मीडिया से बातचीत में दिग्विजय सिंह ने सिंधिया को लेकर कहा, “भले ही वे कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में चले गए हैं, लेकिन वे आखिरकार मेरे पुत्र समान हैं। उनके पिता के साथ मैंने काम किया है, कांग्रेस ने उन्हें हमेशा सम्मान दिया। अब वे क्यों छोड़कर चले गए, यह वही जानें।” उन्होंने स्पष्ट किया कि मंच साझा करने की बात उन्होंने ग्वालियर में सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए कही थी, न कि निजी आयोजनों के लिए।
दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बिहार समेत कई राज्यों में मतदाता सूची से लाखों नाम हटाए जाने पर गंभीर संदेह है। राहुल गांधी द्वारा बेंगलुरु में फर्जी वोटर मामले के खुलासे का जिक्र करते हुए उन्होंने आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाया और कहा कि आयोग को अपनी विश्वसनीयता साबित करनी होगी।
पहलगाम आतंकी हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के रुख को आश्चर्यजनक बताया। उन्होंने कहा कि मुंबई हमले के बाद तत्कालीन गृहमंत्री और मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया था, लेकिन पहलगाम की घटना के बाद किसी की जिम्मेदारी तय नहीं हुई। सुरक्षा इंतजामों की कमी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इतने संवेदनशील पर्यटन स्थल पर न पुलिस थी, न अर्धसैनिक बल—ऐसे में आतंकियों ने आसानी से वारदात को अंजाम दिया।
इस मुलाकात और बयानों से साफ है कि मध्य प्रदेश की राजनीति में आने वाले समय में कई दिलचस्प मोड़ देखने को मिल सकते हैं।

