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विदिशा रेलवे स्टेशन पर मानव तस्करी का पर्दाफाश: 20 नाबालिग बच्चे रेस्क्यू, 6 तस्कर गिरफ्तार
vidisha, MP
मध्यप्रदेश के विदिशा रेलवे स्टेशन पर मानव तस्करी का बड़ा खुलासा हुआ है। आरपीएफ और सोशल वेलफेयर सोसाइटी की संयुक्त कार्रवाई में 20 नाबालिग बच्चों को बचाया गया, जिन्हें कथित तौर पर सूरत ले जाकर साड़ी फैक्ट्रियों में मजदूरी कराने की योजना थी।
इस पूरे ऑपरेशन में 6 तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कुछ आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।
बताया जा रहा है कि ये सभी बच्चे बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले हैं और मुंबई होते हुए सूरत पहुंचाए जा रहे थे। इनसे बालश्रम कराना तस्करों का उद्देश्य था। विदिशा सोशल वेलफेयर सोसाइटी की दीपा शर्मा ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि ट्रेन के माध्यम से बड़ी संख्या में नाबालिगों को तस्करी के लिए ले जाया जा रहा है।
सुबह 5 बजे की गई कार्रवाई
टीम ने आरपीएफ के साथ मिलकर रातभर स्टेशन पर निगरानी की। जैसे ही सुबह 5 बजे संबंधित ट्रेन स्टेशन पर रुकी, फौरन चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकी गई और उसमें से 34 लोगों को उतारा गया। इनमें से 20 बच्चे नाबालिग पाए गए, जिन्हें तत्काल रेस्क्यू किया गया। कुछ बच्चे ट्रेन से आगे बढ़ चुके थे, जिन्हें उज्जैन स्टेशन पर रोका गया।
पूछताछ में जुटी पुलिस
फिलहाल जीआरपी थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह और उनकी टीम गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ कर रही है। रेस्क्यू किए गए बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और अस्थाई रूप से बाल संप्रेषण गृह में रखा जाएगा। जांच के बाद यह तय किया जाएगा कि बच्चों को उनके घर भेजा जाएगा या नहीं।
इस कार्रवाई ने एक बार फिर मानव तस्करी के खतरनाक नेटवर्क को उजागर कर दिया है। प्रशासन अब पूरे गिरोह तक पहुंचने के प्रयास में जुट गया है।
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विदिशा रेलवे स्टेशन पर मानव तस्करी का पर्दाफाश: 20 नाबालिग बच्चे रेस्क्यू, 6 तस्कर गिरफ्तार
vidisha, MP
इस पूरे ऑपरेशन में 6 तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कुछ आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।
बताया जा रहा है कि ये सभी बच्चे बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले हैं और मुंबई होते हुए सूरत पहुंचाए जा रहे थे। इनसे बालश्रम कराना तस्करों का उद्देश्य था। विदिशा सोशल वेलफेयर सोसाइटी की दीपा शर्मा ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि ट्रेन के माध्यम से बड़ी संख्या में नाबालिगों को तस्करी के लिए ले जाया जा रहा है।
सुबह 5 बजे की गई कार्रवाई
टीम ने आरपीएफ के साथ मिलकर रातभर स्टेशन पर निगरानी की। जैसे ही सुबह 5 बजे संबंधित ट्रेन स्टेशन पर रुकी, फौरन चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकी गई और उसमें से 34 लोगों को उतारा गया। इनमें से 20 बच्चे नाबालिग पाए गए, जिन्हें तत्काल रेस्क्यू किया गया। कुछ बच्चे ट्रेन से आगे बढ़ चुके थे, जिन्हें उज्जैन स्टेशन पर रोका गया।
पूछताछ में जुटी पुलिस
फिलहाल जीआरपी थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह और उनकी टीम गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ कर रही है। रेस्क्यू किए गए बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और अस्थाई रूप से बाल संप्रेषण गृह में रखा जाएगा। जांच के बाद यह तय किया जाएगा कि बच्चों को उनके घर भेजा जाएगा या नहीं।
इस कार्रवाई ने एक बार फिर मानव तस्करी के खतरनाक नेटवर्क को उजागर कर दिया है। प्रशासन अब पूरे गिरोह तक पहुंचने के प्रयास में जुट गया है।
