- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- हाईकोर्ट के आदेश पर खुला धार का ऐतिहासिक इमामबाड़ा, ताजिया निकालने को लेकर दो पक्षों में विवाद, 5 पर...
हाईकोर्ट के आदेश पर खुला धार का ऐतिहासिक इमामबाड़ा, ताजिया निकालने को लेकर दो पक्षों में विवाद, 5 पर FIR
Digital Desk
कोर्ट के दखल के बाद प्रशासन ने हटवाया ताला, सुरक्षा घेरे के बीच स्थापित हुआ ताजिया, झड़प के बाद पुलिस ने दर्ज की एफआईआर।
मध्य प्रदेश के धार जिले में मुहर्रम पर्व के मौके पर एक बड़ी प्रशासनिक और कानूनी हलचल देखने को मिली है। लंबे समय से बंद पड़े हटवाड़ा स्थित सरकारी इमामबाड़े का ताला आखिरकार इंदौर हाईकोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार देर रात खोल दिया गया। प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) के एसडीओ भास्कर मालवीय ने ताजिया कमेटी के सदर को इमामबाड़े की चाबी सौंपी। चाबी मिलते ही इमामबाड़े की साफ-सफाई की गई और वहां पारंपरिक रूप से सरकारी ताजिए को स्थापित किया गया। हालांकि, इस बीच ताजिया निकालने की बात को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प भी देखने को मिली।
अकीदतमंदों की उमड़ी भीड़, अखाड़ों ने दी सलामी
जैसे ही इमामबाड़े का ताला खुलने की खबर शहर में फैली, बड़ी संख्या में अकीदतमंद और आम लोग जियारत (दर्शन) के लिए वहां पहुंचने लगे। देर रात तक पूरा परिसर धार्मिक गतिविधियों और अकीदत के माहौल से सराबोर रहा। शहर के अलग-अलग कोनों और मोहल्लों से आए अखाड़े देर रात इमामबाड़ा परिसर पहुंचे। वहां उस्तादों और युवाओं ने अपने पारंपरिक करतबों, लाठी-डंडों और तलवारबाजी का प्रदर्शन किया। अखाड़ों ने पूरी रीत के साथ इमामबाड़े में स्थापित किए गए सरकारी ताजिए को सलामी दी। कोर्ट के आदेश के बाद इमामबाड़ा खुलने से लोगों में भारी उत्साह देखा गया, जिसके कारण आधी रात के बाद भी वहां लोगों की आवाजाही बनी रही।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: कलेक्टर और एसपी ने संभाली कमान
मामले की संवेदनशीलता और इमामबाड़े के इतिहास को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर था। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए खुद कलेक्टर राजीव रंजन मीना और पुलिस अधीक्षक (SP) सचिन शर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर डटे रहे। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए इमामबाड़ा परिसर और उससे जुड़ने वाले सभी संवेदनशील मार्गों पर मजबूत बैरिकेडिंग कर दी थी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए शहर के मुख्य चौराहों और इमामबाड़े के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल और दंगा नियंत्रण वाहनों को तैनात किया गया था। वरिष्ठ अधिकारी लगातार क्षेत्र में गश्त कर शांति व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे।
ताजिया निकालने को लेकर विवाद, सन्नू चाचा के साथ मारपीट
प्रशासन की मुस्तैदी के बावजूद, देर रात ताजिया निकालने के रूट या किसी अन्य बात को लेकर अचानक दो पक्षों के लोग आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में गाली-गलौज के बाद मारपीट शुरू हो गई। इस हिंसक झड़प में नियाज मोहम्मद उर्फ 'सन्नू चाचा' नामक व्यक्ति के साथ कुछ लोगों ने बेरहमी से मारपीट कर दी। विवाद होते ही मौके पर तैनात पुलिस के जवानों और अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया। पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए दोनों पक्षों के लोगों को खदेड़ा और स्थिति को बिगड़ने से पहले ही पूरी तरह नियंत्रित कर लिया। घायल नियाज मोहम्मद को तुरंत उपचार और मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत 5 आरोपियों पर केस दर्ज
मारपीट की इस घटना के बाद पीड़ित पक्ष कोतवाली थाने पहुंचा। कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए फरियादी नियाज मोहम्मद उर्फ सन्नू चाचा की लिखित शिकायत पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की। पुलिस ने मुख्य आरोपी शाबीर पिता निजाम (निवासी इस्लामपुरा) और इस्लामुद्दीन उर्फ दद्दू (निवासी इस्लामपुरा) सहित उनके तीन अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। कोतवाली पुलिस ने इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 351(3) (आपराधिक धमकी) और 3(5) (संयुक्त जवाबदेही) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके ठिकानों पर दबिश दे रही है।
मुहर्रम के अंतिम दिन पारंपरिक जुलूस की तैयारियां
आज शुक्रवार को मुहर्रम के अंतिम दिन धार शहर में विशेष रौनक और सुरक्षा देखी जा रही है। तय कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर बाद शहर के विभिन्न क्षेत्रों से छोटे-बड़े ताजिए, मन्नत के ताजिए और अखाड़े इमामबाड़ा परिसर में एकत्रित होना शुरू होंगे। यहाँ सभी ताज़ियों और अखाड़ों का मिलन होगा, जिसके बाद एक विशाल और पारंपरिक जुलूस निकाला जाएगा। यह जुलूस शहर के तयशुदा प्रमुख और पारंपरिक मार्गों से होता हुआ करबला मैदान पहुंचेगा, जहां ताज़ियों को ठंडी दी जाएगी (विसर्जित किया जाएगा)। प्रशासन ने आज के मुख्य जुलूस को देखते हुए रूट पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी की व्यवस्था की है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
