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रीवा के नए एसपी बने गुरुकरण सिंह, बोले- कानून-व्यवस्था पर रहेगा पूरा फोकस
रीवा
रीवा के नए एसपी गुरुकरण सिंह ने पदभार संभाल लिया है। पूर्व एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने पुलिस बल की कमी और ट्रैफिक को बड़ी चुनौती बताया।
रीवा जिले को नया पुलिस अधीक्षक मिल गया है। 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी गुरुकरण सिंह ने बुधवार को रीवा के नए एसपी के रूप में पदभार संभाल लिया। रीवा एसपी का चार्ज लेने के बाद उन्होंने पूर्व पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान से मुलाकात की और जिले की कानून-व्यवस्था, लंबित मामलों और मौजूदा पुलिसिंग व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की। पदभार ग्रहण करते ही गुरुकरण सिंह ने साफ किया कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराध पर नियंत्रण और पुलिसिंग को और मजबूत करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने बताया कि रीवा उनके लिए नया नहीं है। वह करीब 11 साल पहले यहां प्रशिक्षु आईपीएस के तौर पर काम कर चुके हैं और थाना स्तर की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। ऐसे में जिले की भौगोलिक और प्रशासनिक स्थिति से वह पहले से परिचित हैं। पुलिस मुख्यालय में दिनभर हलचल रही और अधिकारियों के बीच नए कप्तान को लेकर चर्चा भी होती रही।
गुरुकरण सिंह मूल रूप से पंजाब के रहने वाले हैं और प्रशासनिक सख्ती के साथ फील्ड अनुभव रखने वाले अधिकारी माने जाते हैं। आमद के बाद उन्होंने साफ संकेत दिए कि अपराध नियंत्रण में किसी तरह की ढिलाई नहीं होगी। अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने शुरुआती बातचीत में ही कानून-व्यवस्था की समीक्षा, थानों की कार्यप्रणाली और संवेदनशील इलाकों की स्थिति को प्राथमिक तौर पर समझने की कोशिश की। उधर, रीवा से विदा ले रहे शैलेंद्र सिंह चौहान ने भी जिले की जमीनी चुनौतियों को खुलकर रखा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि रीवा संभागीय मुख्यालय होने के बावजूद यहां पुलिस बल की कमी लगातार बड़ी समस्या बनी हुई है। उनका कहना था कि बढ़ती आबादी, विस्तृत क्षेत्र और लगातार बढ़ते प्रशासनिक दबाव के बीच मौजूदा बल कई बार कम पड़ जाता है। ऐसे में नई भर्ती में आने वाले जवानों की तैनाती रीवा में की जाए तो हालात काफी बेहतर हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि यह मुद्दा लंबे समय से पुलिस विभाग के भीतर भी चर्चा का विषय रहा है।
शैलेंद्र सिंह चौहान ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को भी रीवा की स्थायी चुनौतियों में गिना। उनका कहना था कि सिर्फ पुलिस बल बढ़ाने से ही बात नहीं बनेगी, शहर में ट्रैफिक सुधार के लिए रोड इंजीनियरिंग, बेहतर प्लानिंग और बुनियादी ढांचे पर गंभीर काम करना होगा। उन्होंने माना कि शहर का विस्तार तेजी से हुआ है लेकिन ट्रैफिक प्रबंधन उसी रफ्तार से मजबूत नहीं हो पाया। देर शाम एसपी कार्यालय में विदाई से पहले मीडिया से बात करते हुए उन्होंने अपने कार्यकाल को टीम आधारित बताया। उन्होंने कहा कि कई अहम मामलों में पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई की और अपराध नियंत्रण में सकारात्मक नतीजे मिले, लेकिन यह काम अकेले संभव नहीं था। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की सराहना की और कहा कि टीम वर्क ही किसी भी जिले की पुलिस व्यवस्था की असली ताकत होती है। गौरतलब है कि शैलेंद्र सिंह चौहान का डीआईजी पद पर प्रमोशन हो चुका है और उनकी नई पदस्थापना भोपाल में हुई है। उनकी जगह अब गुरुकरण सिंह ने रीवा एसपी की जिम्मेदारी संभाल ली है।
