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ग्वालियर में सरकारी जमीन पर कॉलोनी निर्माण का मामला, प्रशासन ने हाईकोर्ट में मानी अतिक्रमण की बात
ग्वालियर (म.प्र.)
ब्लू लोटस कॉलोनी विवाद में भू-राजस्व कानून के तहत नोटिस जारी, टीएनसीपी ने कहा- संबंधित सर्वे नंबरों को नहीं दी गई थी मंजूरी
पुरानी छावनी क्षेत्र की ब्लू लोटस कॉलोनी को लेकर चल रहे जमीन विवाद में प्रशासन ने हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। सुनवाई के दौरान शासन की ओर से बताया गया कि सरकारी जमीन पर हुए कथित अतिक्रमण को हटाने के लिए मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता की धारा 248 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। मामला अटल द्वार-साडा रोड के पास स्थित कॉलोनी से जुड़ा है। आरोप है कि कॉलोनी विकसित करते समय सरकारी जमीन का इस्तेमाल सड़क निर्माण, बाउंड्रीवाल और अन्य विकास कार्यों के लिए किया गया।
प्रशासन की ओर से कोर्ट में कहा गया कि जिन सर्वे नंबरों को लेकर शिकायत की गई है, उन जमीनों पर टीएनसीपी (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) की ओर से विकास की अनुमति जारी नहीं की गई थी। इस जवाब के बाद मामले में नया मोड़ आया है, क्योंकि एक तरफ प्रशासन जमीन को सरकारी बता रहा है, वहीं दूसरी ओर उस क्षेत्र में कॉलोनी से जुड़े निर्माण कार्य होने की बात सामने आई है।
9 सर्वे नंबरों की जमीन को लेकर विवाद
शिकायतकर्ता चंद्रेश त्यागी ने ब्लू लोटस कॉलोनी में सरकारी जमीन शामिल किए जाने का आरोप लगाया था। शिकायत में पुरानी छावनी क्षेत्र के 9 सर्वे नंबरों की करीब 1.212 हेक्टेयर जमीन को सरकारी बताया गया है। शिकायत में इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब 25 करोड़ रुपए बताई गई थी। इसके बाद मामले की जांच और सीमांकन को लेकर कार्रवाई शुरू हुई।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई प्रक्रिया
मामले में हाईकोर्ट ने 15 जून को जमीन का सीमांकन कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद 14 जुलाई को नगर निगम की ओर से राजस्व विभाग को सीमांकन प्रक्रिया के लिए पत्र भेजा गया। हालांकि, बाद में कोर्ट में दिए गए जवाब को लेकर भी सवाल उठे। निगम की ओर से आदेश का पालन होने की बात कही गई थी, लेकिन रिकॉर्ड में यह भी दर्ज था कि वास्तविक सीमांकन की प्रक्रिया राजस्व अधिकारियों द्वारा पूरी की जानी बाकी थी।
टीएनसीपी के जवाब से बढ़ी स्थिति की गंभीरता
सुनवाई के दौरान टीएनसीपी की ओर से दिए गए जवाब में कहा गया कि विवादित सर्वे नंबरों के लिए विभाग ने विकास अनुमति जारी नहीं की थी। इससे यह सवाल खड़ा हुआ कि यदि संबंधित जमीन पर कॉलोनी निर्माण से जुड़े काम हुए हैं, तो उनकी अनुमति किस आधार पर और किस स्तर से मिली।
प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई
अब प्रशासन ने संबंधित जमीन को लेकर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत संबंधित पक्षों को भू-राजस्व संहिता की धारा 248 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं।मामले में आगे की कार्रवाई नोटिस के जवाब और प्रशासनिक जांच के आधार पर की जाएगी।
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