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दिवाली दो दिन मना सकते हैं, देखें 31 अक्तूबर और 1 नवंबर का लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त, ऐसे करें पूजा
JAGRAN DESK
दिवाली की तारीख को लेकर संशय है तो बता दें कि ज्यातिषाचार्य के अनुसार रोशनी का ये पर्व दो दिन मना सकते हैं। कार्तिक मास की अमावस्या 31 अक्तूबर और 1 नवंबर दो दिन रहेगी। आगरा के ज्योतिषी पं. सुभाष शास्त्री ने दोनों दिन के मुहूर्त के बारे में जानकारी दी है...
प्रथम पूज्य देव गणपति, धन की देवी लक्ष्मी और ज्ञान की देवी सरस्वती के पूजन का पर्व दिवाली आज है। इस साल दिवाली दो दिन 31 अक्तूबर और 1 नवंबर को मनाई जाएगी। दिवाली के लिए सरकारी कार्यालयों से लेकर अन्य जगह 31 को अवकाश घोषित किया गया है वहीं ब्राह्मणों का एक वर्ग इसे 1 नवंबर को मनाने के लिए तर्क दे रहा है। ऐसे में दो दिन दिवाली मनाई जाएगी। बुधवार को दिन में धनतेरस की खरीदारी की और शाम को रूप चौदस या नरक चौदस का पर्व मनाया।
शाम को शुभ मुहूर्त में ईशान कोण में चौक या रंगोली बनाकर उस पर चौकी रखें। चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाकर लक्ष्मी-गणेश, देवी सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करें। चौकी पर गणेश जी के सामने दाहिनी ओर नवग्रह स्थापित करें और पास में जल से भरा कलश रखें। कलश में कौड़िया, सिक्के, सुपारी और गंगाजल डालें। कलश पर रोली से स्वास्तिक बनाएं और मौली लपेट दें।
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दिवाली दो दिन मना सकते हैं, देखें 31 अक्तूबर और 1 नवंबर का लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त, ऐसे करें पूजा
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प्रथम पूज्य देव गणपति, धन की देवी लक्ष्मी और ज्ञान की देवी सरस्वती के पूजन का पर्व दिवाली आज है। इस साल दिवाली दो दिन 31 अक्तूबर और 1 नवंबर को मनाई जाएगी। दिवाली के लिए सरकारी कार्यालयों से लेकर अन्य जगह 31 को अवकाश घोषित किया गया है वहीं ब्राह्मणों का एक वर्ग इसे 1 नवंबर को मनाने के लिए तर्क दे रहा है। ऐसे में दो दिन दिवाली मनाई जाएगी। बुधवार को दिन में धनतेरस की खरीदारी की और शाम को रूप चौदस या नरक चौदस का पर्व मनाया।
शाम को शुभ मुहूर्त में ईशान कोण में चौक या रंगोली बनाकर उस पर चौकी रखें। चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाकर लक्ष्मी-गणेश, देवी सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करें। चौकी पर गणेश जी के सामने दाहिनी ओर नवग्रह स्थापित करें और पास में जल से भरा कलश रखें। कलश में कौड़िया, सिक्के, सुपारी और गंगाजल डालें। कलश पर रोली से स्वास्तिक बनाएं और मौली लपेट दें।
