का अनुमान, दर्शन व्यवस्था सुगम
कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने जानकारी दी कि—
🔹 दर्शन के लिए 40 से 60 मिनट का समय लग रहा है।
🔹 वाहनों की पार्किंग से लेकर मंदिर तक बैरिकेटिंग और विश्रामधाम में बेहतर इंतज़ाम किए गए हैं।
🔹 चारधाम मंदिर, हरसिद्धि और बड़ा गणेश तक सुरक्षा और गाइडेंस की विशेष व्यवस्था है।
भक्त बोले: जीवन में पहली बार मिला ऐसा दुर्लभ अनुभव
राजस्थान, झारखंड, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि
"बरसते पानी में भी नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए प्रतीक्षा करना सौभाग्य है। दर्शन करके आत्मा को शांति और संतोष मिला। इतनी भीड़ में भी 1 घंटे में अच्छे से दर्शन हो गए।"
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बयान
"मालवा की भूमि पर नागचंद्रेश्वर के साल में एक बार होने वाले दर्शन देशभर में अद्वितीय हैं। अब श्रद्धालुओं की संख्या बहुत बढ़ गई है, आने वाले वर्षों में व्यवस्थाएं और बेहतर की जाएंगी।"
नाग पंचमी के इस महापर्व पर उज्जैन में भक्तों को नागचंद्रेश्वर और सिद्धेश्वर महादेव के दुर्लभ दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। महाकाल की नगरी भक्तिमय हो उठी, और अगले 24 घंटों तक यह धार्मिक उल्लास बना रहेगा।
जो कोई भी आज नाग देवता और शिव परिवार के दर्शन करता है, उस पर सर्प दोष, पित्र दोष, और ग्रह बाधाएं स्वतः शांत हो जाती हैं।
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24 घंटे के लिए खुला शिवलोक का सिंहद्वार: नागपंचमी पर नागचंद्रेश्वर के दर्शन शुरू
UJJAIN, MP
श्रावण शुक्ल पंचमी, नाग पंचमी के पावन पर्व पर उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर स्थित नागचंद्रेश्वर और सिद्धेश्वर महादेव मंदिरों के पट साल में एक बार, सिर्फ 24 घंटे के लिए खोले गए। ठीक मध्यरात्रि 12 बजे, परंपरा अनुसार मंत्रोच्चार के साथ पट खुलते ही भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धा, भक्ति और आस्था का ऐसा संगम बना कि महाकाल नगरी के हर कोने से "हर-हर महादेव" के जयघोष गूंज उठे।
साल में एक बार खुलते हैं नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट
महाकालेश्वर मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर में भगवान शिव, माता पार्वती और कार्तिकेय की दुर्लभ प्रतिमा है, जो शेषनाग की शैय्या पर विराजमान हैं। यह मंदिर साल में सिर्फ नाग पंचमी के दिन खोला जाता है। आम दिनों में इस मंदिर में दर्शन करना वर्जित रहता है। साथ ही गर्भगृह में विराजमान सिद्धेश्वर महादेव के भी केवल आज के दिन दर्शन होते हैं।
मंगलवार आधी रात खुला पट, मंत्रोच्चार के साथ हुई पूजा
28 और 29 जुलाई की मध्यरात्रि ठीक 12 बजे मंदिर के महंत एवं महानिर्वाणी पंचायती अखाड़े के महामंडलेश्वर विनीत गिरी महाराज की अगुवाई में पारंपरिक पूजन प्रारंभ हुआ।
🔸 सबसे पहले भगवान गणेश, फिर साम्बसदाशिव, गजलक्ष्मी, भगवान विष्णु का पूजन किया गया।
🔸 इसके बाद नागचंद्रेश्वर और सिद्धेश्वर महादेव की षोडशोपचार विधि से पूजा की गई और देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की मंगलकामना की गई।
🔸 मंदिर का पट नारियल फोड़कर खोला गया, जिसके बाद मंत्रियों, अधिकारियों और आम श्रद्धालुओं के दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ।
रात 12 बजे से शुरू हुआ श्रद्धालुओं का रेला
उज्जैन के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, पीएचई मंत्री सम्पतिया उइके, वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय सहित प्रशासनिक अधिकारी अपने परिवार के साथ रात 12 बजे दर्शन के लिए पहुंचे।
🔸 रात 2 बजे विजयवर्गीय ने भी नागचंद्रेश्वर के दर्शन किए।
🔸 दोपहर 12 बजे सरकारी पूजन में कलेक्टर, एसपी, कमिश्नर परिवार सहित सम्मिलित हुए।
🔸 शाम को महाकाल मंदिर के पुजारी संध्या पूजन करेंगे, जिसे त्रिकाल पूजन कहा जाता है।

10 लाख भक्तों के पहुंचने का अनुमान, दर्शन व्यवस्था सुगम
कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने जानकारी दी कि—
🔹 दर्शन के लिए 40 से 60 मिनट का समय लग रहा है।
🔹 वाहनों की पार्किंग से लेकर मंदिर तक बैरिकेटिंग और विश्रामधाम में बेहतर इंतज़ाम किए गए हैं।
🔹 चारधाम मंदिर, हरसिद्धि और बड़ा गणेश तक सुरक्षा और गाइडेंस की विशेष व्यवस्था है।
भक्त बोले: जीवन में पहली बार मिला ऐसा दुर्लभ अनुभव
राजस्थान, झारखंड, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि
"बरसते पानी में भी नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए प्रतीक्षा करना सौभाग्य है। दर्शन करके आत्मा को शांति और संतोष मिला। इतनी भीड़ में भी 1 घंटे में अच्छे से दर्शन हो गए।"
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बयान
"मालवा की भूमि पर नागचंद्रेश्वर के साल में एक बार होने वाले दर्शन देशभर में अद्वितीय हैं। अब श्रद्धालुओं की संख्या बहुत बढ़ गई है, आने वाले वर्षों में व्यवस्थाएं और बेहतर की जाएंगी।"
नाग पंचमी के इस महापर्व पर उज्जैन में भक्तों को नागचंद्रेश्वर और सिद्धेश्वर महादेव के दुर्लभ दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। महाकाल की नगरी भक्तिमय हो उठी, और अगले 24 घंटों तक यह धार्मिक उल्लास बना रहेगा।
जो कोई भी आज नाग देवता और शिव परिवार के दर्शन करता है, उस पर सर्प दोष, पित्र दोष, और ग्रह बाधाएं स्वतः शांत हो जाती हैं।
