इस पूरी घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिस पर अपनी सफाई में थाना प्रभारी बता रहे हैं कि वायरल किया जा रहा वीडियो अधूरा हैं, इसमें पूरे घटना क्रम को छिपाया गया है।
बताया गया कि चुरहट थाना अंतर्गत मिसिरगवां गांव निवासी गणपति पटेल पीएचई विभाग में कर्मचारी थे, जो ३१ जनवरी को सेवानिवृत्त हो गए। उनके सेवानिवृत्त होने पर पुलिस आर्यन पटेल अपने साथ प्रकाश पटेल, कार्तिक पटेल सहित अन्य के साथ पिता को डीजे में गाना नृत्य के साथ घर जा रहे थे।
जैसे ही काफिला 31 दिसंबर दोपहर करीब चार बजे पुलिस कॉलोनी चुरहट पहुंचा, उस दौरान थाना प्रभारी निरीक्षक पुष्पेंद्र मिश्रा नीद में थे, डीजे के तेज आवाज के कारण उनकी नींद खुल गए और वे गुस्से में आ गए, बाहर निकलकर गाली-गलौज करते हुए थाना से पुलिस बल को बुलवाकर आर्यन पटेल व उसके साथ प्रकाश व कार्तिक पटेल को डीजे वाले वाहन में बिठाकर थाना भेज दिए। जिनके खिलाफ मप्र कोलाहल अधिनियम के तहत अपराध पंजीवद्ध कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
घटना की करीब चार मिनट की वीडियो वायरल होने के बाद थाना प्रभारी कुछ अलग ही कारण बयां कर रहे हैं। थाना प्रभारी पुष्पेंद्र मिश्रा का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की वीडियो 50 मिनट की है, जो वायरल किया जा रहा है, वह क्राप करके अपनी सुविधा अनुसार प्रसारित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्त गणपति पटेल के काफिले में शामिल कुछ लोग मादक पदार्थ का सेवन किया थे, जो पुलिस लाइन से गुजर रहे थे।
छात्र परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं, डीजे की तेज आवाज के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। जिस पर कॉलोनी में रहने वाले कुछ पुलिसकर्मी तेज आवाज में डीजे बजाने से मना किया गया। जिससे काफिले में शामिल कुछ लोग अभद्रता करते हुए मारपीट पर उतारू हो गए, जिसकी जानकारी मुझे दी गई। मैं भी आराम कर रहा था, जिस ड्रेस में था उसी ड्रेस में बाहर निकलकर थाना से अतिरिक्त बल बुलवाकर कार्रवाई किया हूं।
इधर, सीधी के पुलिस अधीक्षक डॉ रविंद्र वर्मा ने बताया कि वीडियो के संबंध में मुझे भी जानकारी प्राप्त हुई है, जिसकी जांच करवाई जा रही है, जांच प्रतिवेदन आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