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रीवा के नए एसपी बने गुरुकरण सिंह, बोले- कानून-व्यवस्था पर रहेगा पूरा फोकस
रीवा
रीवा जिले को नया पुलिस अधीक्षक मिल गया है। 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी गुरुकरण सिंह ने बुधवार को रीवा के नए एसपी के रूप में पदभार संभाल लिया। रीवा एसपी का चार्ज लेने के बाद उन्होंने पूर्व पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान से मुलाकात की और जिले की कानून-व्यवस्था, लंबित मामलों और मौजूदा पुलिसिंग व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की। पदभार ग्रहण करते ही गुरुकरण सिंह ने साफ किया कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराध पर नियंत्रण और पुलिसिंग को और मजबूत करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने बताया कि रीवा उनके लिए नया नहीं है। वह करीब 11 साल पहले यहां प्रशिक्षु आईपीएस के तौर पर काम कर चुके हैं और थाना स्तर की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। ऐसे में जिले की भौगोलिक और प्रशासनिक स्थिति से वह पहले से परिचित हैं। पुलिस मुख्यालय में दिनभर हलचल रही और अधिकारियों के बीच नए कप्तान को लेकर चर्चा भी होती रही।
गुरुकरण सिंह मूल रूप से पंजाब के रहने वाले हैं और प्रशासनिक सख्ती के साथ फील्ड अनुभव रखने वाले अधिकारी माने जाते हैं। आमद के बाद उन्होंने साफ संकेत दिए कि अपराध नियंत्रण में किसी तरह की ढिलाई नहीं होगी। अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने शुरुआती बातचीत में ही कानून-व्यवस्था की समीक्षा, थानों की कार्यप्रणाली और संवेदनशील इलाकों की स्थिति को प्राथमिक तौर पर समझने की कोशिश की। उधर, रीवा से विदा ले रहे शैलेंद्र सिंह चौहान ने भी जिले की जमीनी चुनौतियों को खुलकर रखा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि रीवा संभागीय मुख्यालय होने के बावजूद यहां पुलिस बल की कमी लगातार बड़ी समस्या बनी हुई है। उनका कहना था कि बढ़ती आबादी, विस्तृत क्षेत्र और लगातार बढ़ते प्रशासनिक दबाव के बीच मौजूदा बल कई बार कम पड़ जाता है। ऐसे में नई भर्ती में आने वाले जवानों की तैनाती रीवा में की जाए तो हालात काफी बेहतर हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि यह मुद्दा लंबे समय से पुलिस विभाग के भीतर भी चर्चा का विषय रहा है।
शैलेंद्र सिंह चौहान ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को भी रीवा की स्थायी चुनौतियों में गिना। उनका कहना था कि सिर्फ पुलिस बल बढ़ाने से ही बात नहीं बनेगी, शहर में ट्रैफिक सुधार के लिए रोड इंजीनियरिंग, बेहतर प्लानिंग और बुनियादी ढांचे पर गंभीर काम करना होगा। उन्होंने माना कि शहर का विस्तार तेजी से हुआ है लेकिन ट्रैफिक प्रबंधन उसी रफ्तार से मजबूत नहीं हो पाया। देर शाम एसपी कार्यालय में विदाई से पहले मीडिया से बात करते हुए उन्होंने अपने कार्यकाल को टीम आधारित बताया। उन्होंने कहा कि कई अहम मामलों में पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई की और अपराध नियंत्रण में सकारात्मक नतीजे मिले, लेकिन यह काम अकेले संभव नहीं था। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की सराहना की और कहा कि टीम वर्क ही किसी भी जिले की पुलिस व्यवस्था की असली ताकत होती है। गौरतलब है कि शैलेंद्र सिंह चौहान का डीआईजी पद पर प्रमोशन हो चुका है और उनकी नई पदस्थापना भोपाल में हुई है। उनकी जगह अब गुरुकरण सिंह ने रीवा एसपी की जिम्मेदारी संभाल ली है।
