- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- डिंडौरी में दिग्विजय सिंह का आरोप: "भाजपा विधायक ने बैगा आदिवासियों की एक हजार एकड़ जमीन हड़पी"
डिंडौरी में दिग्विजय सिंह का आरोप: "भाजपा विधायक ने बैगा आदिवासियों की एक हजार एकड़ जमीन हड़पी"
Dindori, MP
मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के विधायक संजय पाठक पर आदिवासियों की जमीन हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। रविवार को डिंडौरी दौरे पर पहुंचे दिग्विजय सिंह ने बजाग विकासखंड के पिपरिया गांव में जनचौपाल लगाकर बैगा आदिवासी समुदाय के लोगों से जमीन से जुड़ी समस्याओं को लेकर संवाद किया।
जनचौपाल के दौरान एक आदिवासी युवक ननकू सिंह ने बताया कि उससे मात्र दो एकड़ जमीन का मूल्य भुगतान किया गया, लेकिन धोखाधड़ी करते हुए उससे 22 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री करवा ली गई। दिग्विजय सिंह ने इस पूरे मामले को सुनकर आदिवासियों को आश्वस्त किया कि वे उनके हक की लड़ाई लड़ेंगे, चाहे उन्हें इसके लिए ट्राइब्यूनल कोर्ट, आदिवासी मंत्रालय या फिर सुप्रीम कोर्ट तक क्यों न जाना पड़े।
"कटनी के नाम पर की गई जमीन खरीद"
पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायक संजय पाठक ने साजिश के तहत डिंडौरी के बैगा आदिवासियों की जमीनें कटनी जिले के आदिवासियों के नाम पर रजिस्टर्ड करवाईं। यह भूमि खरीद-फरोख्त एक हजार एकड़ से अधिक की बताई जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में जिन लोगों के नाम पर जमीन खरीदी गई है, उनमें रघुराज सिंह, राकेश, नत्थू और प्रहलाद जैसे लोग शामिल हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। दिग्विजय का आरोप है कि यह सभी संजय पाठक के प्रभाव में हैं और उनसे कोई भी स्वतंत्र रूप से संवाद नहीं कर सकता।
प्रशासन से की कार्रवाई की मांग
दिग्विजय सिंह ने बताया कि उनके मुख्यमंत्री रहते हुए आदिवासियों की जमीन की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाए गए थे, जिनके तहत कलेक्टर की पूर्व अनुमति के बिना आदिवासी जमीन की बिक्री नहीं की जा सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में प्रशासन की भूमिका भी संदिग्ध रही है।
डिंडौरी प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कटनी जिला प्रशासन से पूरी जानकारी मांगी है। इस पूरे मामले की जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
संपर्क से बाहर हैं विधायक संजय पाठक
दूसरी ओर, भाजपा विधायक संजय पाठक फिलहाल विदेश यात्रा पर हैं और उनसे संपर्क नहीं हो सका है। उनके मीडिया कोऑर्डिनेटर संतोष उपाध्याय ने बताया कि संजय पाठक ही इस मामले पर स्पष्ट जवाब दे सकते हैं।
राजनीतिक मंच से केंद्र सरकार पर भी हमला
दिग्विजय सिंह ने इस अवसर पर आतंकवाद और कश्मीर जैसे मुद्दों पर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जब पहलगाम में आतंकी हमला हुआ, तब विपक्ष ने सरकार के साथ एकजुटता दिखाई, लेकिन प्रधानमंत्री ने सर्वदलीय बैठक में शामिल होना जरूरी नहीं समझा।
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस कथन पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने भारत-पाक मसले में मध्यस्थता की बात कही थी। दिग्विजय ने पूछा, "उन्हें ये अधिकार किसने दिया?"
