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MP में आंधी-बारिश का असर, तापमान 34°C से नीचे फिसला, 21 जिलों में अलर्ट जारी
भोपाल (म.प्र.)
मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश से तापमान गिरा। 21 जिलों में अलर्ट जारी, कई जगहों पर मौसम बदला, गर्मी का असर भी बरकरार।
मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदलता दिख रहा है। कहीं तेज आंधी और बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी है तो कहीं बादलों की आवाजाही के बीच उमस ने परेशानी बढ़ा दी है। गुरुवार को राज्य के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का असर देखने को मिला और इसी के चलते कई जिलों में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। खासकर रीवा में पारा 34 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया, जो इस सीजन में एक राहत भरी स्थिति मानी जा रही है। ग्वालियर, नौगांव, सीधी और सतना जैसे इलाकों में भी मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहा।
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी स्थिति पूरी तरह स्थिर नहीं रहने वाली है। एमपी में आंधी-बारिश का असर 21 जिलों में देखने को मिल सकता है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट जैसे जिलों में तेज हवा के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ जगहों पर बिजली चमकने और अचानक मौसम बदलने जैसी स्थिति भी बन सकती है। वहीं दूसरी तरफ भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत करीब 34 जिलों में गर्मी का असर अभी भी बना रहेगा, जहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे ऊपर रह सकता है।
गुरुवार को कई जिलों में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिला। नर्मदापुरम, टीकमगढ़ और श्योपुर में हल्की बारिश दर्ज की गई। सीहोर में शाम के वक्त अचानक धूल भरी तेज आंधी चली, जिससे कुछ देर के लिए दृश्यता भी प्रभावित हुई। ग्वालियर-चंबल और रीवा-शहडोल संभाग में कहीं बादल छाए रहे तो कहीं तेज हवा का दौर चलता रहा। हालांकि प्रदेश के अधिकतर शहरों में पारा 40 डिग्री से नीचे ही बना रहा, जिससे लोगों को थोड़ी राहत महसूस हुई।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय मध्य प्रदेश के ऊपर दो सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन बने हुए हैं, जिनका असर अलग-अलग हिस्सों में दिख रहा है। इसके अलावा एक ट्रफ लाइन भी पूर्वी हिस्से से गुजर रही है, जिससे नमी और अस्थिरता बनी हुई है। इसी वजह से अगले दो दिन तक कई जिलों में आंधी और बारिश की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 10 और 11 मई को एक बार फिर नया सिस्टम सक्रिय होगा, जिसके बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी का असर तेज हो सकता है।
अगर बड़े शहरों के मौसम पैटर्न की बात करें तो भोपाल में हर साल मई के महीने में तेज गर्मी के साथ बारिश का ट्रेंड देखने को मिलता है। 2016 में यहां तापमान 46.7 डिग्री तक पहुंच चुका है, जबकि कई बार इस महीने में अच्छी बारिश भी दर्ज की गई है। इंदौर में भी मई के दौरान मौसम अक्सर बदलता रहता है और पिछले वर्षों में यहां 3 इंच तक बारिश दर्ज की जा चुकी है। ग्वालियर में तो गर्मी अपने चरम पर पहुंचती रही है, जहां तापमान 48 डिग्री तक रिकॉर्ड हो चुका है। जबलपुर और उज्जैन में भी मई के दौरान गर्मी और बारिश दोनों का असर देखने को मिलता है।
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MP में आंधी-बारिश का असर, तापमान 34°C से नीचे फिसला, 21 जिलों में अलर्ट जारी
भोपाल (म.प्र.)
मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदलता दिख रहा है। कहीं तेज आंधी और बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी है तो कहीं बादलों की आवाजाही के बीच उमस ने परेशानी बढ़ा दी है। गुरुवार को राज्य के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का असर देखने को मिला और इसी के चलते कई जिलों में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। खासकर रीवा में पारा 34 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया, जो इस सीजन में एक राहत भरी स्थिति मानी जा रही है। ग्वालियर, नौगांव, सीधी और सतना जैसे इलाकों में भी मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहा।
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी स्थिति पूरी तरह स्थिर नहीं रहने वाली है। एमपी में आंधी-बारिश का असर 21 जिलों में देखने को मिल सकता है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट जैसे जिलों में तेज हवा के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ जगहों पर बिजली चमकने और अचानक मौसम बदलने जैसी स्थिति भी बन सकती है। वहीं दूसरी तरफ भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत करीब 34 जिलों में गर्मी का असर अभी भी बना रहेगा, जहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे ऊपर रह सकता है।
गुरुवार को कई जिलों में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिला। नर्मदापुरम, टीकमगढ़ और श्योपुर में हल्की बारिश दर्ज की गई। सीहोर में शाम के वक्त अचानक धूल भरी तेज आंधी चली, जिससे कुछ देर के लिए दृश्यता भी प्रभावित हुई। ग्वालियर-चंबल और रीवा-शहडोल संभाग में कहीं बादल छाए रहे तो कहीं तेज हवा का दौर चलता रहा। हालांकि प्रदेश के अधिकतर शहरों में पारा 40 डिग्री से नीचे ही बना रहा, जिससे लोगों को थोड़ी राहत महसूस हुई।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय मध्य प्रदेश के ऊपर दो सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन बने हुए हैं, जिनका असर अलग-अलग हिस्सों में दिख रहा है। इसके अलावा एक ट्रफ लाइन भी पूर्वी हिस्से से गुजर रही है, जिससे नमी और अस्थिरता बनी हुई है। इसी वजह से अगले दो दिन तक कई जिलों में आंधी और बारिश की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 10 और 11 मई को एक बार फिर नया सिस्टम सक्रिय होगा, जिसके बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी का असर तेज हो सकता है।
अगर बड़े शहरों के मौसम पैटर्न की बात करें तो भोपाल में हर साल मई के महीने में तेज गर्मी के साथ बारिश का ट्रेंड देखने को मिलता है। 2016 में यहां तापमान 46.7 डिग्री तक पहुंच चुका है, जबकि कई बार इस महीने में अच्छी बारिश भी दर्ज की गई है। इंदौर में भी मई के दौरान मौसम अक्सर बदलता रहता है और पिछले वर्षों में यहां 3 इंच तक बारिश दर्ज की जा चुकी है। ग्वालियर में तो गर्मी अपने चरम पर पहुंचती रही है, जहां तापमान 48 डिग्री तक रिकॉर्ड हो चुका है। जबलपुर और उज्जैन में भी मई के दौरान गर्मी और बारिश दोनों का असर देखने को मिलता है।
