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'हनुमान बनकर आया हूं, सुधर जाओ, गर्दन पकड़ ले जाऊंगा थाने', 'चोरों के गांव' में SP की चेतावनी
Rajgad, MP
'प्रशासन के हनुमान के रूप में आपके पास आया हूं. क्राइम करने वाले सुधर जाएं वरना बुरा होगा.' यह चेतावनी राजगढ़ एसपी ने दी है.
मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के कड़िया सांसी गांव में श्रीराम कथा के समापन अवसर पर जनप्रतिनिधियों के साथ राजगढ़ एसपी आदित्य मिश्रा भी शामिल हुए. उन्होंने अपने संबोधन में एक और जहां अवैध गतिविधियों में लिप्त रहने वाले लोगों को अच्छे कार्य की तरफ आकर्षित करने के लिए प्रेरित किया. वहीं न सुधरने वाले लोगों को बड़े ही प्यार और दुलार के साथ अल्टीमेटम भी दिया. बता दें कि कड़ियां सांसी गांव चोरी की घटनाओं के लिए बदनाम है.
'गांव की सबसे बड़ी और आखिरी पंचायत में ही लूंगा'
एसपी के इस अंदाज की हर कोई सराहना कर रहा है. उन्होंने अपने फर्ज के साथ-साथ मानवता का फर्ज निभाते हुए बुरे कामों से आरोपियों के परिवार को होने वाली परेशानी से भी रुबरु कराया. एसपी ने अपने संबोधन में कहा कि, अवैध गतिविधियों में लिप्त रहने वाले लोगों का बहिष्कार कीजिए और पुलिस को सूचना देकर ऐसे लोगों को जेल में बंद कराइए. मैं आपके साथ खड़ा हूं. मैंने पिछली बार कहा था, यदि कोई भी व्यक्ति पुलिस को सूचना दे और उसे कोई धमकी दे,तो ध्यान रखना, इस गांव की सबसे बड़ी और आखिरी पंचायत में ही लूंगा.'' उन्होंने कहा कि, ''यही लोग अपराध और चोरों का विरोध करेंगे तो हालात सुधर जाएंगे.''
हनुमान जी भी पुलिस की तरह थे
राजगढ़ एसपी आदित्य मिश्रा ने भगवान हनुमान का उदाहरण देते हुए कहा कि, भगवान हनुमान भी पुलिस की तरह थे. वो गए थे रावण के पास उसे समझाने के लिए कि, आपने गलती की है, गलती स्वीकार करो और सीता मैया को वापस भेज दो. लेकिन रावण तो रावण था सबने समझाने का प्रयास किया वो नहीं माना, तो लंका जल गई. इसलिए मेरा आपसे अनुरोध है कि प्रशासन के हनुमान के रूप में मैं आपके पास आया हूं.''
''मैं आपसे अनुरोध कर रहा हूं कि कृपया करके सही चीजों में आप लोग आगे बढ़ें. आप दो कदम चलेंगे में 20 कदम चलने के लिए तैयार हूं. लेकिन आप हमे कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर न करें, हमें भी छोटे बच्चे, माता बहने दिखाई देती हैं, जो आपकी जमानत के लिए वकीलों के हाथ पैर जोड़ती रहती हैं. अपने गहने गिरवी रखती हैं, उसके बाद जमानत कराती हैं. ऐसे जीवन का क्या सुख.''
मुख्य धारा से जुड़ने वाले लोगों से एसपी का वादा
जिन लोगों पर क्रिमिनल केस हैं और वह मुख्य धारा से जुड़ना चाहते हैं, उन्हें एसपी ने विश्वास दिलाया कि, ''एक मार्च के पहले के सभी केस की लीगल प्रोसेस आपके माध्यम से होगी. लेकिन एक मार्च के बाद का कोई भी फर्जी केस या किसी केस में आपका नाम नहीं होगा उसमें आपका नाम कताई नहीं आएगा. ऐसा न हो आपकी फोटो इसलिए अखबार में आए कि 3 किलो सोने के साथ पकड़े गए, बल्कि इसलिए आए कि इन्होंने अपने बच्चों को अच्छा पढ़कर अच्छे मुकाम तक पहुंचाया, जो यहां के बहुत से लोग कर रहे हैं.''
गर्दन पकड़कर घर से लेकर जाउंगा अराधियों को
राजगढ़ एसपी ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि, ''पंचायतों में जो घर तोड़ने वाली बातें होती हैं, तो मैं आपसे वादा करता हूं, यदि किसी भी चोर ने अगर मुखबिरी के नाम पर गांव के उन सामान्य जन को जो अपराधों में लिप्त नहीं हैं, यदि बाल भी उखाड़ लिया तो उसके लिए मुझसे बुरा कोई नहीं है. ये में लिखकर दे रहा हूं. यदि में गर्दन पकड़कर उसे घर से नहीं लेकर गया तो आप मेरा नाम बदल देना. ये में पिछले एक साल से बोल रहा हूं और हम कर भी रहे हैं. यदि गलत है तो गलत है और सजा मिलेगी.''
