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इजराइल-ईरान तनाव का असर ग्वालियर में, किराना और ड्राई फ्रूट्स के दाम बढ़े
ग्वालियर (म.प्र.)
अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच ग्वालियर बाजार में किराना, तेल और ड्राई फ्रूट्स महंगे; एलपीजी की मांग बढ़ने से लकड़ी की बिक्री में भी उछाल।
ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में अंतरराष्ट्रीय हालात का असर अब स्थानीय बाजारों में भी दिखाई देने लगा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव, विशेष रूप से Israel और Iran के बीच बढ़ते टकराव के कारण कई वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। शहर के व्यापारियों के अनुसार किराना, तेल, ड्राई फ्रूट्स और एलपीजी जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं, जिससे आम लोगों की घरेलू बजट पर दबाव बढ़ने लगा है।
स्थानीय बाजार में पिछले कुछ दिनों से खाद्य तेल, दाल, चावल और अन्य किराना सामान की कीमतों में बदलाव देखा गया है। व्यापारियों का कहना है कि अधिकांश वस्तुओं के दामों में फिलहाल 5 से 10 रुपये प्रति किलो तक का अंतर आया है। खाद्य तेल के मामले में यह बढ़ोतरी और अधिक है। कई दुकानदारों के अनुसार तेल के दाम में लगभग 10 रुपये प्रति किलो तथा बड़े कनस्तरों पर करीब 100 रुपये तक की बढ़ोतरी देखी गई है।
ड्राई फ्रूट्स के बाजार में भी तेजी दर्ज की जा रही है। कारोबारियों का कहना है कि पिस्ता जैसे उत्पादों के दाम 300 से 400 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। इसके अलावा काली किशमिश, रेजिन और अन्य आयातित सूखे मेवों में भी 100 से 200 रुपये तक का अंतर देखने को मिल रहा है। व्यापारियों का मानना है कि इनमें से कई उत्पादों की आपूर्ति पश्चिम एशियाई देशों से होती है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर सीधे कीमतों पर पड़ रहा है।
एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर भी बाजार में दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति सीमित होने की खबरों के बीच घरेलू सिलेंडर की मांग अचानक बढ़ गई है। कुछ लोगों का कहना है कि गैस की संभावित कमी की आशंका के कारण कई उपभोक्ता अतिरिक्त सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे जरूरतमंदों को समय पर सिलेंडर मिलना मुश्किल हो रहा है।
इस स्थिति का असर वैकल्पिक ईंधन पर भी पड़ रहा है। शहर के लकड़ी और कोयला व्यापारियों के अनुसार हाल के दिनों में लकड़ी की मांग में लगभग 10 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। खासकर विवाह समारोह, कैटरिंग सेवाओं और पारंपरिक होटलों में लकड़ी की खपत बढ़ने लगी है।
व्यापारियों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है। उनका मानना है कि परिवहन लागत और आयातित वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि का असर धीरे-धीरे अन्य वस्तुओं पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल शहर के बाजारों में कीमतों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी का रुझान दिखाई दे रहा है। आम उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय हालात स्थिर होने के साथ ही बाजार में कीमतें भी सामान्य स्तर पर लौट आएंगी।
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