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दो करोड़ के बीमा के लिए दोस्त को जिंदा जलाया: खुद को मरा साबित कर जेल पहुंचा दंपती, पिता ने किया अंतिम संस्कार
Rewa, MP
मध्यप्रदेश के रीवा और उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों, लालच और मानवता—तीनों को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है।
रीवा निवासी एक शातिर दंपती ने कर्ज और बीमा के लालच में अपने ही दोस्त को न केवल जिंदा जलाया, बल्कि उसकी लाश को अपने ‘मृत शरीर’ के रूप में पेश कर बीमा क्लेम की साजिश रच डाली। इस योजना में उसने अपने बूढ़े पिता, परिजनों और समाज तक को धोखे में रखा।
पूरी योजना फिल्मी पटकथा जैसी, पर हकीकत बेहद भयावह
आरोपी सुनील सिंह पटेल और उसकी पत्नी हेमा सिंह पर आरोप है कि उन्होंने 2 करोड़ रुपए के बीमा और 45 लाख के कर्ज से छुटकारा पाने के लिए एक युवक विनय चौहान को पहले शराब पिलाकर बेसुध किया, फिर कार में बंद कर गैस सिलेंडर और कपूर से जिंदा जला दिया। यह घटना चित्रकूट के राजापुर थाना क्षेत्र में 29 जून की रात को घटी।
आरोपियों ने शव को सुनील के रूप में पहचान दिलवाकर उसका अंतिम संस्कार करा दिया। सुनील की पत्नी हेमा ने पुलिस और परिजनों को भरोसे में लेने के लिए विधवा जैसा व्यवहार किया — सिंदूर मिटाया, मंगलसूत्र उतारा और शोक प्रकट किया।
असली सच तब सामने आया जब सुनील जिंदा मिला
एक हफ्ते तक गांववाले और सुनील के बूढ़े पिता अवध बिहारी सिंह बेटे की आत्मा की शांति के लिए अंतिम संस्कार, पिंडदान और मृत्यु भोज तक की तैयारी कर चुके थे। तभी खबर आई कि सुनील चित्रकूट में नहीं मरा, बल्कि रीवा में जिंदा देखा गया है।
पुलिस ने जब सुनील और हेमा को आनंदपुर गांव से गिरफ्तार किया, तो पूरा मामला उजागर हुआ। विनय चौहान की पहचान के लिए डीएनए परीक्षण कराया गया है। पुलिस ने हत्या, साजिश, धोखाधड़ी और सबूत मिटाने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
पिता बोले — बेटे के लिए घट बांधा, अब सोच रहा हूं क्या करूं
सुनील के पिता अवध बिहारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने बेटे की अस्थियां गंगा में विसर्जित कर दी थीं। उन्होंने कहा, “मैं बेटे की मृत्यु भोज की तैयारी में जुटा था, अब उसके जिंदा मिलने की खबर मिली है तो समझ नहीं आ रहा कि क्या करूं। समाज में किस मुंह से बाहर निकलूं।”
कैसे रची गई साजिश
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यूट्यूब से सीखा पूरा प्लान
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सिलेंडर और कपूर एक दिन पहले खरीदे
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बॉडी स्प्रे और खराब टायर भी जलने में उपयोग
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हत्या के लिए चुना सुनसान इलाका
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कार में शव को जलाकर खुद को मृत घोषित किया
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पत्नी ने लाश की पहचान कर पुलिस को गुमराह किया
पुलिस ने सुनील और हेमा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मृतक विनय के परिवार को न्याय दिलाने और मासूम बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रशासन सतर्क है।
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दो करोड़ के बीमा के लिए दोस्त को जिंदा जलाया: खुद को मरा साबित कर जेल पहुंचा दंपती, पिता ने किया अंतिम संस्कार
Rewa, MP
रीवा निवासी एक शातिर दंपती ने कर्ज और बीमा के लालच में अपने ही दोस्त को न केवल जिंदा जलाया, बल्कि उसकी लाश को अपने ‘मृत शरीर’ के रूप में पेश कर बीमा क्लेम की साजिश रच डाली। इस योजना में उसने अपने बूढ़े पिता, परिजनों और समाज तक को धोखे में रखा।
पूरी योजना फिल्मी पटकथा जैसी, पर हकीकत बेहद भयावह
आरोपी सुनील सिंह पटेल और उसकी पत्नी हेमा सिंह पर आरोप है कि उन्होंने 2 करोड़ रुपए के बीमा और 45 लाख के कर्ज से छुटकारा पाने के लिए एक युवक विनय चौहान को पहले शराब पिलाकर बेसुध किया, फिर कार में बंद कर गैस सिलेंडर और कपूर से जिंदा जला दिया। यह घटना चित्रकूट के राजापुर थाना क्षेत्र में 29 जून की रात को घटी।
आरोपियों ने शव को सुनील के रूप में पहचान दिलवाकर उसका अंतिम संस्कार करा दिया। सुनील की पत्नी हेमा ने पुलिस और परिजनों को भरोसे में लेने के लिए विधवा जैसा व्यवहार किया — सिंदूर मिटाया, मंगलसूत्र उतारा और शोक प्रकट किया।
असली सच तब सामने आया जब सुनील जिंदा मिला
एक हफ्ते तक गांववाले और सुनील के बूढ़े पिता अवध बिहारी सिंह बेटे की आत्मा की शांति के लिए अंतिम संस्कार, पिंडदान और मृत्यु भोज तक की तैयारी कर चुके थे। तभी खबर आई कि सुनील चित्रकूट में नहीं मरा, बल्कि रीवा में जिंदा देखा गया है।
पुलिस ने जब सुनील और हेमा को आनंदपुर गांव से गिरफ्तार किया, तो पूरा मामला उजागर हुआ। विनय चौहान की पहचान के लिए डीएनए परीक्षण कराया गया है। पुलिस ने हत्या, साजिश, धोखाधड़ी और सबूत मिटाने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
पिता बोले — बेटे के लिए घट बांधा, अब सोच रहा हूं क्या करूं
सुनील के पिता अवध बिहारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने बेटे की अस्थियां गंगा में विसर्जित कर दी थीं। उन्होंने कहा, “मैं बेटे की मृत्यु भोज की तैयारी में जुटा था, अब उसके जिंदा मिलने की खबर मिली है तो समझ नहीं आ रहा कि क्या करूं। समाज में किस मुंह से बाहर निकलूं।”
कैसे रची गई साजिश
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यूट्यूब से सीखा पूरा प्लान
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सिलेंडर और कपूर एक दिन पहले खरीदे
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बॉडी स्प्रे और खराब टायर भी जलने में उपयोग
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हत्या के लिए चुना सुनसान इलाका
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कार में शव को जलाकर खुद को मृत घोषित किया
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पत्नी ने लाश की पहचान कर पुलिस को गुमराह किया
पुलिस ने सुनील और हेमा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मृतक विनय के परिवार को न्याय दिलाने और मासूम बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रशासन सतर्क है।
