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भोपाल में 29 शराब दुकानों की ई-नीलामी आज, 520 करोड़ रिजर्व प्राइस से शुरू
भोपाल (म.प्र.)
नई आबकारी नीति के तहत समूह आधारित आवंटन; प्रतिस्पर्धा बढ़ने और राजस्व में इजाफे की उम्मीद
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में शराब दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया आज महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर रही है। नई आबकारी नीति के तहत 29 शराब दुकानों की ई-टेंडर के माध्यम से नीलामी की जा रही है, जिसकी कुल आरक्षित कीमत लगभग 520 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है। यह प्रक्रिया सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार करने के साथ शुरू होगी और शाम 6 बजे जिला स्तरीय समिति की उपस्थिति में निविदाएं खोली जाएंगी।
नई नीति के तहत शहर की कुल 87 शराब दुकानों को 20 समूहों में विभाजित किया गया है। पहले चरण में 7 समूहों की 29 दुकानों के लिए बोली प्रक्रिया आयोजित की जा रही है। प्रशासन का मानना है कि समूह आधारित व्यवस्था से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और अधिक बोलीदाता सामने आएंगे, जिससे राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी। यह सरकारी अपडेट राज्य की राजस्व नीति में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
जिन समूहों के लिए नीलामी होनी है, उनमें बागसेवनिया, हबीबगंज फाटक, भानपुर चौराहा, स्टेशन बजरिया, खजूरीकलां, जहांगीराबाद और गुनगा क्षेत्र शामिल हैं। इन समूहों में दुकानों की संख्या तीन से पांच के बीच है। अधिकारियों के अनुसार छोटे समूह बनाए जाने से स्थानीय और नए निवेशकों की भागीदारी आसान होगी, जो पहले बड़ी बोली राशि के कारण प्रतिस्पर्धा से बाहर रह जाते थे।
राज्य सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के लिए शराब ठेकों का कुल आरक्षित मूल्य 1432 करोड़ रुपए तय किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत अधिक है। पिछले वित्तीय वर्ष में ठेकों की नीलामी 1193 करोड़ रुपए से अधिक में हुई थी, जो निर्धारित लक्ष्य से भी ऊपर रही थी। इस बार बढ़े हुए आरक्षित मूल्य का सीधा असर प्रमुख समूहों की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
सबसे महंगा समूह पिपलानी क्षेत्र का माना जा रहा है, जहां चार दुकानों का संयुक्त वार्षिक मूल्य 127 करोड़ रुपए से अधिक निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार बागसेवनिया समूह की कीमत भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। आबकारी विभाग का कहना है कि संशोधित मूल्य निर्धारण बाजार स्थितियों और मांग के आकलन के आधार पर किया गया है।
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भोपाल में 29 शराब दुकानों की ई-नीलामी आज, 520 करोड़ रिजर्व प्राइस से शुरू
भोपाल (म.प्र.)
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में शराब दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया आज महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर रही है। नई आबकारी नीति के तहत 29 शराब दुकानों की ई-टेंडर के माध्यम से नीलामी की जा रही है, जिसकी कुल आरक्षित कीमत लगभग 520 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है। यह प्रक्रिया सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार करने के साथ शुरू होगी और शाम 6 बजे जिला स्तरीय समिति की उपस्थिति में निविदाएं खोली जाएंगी।
नई नीति के तहत शहर की कुल 87 शराब दुकानों को 20 समूहों में विभाजित किया गया है। पहले चरण में 7 समूहों की 29 दुकानों के लिए बोली प्रक्रिया आयोजित की जा रही है। प्रशासन का मानना है कि समूह आधारित व्यवस्था से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और अधिक बोलीदाता सामने आएंगे, जिससे राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी। यह सरकारी अपडेट राज्य की राजस्व नीति में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
जिन समूहों के लिए नीलामी होनी है, उनमें बागसेवनिया, हबीबगंज फाटक, भानपुर चौराहा, स्टेशन बजरिया, खजूरीकलां, जहांगीराबाद और गुनगा क्षेत्र शामिल हैं। इन समूहों में दुकानों की संख्या तीन से पांच के बीच है। अधिकारियों के अनुसार छोटे समूह बनाए जाने से स्थानीय और नए निवेशकों की भागीदारी आसान होगी, जो पहले बड़ी बोली राशि के कारण प्रतिस्पर्धा से बाहर रह जाते थे।
राज्य सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के लिए शराब ठेकों का कुल आरक्षित मूल्य 1432 करोड़ रुपए तय किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत अधिक है। पिछले वित्तीय वर्ष में ठेकों की नीलामी 1193 करोड़ रुपए से अधिक में हुई थी, जो निर्धारित लक्ष्य से भी ऊपर रही थी। इस बार बढ़े हुए आरक्षित मूल्य का सीधा असर प्रमुख समूहों की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
सबसे महंगा समूह पिपलानी क्षेत्र का माना जा रहा है, जहां चार दुकानों का संयुक्त वार्षिक मूल्य 127 करोड़ रुपए से अधिक निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार बागसेवनिया समूह की कीमत भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। आबकारी विभाग का कहना है कि संशोधित मूल्य निर्धारण बाजार स्थितियों और मांग के आकलन के आधार पर किया गया है।
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