हाईकोर्ट के आदेश पर खुला धार का ऐतिहासिक इमामबाड़ा, ताजिया निकालने को लेकर दो पक्षों में विवाद, 5 पर FIR
Digital Desk
मध्य प्रदेश के धार जिले में मुहर्रम पर्व के मौके पर एक बड़ी प्रशासनिक और कानूनी हलचल देखने को मिली है। लंबे समय से बंद पड़े हटवाड़ा स्थित सरकारी इमामबाड़े का ताला आखिरकार इंदौर हाईकोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार देर रात खोल दिया गया। प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) के एसडीओ भास्कर मालवीय ने ताजिया कमेटी के सदर को इमामबाड़े की चाबी सौंपी। चाबी मिलते ही इमामबाड़े की साफ-सफाई की गई और वहां पारंपरिक रूप से सरकारी ताजिए को स्थापित किया गया। हालांकि, इस बीच ताजिया निकालने की बात को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प भी देखने को मिली।
अकीदतमंदों की उमड़ी भीड़, अखाड़ों ने दी सलामी
जैसे ही इमामबाड़े का ताला खुलने की खबर शहर में फैली, बड़ी संख्या में अकीदतमंद और आम लोग जियारत (दर्शन) के लिए वहां पहुंचने लगे। देर रात तक पूरा परिसर धार्मिक गतिविधियों और अकीदत के माहौल से सराबोर रहा। शहर के अलग-अलग कोनों और मोहल्लों से आए अखाड़े देर रात इमामबाड़ा परिसर पहुंचे। वहां उस्तादों और युवाओं ने अपने पारंपरिक करतबों, लाठी-डंडों और तलवारबाजी का प्रदर्शन किया। अखाड़ों ने पूरी रीत के साथ इमामबाड़े में स्थापित किए गए सरकारी ताजिए को सलामी दी। कोर्ट के आदेश के बाद इमामबाड़ा खुलने से लोगों में भारी उत्साह देखा गया, जिसके कारण आधी रात के बाद भी वहां लोगों की आवाजाही बनी रही।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: कलेक्टर और एसपी ने संभाली कमान
मामले की संवेदनशीलता और इमामबाड़े के इतिहास को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर था। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए खुद कलेक्टर राजीव रंजन मीना और पुलिस अधीक्षक (SP) सचिन शर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर डटे रहे। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए इमामबाड़ा परिसर और उससे जुड़ने वाले सभी संवेदनशील मार्गों पर मजबूत बैरिकेडिंग कर दी थी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए शहर के मुख्य चौराहों और इमामबाड़े के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल और दंगा नियंत्रण वाहनों को तैनात किया गया था। वरिष्ठ अधिकारी लगातार क्षेत्र में गश्त कर शांति व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे।
ताजिया निकालने को लेकर विवाद, सन्नू चाचा के साथ मारपीट
प्रशासन की मुस्तैदी के बावजूद, देर रात ताजिया निकालने के रूट या किसी अन्य बात को लेकर अचानक दो पक्षों के लोग आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में गाली-गलौज के बाद मारपीट शुरू हो गई। इस हिंसक झड़प में नियाज मोहम्मद उर्फ 'सन्नू चाचा' नामक व्यक्ति के साथ कुछ लोगों ने बेरहमी से मारपीट कर दी। विवाद होते ही मौके पर तैनात पुलिस के जवानों और अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया। पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए दोनों पक्षों के लोगों को खदेड़ा और स्थिति को बिगड़ने से पहले ही पूरी तरह नियंत्रित कर लिया। घायल नियाज मोहम्मद को तुरंत उपचार और मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत 5 आरोपियों पर केस दर्ज
मारपीट की इस घटना के बाद पीड़ित पक्ष कोतवाली थाने पहुंचा। कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए फरियादी नियाज मोहम्मद उर्फ सन्नू चाचा की लिखित शिकायत पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की। पुलिस ने मुख्य आरोपी शाबीर पिता निजाम (निवासी इस्लामपुरा) और इस्लामुद्दीन उर्फ दद्दू (निवासी इस्लामपुरा) सहित उनके तीन अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। कोतवाली पुलिस ने इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 351(3) (आपराधिक धमकी) और 3(5) (संयुक्त जवाबदेही) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके ठिकानों पर दबिश दे रही है।
मुहर्रम के अंतिम दिन पारंपरिक जुलूस की तैयारियां
आज शुक्रवार को मुहर्रम के अंतिम दिन धार शहर में विशेष रौनक और सुरक्षा देखी जा रही है। तय कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर बाद शहर के विभिन्न क्षेत्रों से छोटे-बड़े ताजिए, मन्नत के ताजिए और अखाड़े इमामबाड़ा परिसर में एकत्रित होना शुरू होंगे। यहाँ सभी ताज़ियों और अखाड़ों का मिलन होगा, जिसके बाद एक विशाल और पारंपरिक जुलूस निकाला जाएगा। यह जुलूस शहर के तयशुदा प्रमुख और पारंपरिक मार्गों से होता हुआ करबला मैदान पहुंचेगा, जहां ताज़ियों को ठंडी दी जाएगी (विसर्जित किया जाएगा)। प्रशासन ने आज के मुख्य जुलूस को देखते हुए रूट पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी की व्यवस्था की है।
