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नौकरी का झांसा देकर बेरोजगारों से लाखों की ठगी, सैकड़ों पहुंचे थाने
Rewa, MP
रोजगार की तलाश में भटक रहे सैकड़ों युवाओं के साथ धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। एक कथित नेटवर्किंग कंपनी ने नौकरी का सपना दिखाकर युवाओं से लाखों रुपये ऐंठ लिए। जब धोखाधड़ी का पर्दाफाश हुआ, तो सैकड़ों युवक-युवतियां पुलिस स्टेशन पहुंचकर न्याय की गुहार लगाने लगे।
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, "वैल्यू नेटवर्क" नाम की एक कंपनी ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर प्रत्येक युवक-युवती से 15 से 20 हजार रुपये तक वसूले। इसके बाद हर व्यक्ति को चार अन्य लोगों को जोड़ने का टारगेट दिया गया। यह सिलसिला करीब दो साल तक चलता रहा। इस दौरान बेरोजगारों की भीड़ बढ़ती गई, लेकिन असल में किसी को कोई नौकरी नहीं मिली। वहीं, नेटवर्क चलाने वाले लोग इस दौरान मोटी कमाई करते रहे।
बेरोजगारों ने जब अपने काम और नियुक्ति के संबंध में सवाल उठाने शुरू किए, तो "वैल्यू नेटवर्क" का ऑफिस अचानक बंद हो गया। पीड़ितों ने जब संचालकों की तलाश शुरू की, तो पता चला कि दोनों मुख्य आरोपी—निर्मल कुमार और मुनिराज विश्वकर्मा—फरार हो चुके हैं।
फरियादियों का कहना है कि ये ठगी खासतौर पर ग्रामीण इलाकों से आए युवाओं को निशाना बनाकर की गई, जो आपसी परिचय के जरिए इस जाल में फंसे। अब न तो उन्हें नौकरी मिली और न ही जमा की गई रकम वापस मिल रही है।
पीड़ितों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है और मांग की है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके पैसे वापस दिलवाए जाएं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
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नौकरी का झांसा देकर बेरोजगारों से लाखों की ठगी, सैकड़ों पहुंचे थाने
Rewa, MP
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, "वैल्यू नेटवर्क" नाम की एक कंपनी ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर प्रत्येक युवक-युवती से 15 से 20 हजार रुपये तक वसूले। इसके बाद हर व्यक्ति को चार अन्य लोगों को जोड़ने का टारगेट दिया गया। यह सिलसिला करीब दो साल तक चलता रहा। इस दौरान बेरोजगारों की भीड़ बढ़ती गई, लेकिन असल में किसी को कोई नौकरी नहीं मिली। वहीं, नेटवर्क चलाने वाले लोग इस दौरान मोटी कमाई करते रहे।
बेरोजगारों ने जब अपने काम और नियुक्ति के संबंध में सवाल उठाने शुरू किए, तो "वैल्यू नेटवर्क" का ऑफिस अचानक बंद हो गया। पीड़ितों ने जब संचालकों की तलाश शुरू की, तो पता चला कि दोनों मुख्य आरोपी—निर्मल कुमार और मुनिराज विश्वकर्मा—फरार हो चुके हैं।
फरियादियों का कहना है कि ये ठगी खासतौर पर ग्रामीण इलाकों से आए युवाओं को निशाना बनाकर की गई, जो आपसी परिचय के जरिए इस जाल में फंसे। अब न तो उन्हें नौकरी मिली और न ही जमा की गई रकम वापस मिल रही है।
पीड़ितों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है और मांग की है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके पैसे वापस दिलवाए जाएं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
