- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- गुना में किसानों का प्रदर्शन: फसल खराब होने पर मुआवजा और खाद वितरण में पारदर्शिता की मांग
गुना में किसानों का प्रदर्शन: फसल खराब होने पर मुआवजा और खाद वितरण में पारदर्शिता की मांग
Guna, MP
गुना जिले में लगातार बारिश से खरीफ फसलों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। इसी को लेकर भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसानों ने गुरुवार को रैली निकालकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
गुना तहसील के किसान हनुमान चौराहे पर एकत्रित हुए और धरना दिया। इसके बाद वे नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
किसानों की मुख्य मांगें
-
अति वर्षा से 70% से अधिक फसलें (मक्का आदि) नष्ट हो चुकी हैं। किसानों ने सर्वे कराकर तुरंत मुआवजा और बीमा राशि देने की मांग की, ताकि वे रबी सीजन की तैयारी कर सकें।
-
रासायनिक खाद (DAP और यूरिया) की कालाबाजारी से किसानों को महंगा खाद खरीदना पड़ा। किसानों ने मांग की कि रबी सीजन में जिले की सभी सोसाइटियों पर खाद नकद भुगतान पर उपलब्ध कराया जाए।
-
सरकार से सभी किसानों को सहकारी सोसायटी का सदस्य बनाने के लिए अभियान चलाने की मांग की गई।
गौशालाओं और भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया
ज्ञापन में कहा गया कि गांवों और सड़कों पर घूम रही गायों को पंचायत की गौशालाओं में भेजकर चारा-पानी की व्यवस्था की जाए। साथ ही जिन पशुओं पर टैग लगे हैं, उनके असली मालिकों की पहचान कर कार्रवाई हो।
किसानों ने सहकारी समितियों में हो रहे फर्जीवाड़े का भी मुद्दा उठाया। उदाहरण के तौर पर धमनार और रामपुर सोसाइटी के प्रबंधकों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जांच और दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
गुना में किसानों का प्रदर्शन: फसल खराब होने पर मुआवजा और खाद वितरण में पारदर्शिता की मांग
Guna, MP
गुना तहसील के किसान हनुमान चौराहे पर एकत्रित हुए और धरना दिया। इसके बाद वे नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
किसानों की मुख्य मांगें
-
अति वर्षा से 70% से अधिक फसलें (मक्का आदि) नष्ट हो चुकी हैं। किसानों ने सर्वे कराकर तुरंत मुआवजा और बीमा राशि देने की मांग की, ताकि वे रबी सीजन की तैयारी कर सकें।
-
रासायनिक खाद (DAP और यूरिया) की कालाबाजारी से किसानों को महंगा खाद खरीदना पड़ा। किसानों ने मांग की कि रबी सीजन में जिले की सभी सोसाइटियों पर खाद नकद भुगतान पर उपलब्ध कराया जाए।
-
सरकार से सभी किसानों को सहकारी सोसायटी का सदस्य बनाने के लिए अभियान चलाने की मांग की गई।
गौशालाओं और भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया
ज्ञापन में कहा गया कि गांवों और सड़कों पर घूम रही गायों को पंचायत की गौशालाओं में भेजकर चारा-पानी की व्यवस्था की जाए। साथ ही जिन पशुओं पर टैग लगे हैं, उनके असली मालिकों की पहचान कर कार्रवाई हो।
किसानों ने सहकारी समितियों में हो रहे फर्जीवाड़े का भी मुद्दा उठाया। उदाहरण के तौर पर धमनार और रामपुर सोसाइटी के प्रबंधकों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जांच और दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई।
