- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- एमपी में दो सिस्टम का असर, बारिश का अलर्ट: भोपाल-इंदौर में बादल, पश्चिमी जिलों में बरसात की संभावना
एमपी में दो सिस्टम का असर, बारिश का अलर्ट: भोपाल-इंदौर में बादल, पश्चिमी जिलों में बरसात की संभावना
Bhopal, MP
मध्यप्रदेश में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। लो-प्रेशर और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते अगले दो दिनों तक कई जिलों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर सहित प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में बूंदाबांदी के आसार हैं।
रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में धूप खिली, जिससे दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सोमवार और मंगलवार को बादल, गरज-चमक और हल्की वर्षा देखने को मिलेगी।
कौन-कौन से जिलों में असर?
अगले 48 घंटे में इन संभागों में मौसम बदलेगा:
-
भोपाल
-
इंदौर
-
उज्जैन
-
नर्मदापुरम
-
ग्वालियर
-
सागर
-
जबलपुर
इन क्षेत्रों में बादल, हवा, गरज-चमक और हल्की बारिश का दौर रह सकता है।
तापमान में बढ़ोतरी
रविवार को साफ मौसम के चलते दिन का तापमान कई शहरों में बढ़ा—
-
भोपाल: 31.1°C
-
इंदौर: 30.1°C
-
ग्वालियर: 31°C
-
उज्जैन: 30°C
-
जबलपुर: 29.8°C
अधिकतर जिलों में पारा 30°C या उससे ज्यादा दर्ज किया गया।
4 नवंबर से नया सिस्टम, ठंड बढ़ेगी
4 नवंबर की रात से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसका असर मध्यप्रदेश में दो दिन बाद दिखेगा।
इससे उत्तर दिशा से ठंडी हवाएं चलेंगी और तापमान में गिरावट आएगी। दिन में भी ठंडक महसूस होगी।
अक्टूबर में बारिश रिकॉर्ड तोड़
-
प्रदेश में अक्टूबर में औसत 2.8 इंच बारिश हुई—जो सामान्य से 121% ज्यादा है।
-
भोपाल में 2.8 इंच, जबलपुर 3.3 इंच, ग्वालियर 4.2 इंच, उज्जैन 2.1 इंच बारिश दर्ज की गई।
-
इंदौर में अक्टूबर में 3.4 इंच बारिश—10 साल में दूसरी सबसे ज्यादा।
श्योपुर 6.52 इंच बारिश के साथ शीर्ष पर रहा।
केवल खंडवा में सामान्य से कम बारिश हुई। बाकी 53 जिलों में औसत से अधिक वर्षा।
मानसून की 'हैप्पी एंडिंग'
-
30 जिलों में बहुत ज्यादा बारिश
-
गुना सर्वोच्च (65.7 इंच)
-
श्योपुर में 216% बारिश
-
शाजापुर सबसे कम (28.9 इंच)
अधिक बारिश के कारण पेयजल और सिंचाई के लिहाज से स्थिति अच्छी, भूजल स्तर भी मजबूत रहेगा।
नवंबर का मौसम कैसा रहेगा?
-
नवंबर के दूसरे सप्ताह से तेज ठंड
-
ग्वालियर-चंबल में तापमान तेजी से गिरेगा
-
पहले सप्ताह में भी बारिश के आसार
-
तीसरे-चौथे सप्ताह में दोबारा सिस्टम एक्टिव हो सकता है
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
एमपी में दो सिस्टम का असर, बारिश का अलर्ट: भोपाल-इंदौर में बादल, पश्चिमी जिलों में बरसात की संभावना
Bhopal, MP
मध्यप्रदेश में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। लो-प्रेशर और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते अगले दो दिनों तक कई जिलों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर सहित प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में बूंदाबांदी के आसार हैं।
रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में धूप खिली, जिससे दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सोमवार और मंगलवार को बादल, गरज-चमक और हल्की वर्षा देखने को मिलेगी।
कौन-कौन से जिलों में असर?
अगले 48 घंटे में इन संभागों में मौसम बदलेगा:
-
भोपाल
-
इंदौर
-
उज्जैन
-
नर्मदापुरम
-
ग्वालियर
-
सागर
-
जबलपुर
इन क्षेत्रों में बादल, हवा, गरज-चमक और हल्की बारिश का दौर रह सकता है।
तापमान में बढ़ोतरी
रविवार को साफ मौसम के चलते दिन का तापमान कई शहरों में बढ़ा—
-
भोपाल: 31.1°C
-
इंदौर: 30.1°C
-
ग्वालियर: 31°C
-
उज्जैन: 30°C
-
जबलपुर: 29.8°C
अधिकतर जिलों में पारा 30°C या उससे ज्यादा दर्ज किया गया।
4 नवंबर से नया सिस्टम, ठंड बढ़ेगी
4 नवंबर की रात से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसका असर मध्यप्रदेश में दो दिन बाद दिखेगा।
इससे उत्तर दिशा से ठंडी हवाएं चलेंगी और तापमान में गिरावट आएगी। दिन में भी ठंडक महसूस होगी।
अक्टूबर में बारिश रिकॉर्ड तोड़
-
प्रदेश में अक्टूबर में औसत 2.8 इंच बारिश हुई—जो सामान्य से 121% ज्यादा है।
-
भोपाल में 2.8 इंच, जबलपुर 3.3 इंच, ग्वालियर 4.2 इंच, उज्जैन 2.1 इंच बारिश दर्ज की गई।
-
इंदौर में अक्टूबर में 3.4 इंच बारिश—10 साल में दूसरी सबसे ज्यादा।
श्योपुर 6.52 इंच बारिश के साथ शीर्ष पर रहा।
केवल खंडवा में सामान्य से कम बारिश हुई। बाकी 53 जिलों में औसत से अधिक वर्षा।
मानसून की 'हैप्पी एंडिंग'
-
30 जिलों में बहुत ज्यादा बारिश
-
गुना सर्वोच्च (65.7 इंच)
-
श्योपुर में 216% बारिश
-
शाजापुर सबसे कम (28.9 इंच)
अधिक बारिश के कारण पेयजल और सिंचाई के लिहाज से स्थिति अच्छी, भूजल स्तर भी मजबूत रहेगा।
नवंबर का मौसम कैसा रहेगा?
-
नवंबर के दूसरे सप्ताह से तेज ठंड
-
ग्वालियर-चंबल में तापमान तेजी से गिरेगा
-
पहले सप्ताह में भी बारिश के आसार
-
तीसरे-चौथे सप्ताह में दोबारा सिस्टम एक्टिव हो सकता है
