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महाकालेश्वर मंदिर में होलिका दहन, बाबा महाकाल को लगाया रंग-गुलाल
Ujjain, MP
मध्य प्रदेश के महाकालेश्वर मंदिर में होलिका दहन धूमधाम से मनाया गया. शुक्रवार को भक्त परिसर में महाकाल के साथ होली खेलेंगे.
देशभर में गुरुवार को होलिका दहन मनाया जा रहा है. दूसरे दिन शुक्रवार को होली का त्योहार मनाया जाएगा. मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में स्थित महाकालेश्वर मंदिर में आज होलिका दहन धूमधाम से मनाई गई. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है. अग्नि समापन का प्रतीक होती है, जबकि अगले दिन मनाया जाने वाला रंगोत्सव नवसृजन और उत्साह का प्रतीक माना जाता है.
सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को दिया प्रवेश
महाकाल मंदिर परिसर में पंडित-पुरोहित की मौजूदगी में विधि-विधान से होलिका दहन कराई गई. इस दौरान श्रद्धालु भी मौजूद रहे. पिछली बार महाकालेश्वर मंदिर में हुए अग्निकांड के बाद श्रद्धालुओं को सीमित मात्रा में ही मंदिर में प्रवेश दिया गया. इसके साथ ही पुजारी को सीमित मात्रा में गुलाल देकर भगवान पर अर्पित करने की अनुमति दी गई थी. वहीं आग की घटना से निपटने के लिए फायर सिस्टम लगाए गए थे.
महाकाल मंदिर में हुआ होलिका दहन
इस अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई. संध्या आरती से पहले नैवेद्य कक्ष में श्री चंद्रमोलेश्वर भगवान, कोटितीर्थ कुंड पर श्री कोटेश्वर और श्री रामेश्वर, व सभा मंडप में श्री वीरभद्र को गुलाल अर्पित की गई. इसके बाद संध्या आरती के दौरान भगवान श्री महाकालेश्वर को शक्कर की माला धारण करवाई गई और हर्बल गुलाल अर्पित की गई.


पुजारी ने विधि-विधान से संपन्न कराई होलिका दहन की पूजा
संध्या आरती संपन्न होने के बाद, मंदिर परिसर में स्थित ओंकारेश्वर मंदिर के सामने परंपरा अनुसार होलिका दहन किया गया. मुख्य पुजारी घनश्याम शर्मा ने विधिवत पूजन और आरती कर होलिका दहन की प्रक्रिया संपन्न कराई. मान्यता है कि यह होलिका विश्व में सबसे पहले प्रज्वलित होने वाली होलिकाओं में से एक है. होलिका दहन के बाद मंदिर परिसर में होली खेली गई, लेकिन इस दौरान सारे नियमों का पालन किया गया.

साल 2024 में महाकाल मंदिर में हुआ था हादसा
गौरतलब है कि साल 2024 में 25 मार्च को होली के मौके पर महाकाल मंदिर में बड़ा हादसा हो गया था. भस्म आरती के दौरान अचानक गर्भगृह में आग लग गई थी. इस घटना में करीब 14 पुजारी झुलस गए थे. घटना सुबह करीब 5:45 पर हुई थी. इस घटना के मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए थे. जांच रिपोर्ट में सामने आया था कि गर्भगृह में गुलाल की वजह से आग लगी थी. इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लेकर प्रदेश के सभी नेताओं ने दुख जताया था. घटना के बाद मंदिर में मुंबई से फायर सेफ्टी की टीम उज्जैन पहुंची थी. जिसने गर्भगृह, नंदी हॉल से लेकर तमाम जगह की नापती की थी. फायर सेफ्टी लगाई गई थी.
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महाकालेश्वर मंदिर में होलिका दहन, बाबा महाकाल को लगाया रंग-गुलाल
Ujjain, MP
देशभर में गुरुवार को होलिका दहन मनाया जा रहा है. दूसरे दिन शुक्रवार को होली का त्योहार मनाया जाएगा. मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में स्थित महाकालेश्वर मंदिर में आज होलिका दहन धूमधाम से मनाई गई. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है. अग्नि समापन का प्रतीक होती है, जबकि अगले दिन मनाया जाने वाला रंगोत्सव नवसृजन और उत्साह का प्रतीक माना जाता है.
सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को दिया प्रवेश
महाकाल मंदिर परिसर में पंडित-पुरोहित की मौजूदगी में विधि-विधान से होलिका दहन कराई गई. इस दौरान श्रद्धालु भी मौजूद रहे. पिछली बार महाकालेश्वर मंदिर में हुए अग्निकांड के बाद श्रद्धालुओं को सीमित मात्रा में ही मंदिर में प्रवेश दिया गया. इसके साथ ही पुजारी को सीमित मात्रा में गुलाल देकर भगवान पर अर्पित करने की अनुमति दी गई थी. वहीं आग की घटना से निपटने के लिए फायर सिस्टम लगाए गए थे.
महाकाल मंदिर में हुआ होलिका दहन
इस अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई. संध्या आरती से पहले नैवेद्य कक्ष में श्री चंद्रमोलेश्वर भगवान, कोटितीर्थ कुंड पर श्री कोटेश्वर और श्री रामेश्वर, व सभा मंडप में श्री वीरभद्र को गुलाल अर्पित की गई. इसके बाद संध्या आरती के दौरान भगवान श्री महाकालेश्वर को शक्कर की माला धारण करवाई गई और हर्बल गुलाल अर्पित की गई.


पुजारी ने विधि-विधान से संपन्न कराई होलिका दहन की पूजा
संध्या आरती संपन्न होने के बाद, मंदिर परिसर में स्थित ओंकारेश्वर मंदिर के सामने परंपरा अनुसार होलिका दहन किया गया. मुख्य पुजारी घनश्याम शर्मा ने विधिवत पूजन और आरती कर होलिका दहन की प्रक्रिया संपन्न कराई. मान्यता है कि यह होलिका विश्व में सबसे पहले प्रज्वलित होने वाली होलिकाओं में से एक है. होलिका दहन के बाद मंदिर परिसर में होली खेली गई, लेकिन इस दौरान सारे नियमों का पालन किया गया.

साल 2024 में महाकाल मंदिर में हुआ था हादसा
गौरतलब है कि साल 2024 में 25 मार्च को होली के मौके पर महाकाल मंदिर में बड़ा हादसा हो गया था. भस्म आरती के दौरान अचानक गर्भगृह में आग लग गई थी. इस घटना में करीब 14 पुजारी झुलस गए थे. घटना सुबह करीब 5:45 पर हुई थी. इस घटना के मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए थे. जांच रिपोर्ट में सामने आया था कि गर्भगृह में गुलाल की वजह से आग लगी थी. इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लेकर प्रदेश के सभी नेताओं ने दुख जताया था. घटना के बाद मंदिर में मुंबई से फायर सेफ्टी की टीम उज्जैन पहुंची थी. जिसने गर्भगृह, नंदी हॉल से लेकर तमाम जगह की नापती की थी. फायर सेफ्टी लगाई गई थी.
