- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- भोपाल में अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन, स्थायी नियुक्ति की मांग तेज
भोपाल में अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन, स्थायी नियुक्ति की मांग तेज
भोपाल (म.प्र.)
भोपाल प्रदर्शन में अतिथि शिक्षकों ने नियमितीकरण और वेतन वृद्धि सहित कई मांगें उठाईं
एमपी की राजधानी भोपाल में आज अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन उस समय तेज हो गया, जब सैकड़ों शिक्षक अंबेडकर पार्क में एकत्र होकर अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध जताने लगे। स्कूल अतिथि शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में प्रदेशभर से आए शिक्षकों ने नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और सेवा सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाया। संगठन के पदाधिकारियों ने साफ कहा कि वर्षों से काम कर रहे अतिथि शिक्षकों के साथ अब और अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बता दें,यह प्रदर्शन लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान की दिशा में दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।
प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों का कहना है कि चुनाव के दौरान सरकार और नेताओं ने कई वादे किए थे, लेकिन अब तक उन पर कोई ठोस अमल नहीं हुआ। इससे शिक्षकों के बीच असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
अतिथि शिक्षकों की प्रमुख मांगें
अतिथि शिक्षकों ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखी हैं। इनमें नियमितीकरण, मानदेय में वृद्धि और अनुभव आधारित लाभ प्रमुख हैं।इसके अलावा, शिक्षकों ने विभागीय परीक्षा आयोजित करने, वार्षिक अनुबंध लागू करने और शिक्षक भर्ती में बोनस अंक देने की भी मांग की है। संगठन का कहना है कि इन मांगों को पूरा किए बिना शिक्षा व्यवस्था को मजबूत नहीं किया जा सकता।
सरकार पर सवाल
संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सीधे सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब वे विधायक थे, तब अतिथि शिक्षकों के पक्ष में आवाज उठाई थी, लेकिन अब मुख्यमंत्री बनने के बाद इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए।प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने कहा कि पहले भी कई बार इस मुद्दे पर राजनीतिक समर्थन मिला, लेकिन अब वही नेता चुप हैं। इससे शिक्षकों में निराशा बढ़ी है।
स्थायी रोजगार की मांग
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ वेतन या अनुबंध का मुद्दा नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों के भविष्य से जुड़ा सवाल है।संयुक्त मोर्चा के अन्य पदाधिकारियों के मुताबिक, कई शिक्षक वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थायी रोजगार नहीं मिल रहा। ऐसे में सरकार को जल्द निर्णय लेकर उनका भविष्य सुरक्षित करना चाहिए।फिलहाल सरकार की ओर से इस प्रदर्शन पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, माना जा रहा है कि बढ़ते दबाव के बीच सरकार को जल्द ही कोई निर्णय लेना पड़ सकता है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
भोपाल में अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन, स्थायी नियुक्ति की मांग तेज
भोपाल (म.प्र.)
एमपी की राजधानी भोपाल में आज अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन उस समय तेज हो गया, जब सैकड़ों शिक्षक अंबेडकर पार्क में एकत्र होकर अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध जताने लगे। स्कूल अतिथि शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में प्रदेशभर से आए शिक्षकों ने नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और सेवा सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाया। संगठन के पदाधिकारियों ने साफ कहा कि वर्षों से काम कर रहे अतिथि शिक्षकों के साथ अब और अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बता दें,यह प्रदर्शन लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान की दिशा में दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।
प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों का कहना है कि चुनाव के दौरान सरकार और नेताओं ने कई वादे किए थे, लेकिन अब तक उन पर कोई ठोस अमल नहीं हुआ। इससे शिक्षकों के बीच असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
अतिथि शिक्षकों की प्रमुख मांगें
अतिथि शिक्षकों ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखी हैं। इनमें नियमितीकरण, मानदेय में वृद्धि और अनुभव आधारित लाभ प्रमुख हैं।इसके अलावा, शिक्षकों ने विभागीय परीक्षा आयोजित करने, वार्षिक अनुबंध लागू करने और शिक्षक भर्ती में बोनस अंक देने की भी मांग की है। संगठन का कहना है कि इन मांगों को पूरा किए बिना शिक्षा व्यवस्था को मजबूत नहीं किया जा सकता।
सरकार पर सवाल
संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सीधे सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब वे विधायक थे, तब अतिथि शिक्षकों के पक्ष में आवाज उठाई थी, लेकिन अब मुख्यमंत्री बनने के बाद इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए।प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने कहा कि पहले भी कई बार इस मुद्दे पर राजनीतिक समर्थन मिला, लेकिन अब वही नेता चुप हैं। इससे शिक्षकों में निराशा बढ़ी है।
स्थायी रोजगार की मांग
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ वेतन या अनुबंध का मुद्दा नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों के भविष्य से जुड़ा सवाल है।संयुक्त मोर्चा के अन्य पदाधिकारियों के मुताबिक, कई शिक्षक वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थायी रोजगार नहीं मिल रहा। ऐसे में सरकार को जल्द निर्णय लेकर उनका भविष्य सुरक्षित करना चाहिए।फिलहाल सरकार की ओर से इस प्रदर्शन पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, माना जा रहा है कि बढ़ते दबाव के बीच सरकार को जल्द ही कोई निर्णय लेना पड़ सकता है।