‘सिंदूर’ अभियान पर भी उठाए सवाल
सिंह ने भाजपा द्वारा चलाए गए ‘घर-घर सिंदूर’ अभियान पर भी तंज कसते हुए कहा कि जब देश की महिलाओं ने इस पर आपत्ति जताई, तो भाजपा ने अपने ही अभियान को नकारना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, "महिलाओं ने साफ कहा कि हम अपने पति के नाम का सिंदूर लगाते हैं, न कि किसी नेता के लिए।"
कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी
इस जनचौपाल में कांग्रेस के अन्य नेता भी शामिल हुए, जिनमें डिंडौरी विधायक ओमकार मरकाम, पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदे लाल और शाहपुरा के पूर्व विधायक भूपेंद्र मरा वी प्रमुख रहे।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
डिंडौरी में दिग्विजय सिंह का आरोप: "भाजपा विधायक ने बैगा आदिवासियों की एक हजार एकड़ जमीन हड़पी"
Dindori, MP
जनचौपाल के दौरान एक आदिवासी युवक ननकू सिंह ने बताया कि उससे मात्र दो एकड़ जमीन का मूल्य भुगतान किया गया, लेकिन धोखाधड़ी करते हुए उससे 22 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री करवा ली गई। दिग्विजय सिंह ने इस पूरे मामले को सुनकर आदिवासियों को आश्वस्त किया कि वे उनके हक की लड़ाई लड़ेंगे, चाहे उन्हें इसके लिए ट्राइब्यूनल कोर्ट, आदिवासी मंत्रालय या फिर सुप्रीम कोर्ट तक क्यों न जाना पड़े।
"कटनी के नाम पर की गई जमीन खरीद"
पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायक संजय पाठक ने साजिश के तहत डिंडौरी के बैगा आदिवासियों की जमीनें कटनी जिले के आदिवासियों के नाम पर रजिस्टर्ड करवाईं। यह भूमि खरीद-फरोख्त एक हजार एकड़ से अधिक की बताई जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में जिन लोगों के नाम पर जमीन खरीदी गई है, उनमें रघुराज सिंह, राकेश, नत्थू और प्रहलाद जैसे लोग शामिल हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। दिग्विजय का आरोप है कि यह सभी संजय पाठक के प्रभाव में हैं और उनसे कोई भी स्वतंत्र रूप से संवाद नहीं कर सकता।
प्रशासन से की कार्रवाई की मांग
दिग्विजय सिंह ने बताया कि उनके मुख्यमंत्री रहते हुए आदिवासियों की जमीन की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाए गए थे, जिनके तहत कलेक्टर की पूर्व अनुमति के बिना आदिवासी जमीन की बिक्री नहीं की जा सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में प्रशासन की भूमिका भी संदिग्ध रही है।
डिंडौरी प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कटनी जिला प्रशासन से पूरी जानकारी मांगी है। इस पूरे मामले की जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
संपर्क से बाहर हैं विधायक संजय पाठक
दूसरी ओर, भाजपा विधायक संजय पाठक फिलहाल विदेश यात्रा पर हैं और उनसे संपर्क नहीं हो सका है। उनके मीडिया कोऑर्डिनेटर संतोष उपाध्याय ने बताया कि संजय पाठक ही इस मामले पर स्पष्ट जवाब दे सकते हैं।
राजनीतिक मंच से केंद्र सरकार पर भी हमला
दिग्विजय सिंह ने इस अवसर पर आतंकवाद और कश्मीर जैसे मुद्दों पर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जब पहलगाम में आतंकी हमला हुआ, तब विपक्ष ने सरकार के साथ एकजुटता दिखाई, लेकिन प्रधानमंत्री ने सर्वदलीय बैठक में शामिल होना जरूरी नहीं समझा।
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस कथन पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने भारत-पाक मसले में मध्यस्थता की बात कही थी। दिग्विजय ने पूछा, "उन्हें ये अधिकार किसने दिया?"
‘सिंदूर’ अभियान पर भी उठाए सवाल
सिंह ने भाजपा द्वारा चलाए गए ‘घर-घर सिंदूर’ अभियान पर भी तंज कसते हुए कहा कि जब देश की महिलाओं ने इस पर आपत्ति जताई, तो भाजपा ने अपने ही अभियान को नकारना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, "महिलाओं ने साफ कहा कि हम अपने पति के नाम का सिंदूर लगाते हैं, न कि किसी नेता के लिए।"
कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी
इस जनचौपाल में कांग्रेस के अन्य नेता भी शामिल हुए, जिनमें डिंडौरी विधायक ओमकार मरकाम, पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदे लाल और शाहपुरा के पूर्व विधायक भूपेंद्र मरा वी प्रमुख रहे।
