- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- भोपाल में सफाईकर्मियों का प्रदर्शन, आधी सैलरी पर नाराजगी
भोपाल में सफाईकर्मियों का प्रदर्शन, आधी सैलरी पर नाराजगी
Bhopal, MP
कोलार इलाके में कचरा नहीं उठाया, कांग्रेस नेता रविंद्र साहू ने समर्थन किया
भोपाल नगर निगम में आधी सैलरी मिलने से नाराज सफाईकर्मियों ने शनिवार सुबह शहर के कई इलाकों में प्रदर्शन किया। विशेष रूप से कोलार इलाके में सबसे अधिक असर देखा गया, जहां सफाई कर्मचारी सफाई वाहन खड़ी कर नारेबाजी कर रहे थे और कचरा नहीं उठाया गया।
सफाईकर्मियों का कहना है कि 16 अक्टूबर से आधार आधारित अटेंडेंस सिस्टम लागू होने के कारण उन्हें 16 से 31 अक्टूबर तक की ही सैलरी मिली। आधे वेतन मिलने से कर्मचारियों में गहरी नाराजगी है, क्योंकि वे अपने परिवार, बच्चों की फीस और अन्य आवश्यक खर्चों के लिए पूरी सैलरी पर निर्भर हैं।
सफाईकर्मियों के समर्थन में कांग्रेस नेता रविंद्र साहू भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वे भूख हड़ताल पर बैठने से पीछे नहीं हटेंगे। साथ ही महापौर और कमिश्नर से तत्काल मांग का समाधान करने की अपील की।
निगम और कर्मचारी संघ का पक्ष
भोपाल नगर निगम में 15 हजार से अधिक सफाईकर्मी कार्यरत हैं। भारतीय सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष सोनू डागर ने बताया कि नया अटेंडेंस सिस्टम पूरे महीने की सैलरी के बजाय आधी सैलरी देने का कारण बना। उनका कहना है कि अगर निगम को नए सिस्टम को लागू करना था, तो इसे 1 नवंबर से शुरू करना चाहिए था, ताकि कर्मचारियों की पूरी सैलरी प्रभावित न हो।
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने इसे साफ अपमान बताया। उनका कहना है कि जो कर्मचारी रात-दिन मेहनत करके भोपाल को स्वच्छ बनाए रखते हैं, उन्हें आधे वेतन पर काम करने को मजबूर करना उचित नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से तत्काल संज्ञान लेने और सफाईकर्मियों को सम्मानजनक वेतन देने की मांग की।
प्रदर्शन का असर
कोलार स्थित निगम ऑफिस के बाहर प्रदर्शन के कारण सफाई गतिविधियां पूरी तरह ठप रही। अन्य इलाकों में भी कर्मचारियों की नाराजगी का असर देखने को मिला। कर्मचारी नेता यह स्पष्ट कर चुके हैं कि आधा वेतन, पूरा काम की नीति स्वीकार्य नहीं है।
सफाईकर्मियों ने यह भी मांग की कि अटेंडेंस के समय में बदलाव किया जाए। महिलाओं का समय सुबह 8 बजे और पुरुषों का सुबह 7 बजे करने की बात निगम प्रशासन से कही गई थी, ताकि सुबह के काम निपटाकर सफाई की जा सके।
👉 हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
भोपाल में सफाईकर्मियों का प्रदर्शन, आधी सैलरी पर नाराजगी
Bhopal, MP
भोपाल नगर निगम में आधी सैलरी मिलने से नाराज सफाईकर्मियों ने शनिवार सुबह शहर के कई इलाकों में प्रदर्शन किया। विशेष रूप से कोलार इलाके में सबसे अधिक असर देखा गया, जहां सफाई कर्मचारी सफाई वाहन खड़ी कर नारेबाजी कर रहे थे और कचरा नहीं उठाया गया।
सफाईकर्मियों का कहना है कि 16 अक्टूबर से आधार आधारित अटेंडेंस सिस्टम लागू होने के कारण उन्हें 16 से 31 अक्टूबर तक की ही सैलरी मिली। आधे वेतन मिलने से कर्मचारियों में गहरी नाराजगी है, क्योंकि वे अपने परिवार, बच्चों की फीस और अन्य आवश्यक खर्चों के लिए पूरी सैलरी पर निर्भर हैं।
सफाईकर्मियों के समर्थन में कांग्रेस नेता रविंद्र साहू भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वे भूख हड़ताल पर बैठने से पीछे नहीं हटेंगे। साथ ही महापौर और कमिश्नर से तत्काल मांग का समाधान करने की अपील की।
निगम और कर्मचारी संघ का पक्ष
भोपाल नगर निगम में 15 हजार से अधिक सफाईकर्मी कार्यरत हैं। भारतीय सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष सोनू डागर ने बताया कि नया अटेंडेंस सिस्टम पूरे महीने की सैलरी के बजाय आधी सैलरी देने का कारण बना। उनका कहना है कि अगर निगम को नए सिस्टम को लागू करना था, तो इसे 1 नवंबर से शुरू करना चाहिए था, ताकि कर्मचारियों की पूरी सैलरी प्रभावित न हो।
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने इसे साफ अपमान बताया। उनका कहना है कि जो कर्मचारी रात-दिन मेहनत करके भोपाल को स्वच्छ बनाए रखते हैं, उन्हें आधे वेतन पर काम करने को मजबूर करना उचित नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से तत्काल संज्ञान लेने और सफाईकर्मियों को सम्मानजनक वेतन देने की मांग की।
प्रदर्शन का असर
कोलार स्थित निगम ऑफिस के बाहर प्रदर्शन के कारण सफाई गतिविधियां पूरी तरह ठप रही। अन्य इलाकों में भी कर्मचारियों की नाराजगी का असर देखने को मिला। कर्मचारी नेता यह स्पष्ट कर चुके हैं कि आधा वेतन, पूरा काम की नीति स्वीकार्य नहीं है।
सफाईकर्मियों ने यह भी मांग की कि अटेंडेंस के समय में बदलाव किया जाए। महिलाओं का समय सुबह 8 बजे और पुरुषों का सुबह 7 बजे करने की बात निगम प्रशासन से कही गई थी, ताकि सुबह के काम निपटाकर सफाई की जा सके।
👉 हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