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'हनुमान बनकर आया हूं, सुधर जाओ, गर्दन पकड़ ले जाऊंगा थाने', 'चोरों के गांव' में SP की चेतावनी
Rajgad, MP
मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के कड़िया सांसी गांव में श्रीराम कथा के समापन अवसर पर जनप्रतिनिधियों के साथ राजगढ़ एसपी आदित्य मिश्रा भी शामिल हुए. उन्होंने अपने संबोधन में एक और जहां अवैध गतिविधियों में लिप्त रहने वाले लोगों को अच्छे कार्य की तरफ आकर्षित करने के लिए प्रेरित किया. वहीं न सुधरने वाले लोगों को बड़े ही प्यार और दुलार के साथ अल्टीमेटम भी दिया. बता दें कि कड़ियां सांसी गांव चोरी की घटनाओं के लिए बदनाम है.
'गांव की सबसे बड़ी और आखिरी पंचायत में ही लूंगा'
एसपी के इस अंदाज की हर कोई सराहना कर रहा है. उन्होंने अपने फर्ज के साथ-साथ मानवता का फर्ज निभाते हुए बुरे कामों से आरोपियों के परिवार को होने वाली परेशानी से भी रुबरु कराया. एसपी ने अपने संबोधन में कहा कि, अवैध गतिविधियों में लिप्त रहने वाले लोगों का बहिष्कार कीजिए और पुलिस को सूचना देकर ऐसे लोगों को जेल में बंद कराइए. मैं आपके साथ खड़ा हूं. मैंने पिछली बार कहा था, यदि कोई भी व्यक्ति पुलिस को सूचना दे और उसे कोई धमकी दे,तो ध्यान रखना, इस गांव की सबसे बड़ी और आखिरी पंचायत में ही लूंगा.'' उन्होंने कहा कि, ''यही लोग अपराध और चोरों का विरोध करेंगे तो हालात सुधर जाएंगे.''
हनुमान जी भी पुलिस की तरह थे
राजगढ़ एसपी आदित्य मिश्रा ने भगवान हनुमान का उदाहरण देते हुए कहा कि, भगवान हनुमान भी पुलिस की तरह थे. वो गए थे रावण के पास उसे समझाने के लिए कि, आपने गलती की है, गलती स्वीकार करो और सीता मैया को वापस भेज दो. लेकिन रावण तो रावण था सबने समझाने का प्रयास किया वो नहीं माना, तो लंका जल गई. इसलिए मेरा आपसे अनुरोध है कि प्रशासन के हनुमान के रूप में मैं आपके पास आया हूं.''
''मैं आपसे अनुरोध कर रहा हूं कि कृपया करके सही चीजों में आप लोग आगे बढ़ें. आप दो कदम चलेंगे में 20 कदम चलने के लिए तैयार हूं. लेकिन आप हमे कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर न करें, हमें भी छोटे बच्चे, माता बहने दिखाई देती हैं, जो आपकी जमानत के लिए वकीलों के हाथ पैर जोड़ती रहती हैं. अपने गहने गिरवी रखती हैं, उसके बाद जमानत कराती हैं. ऐसे जीवन का क्या सुख.''
मुख्य धारा से जुड़ने वाले लोगों से एसपी का वादा
जिन लोगों पर क्रिमिनल केस हैं और वह मुख्य धारा से जुड़ना चाहते हैं, उन्हें एसपी ने विश्वास दिलाया कि, ''एक मार्च के पहले के सभी केस की लीगल प्रोसेस आपके माध्यम से होगी. लेकिन एक मार्च के बाद का कोई भी फर्जी केस या किसी केस में आपका नाम नहीं होगा उसमें आपका नाम कताई नहीं आएगा. ऐसा न हो आपकी फोटो इसलिए अखबार में आए कि 3 किलो सोने के साथ पकड़े गए, बल्कि इसलिए आए कि इन्होंने अपने बच्चों को अच्छा पढ़कर अच्छे मुकाम तक पहुंचाया, जो यहां के बहुत से लोग कर रहे हैं.''
गर्दन पकड़कर घर से लेकर जाउंगा अराधियों को
राजगढ़ एसपी ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि, ''पंचायतों में जो घर तोड़ने वाली बातें होती हैं, तो मैं आपसे वादा करता हूं, यदि किसी भी चोर ने अगर मुखबिरी के नाम पर गांव के उन सामान्य जन को जो अपराधों में लिप्त नहीं हैं, यदि बाल भी उखाड़ लिया तो उसके लिए मुझसे बुरा कोई नहीं है. ये में लिखकर दे रहा हूं. यदि में गर्दन पकड़कर उसे घर से नहीं लेकर गया तो आप मेरा नाम बदल देना. ये में पिछले एक साल से बोल रहा हूं और हम कर भी रहे हैं. यदि गलत है तो गलत है और सजा मिलेगी.''
