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बेसहारों का फरिश्ता बड़वानी का फूड मैन, रोजाना जरूरतमंदों के घरों में पहुंचा रहा मुफ्त भोजन
बड़वानी में फूड मैन की अनोखी कहानी. रोजाना गरीब-असहाय और जरूरत लोगों के घरों में फ्री में पहुंचा रहे खाना.
मध्य प्रदेश के बड़वानी में एक ऐसा शख्स है, जो अपने नाम से नहीं काम के नाम से जाना जाता है. लोग उन्हें फूड मैन के नाम से जानते है. दरअसल, बड़वानी के अजीत जैन प्रतिदिन 200 से ज्यादा गरीब और असहाय लोगों के घरों तक निशुल्क भोजन पहुंचते हैं. उन्होंने यह कार्य कोरोना महामारी के समय शुरू किया था. उसके बाद से लगातार वह इस काम में सक्रिय हैं. उनके इस नेक काम को देखकर अब उन्हें जन सहयोग मिलने लगा है.
बेसहारा लोगों के घरों तक पहुंचते हैं भोजन
बड़वानी में एक ऐसे समाजसेवी है, जिसका नाम बड़वानी जिला सहित कई जिलों में पहचाना जाता है. वो नाम है अजीत जैन, जो अपने दादा के नक्शे कदम पर 1998 से समाज सेवा के काम में लगे हुए हैं. अजीत जैन अक्सर अस्पतालों और बस स्टेशनों पर रहने वाले बेसहारा और भटकते हुए लोगों तक भोजन पहुंचते नजर आते है. अभी तक अजीत जैन ने कई भटके हुए मानसिक विक्षिप्त लोगों को अपने परिवारों से मिलवाया चुके हैं. वहीं ऐसे कई परिवार हैं, जो एक वक्त की रोटी नहीं जुटा पाते हैं. उनके घर तक प्रति दिन भोजन पहुंचाने का भी काम करते हैं.
अस्थियों को नर्मदा में भी विसर्जित किया
कोरोना जैसी महामारी में जब कोई किसी के काम नहीं आ रहा था. उस वक्त अजीत जैन बड़वानी शहर में कई लोगों को अपनी तरफ से मदद मुहौया करा रहे थे. कोरोना काल में जब लॉकडाउन लगा हुआ था, उस समय वे अपने निजी संसाधनों से लोगों के पास मदद पहुंचा रहे थे. इस दौरान अजीत जैन गरीबों को भोजन पहुंचाने में पीछे नहीं हटे. कोरोना काल में जिन लोगों की मौत हुई और जो लोग अपने परिवार के सदस्यों का अंतिम संस्कार नहीं कर पाए, ऐसे कई लोगों का विधि विधान के साथ अंतिम संस्कार कर उनकी अस्थियों को नर्मदा में भी विसर्जित भी किया.
अजीत जैन के साथ 10 लोग कर रहे काम
अजीत जैन के सहयोगी और समाजसेवी हरिओम ने बताया कि, ''अजीत इस क्षेत्र में भटकने वाले मानसिक और विक्षिप्त लोगों को नहला धुलाकर उनका अस्पताल में इलाज करवाते हैं और जब वह स्वस्थ हो जाते हैं, फिर उन्हें उनके परिवार के पास भिजवा देते हैं. अजीत जैन के साथ लगभग 10 लोग काम कर रहे हैं, जो भोजन बांटना मानसिक विक्षिप्त लोगों की सूचना देना और उन्हें उनके परिवारों से मिलवाने में सहायता करते हैं.''
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बेसहारों का फरिश्ता बड़वानी का फूड मैन, रोजाना जरूरतमंदों के घरों में पहुंचा रहा मुफ्त भोजन
मध्य प्रदेश के बड़वानी में एक ऐसा शख्स है, जो अपने नाम से नहीं काम के नाम से जाना जाता है. लोग उन्हें फूड मैन के नाम से जानते है. दरअसल, बड़वानी के अजीत जैन प्रतिदिन 200 से ज्यादा गरीब और असहाय लोगों के घरों तक निशुल्क भोजन पहुंचते हैं. उन्होंने यह कार्य कोरोना महामारी के समय शुरू किया था. उसके बाद से लगातार वह इस काम में सक्रिय हैं. उनके इस नेक काम को देखकर अब उन्हें जन सहयोग मिलने लगा है.
बेसहारा लोगों के घरों तक पहुंचते हैं भोजन
बड़वानी में एक ऐसे समाजसेवी है, जिसका नाम बड़वानी जिला सहित कई जिलों में पहचाना जाता है. वो नाम है अजीत जैन, जो अपने दादा के नक्शे कदम पर 1998 से समाज सेवा के काम में लगे हुए हैं. अजीत जैन अक्सर अस्पतालों और बस स्टेशनों पर रहने वाले बेसहारा और भटकते हुए लोगों तक भोजन पहुंचते नजर आते है. अभी तक अजीत जैन ने कई भटके हुए मानसिक विक्षिप्त लोगों को अपने परिवारों से मिलवाया चुके हैं. वहीं ऐसे कई परिवार हैं, जो एक वक्त की रोटी नहीं जुटा पाते हैं. उनके घर तक प्रति दिन भोजन पहुंचाने का भी काम करते हैं.
अस्थियों को नर्मदा में भी विसर्जित किया
कोरोना जैसी महामारी में जब कोई किसी के काम नहीं आ रहा था. उस वक्त अजीत जैन बड़वानी शहर में कई लोगों को अपनी तरफ से मदद मुहौया करा रहे थे. कोरोना काल में जब लॉकडाउन लगा हुआ था, उस समय वे अपने निजी संसाधनों से लोगों के पास मदद पहुंचा रहे थे. इस दौरान अजीत जैन गरीबों को भोजन पहुंचाने में पीछे नहीं हटे. कोरोना काल में जिन लोगों की मौत हुई और जो लोग अपने परिवार के सदस्यों का अंतिम संस्कार नहीं कर पाए, ऐसे कई लोगों का विधि विधान के साथ अंतिम संस्कार कर उनकी अस्थियों को नर्मदा में भी विसर्जित भी किया.
अजीत जैन के साथ 10 लोग कर रहे काम
अजीत जैन के सहयोगी और समाजसेवी हरिओम ने बताया कि, ''अजीत इस क्षेत्र में भटकने वाले मानसिक और विक्षिप्त लोगों को नहला धुलाकर उनका अस्पताल में इलाज करवाते हैं और जब वह स्वस्थ हो जाते हैं, फिर उन्हें उनके परिवार के पास भिजवा देते हैं. अजीत जैन के साथ लगभग 10 लोग काम कर रहे हैं, जो भोजन बांटना मानसिक विक्षिप्त लोगों की सूचना देना और उन्हें उनके परिवारों से मिलवाने में सहायता करते हैं.''
