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भोपाल में आम लोगों के घरों के सामने शराबी पीने लगे शराब …….रोकने पर मारपीट और करते हैं तोड़फोड़------ शिकायत के बाद भी पुलिस कार्रवाई करने से बच रही
BHOPAL, MP
अगर आपके घर के सामने भी शराबी पीते हैं शराब तो पीने दो.... रोका तो आपकी जान पर बन आ सकती है... घर में तोड़-फोड़़ हो सकती है.... पुलिस के पास गए तो होगा कुछ नहीं…….
राजधानी भोपाल में पुलिस की लापरवाही किसी दिन आम लोगों के लिये कहीं मौत का कारण न बन जाए। दरअसल ऐसा इसलिए भी है कि शहर में इन दिनों शराबी बदमाश कॉलोनियों में किसी के भी घरों के सामने शराब पीते हुए देखे जा सकते हैं। आलम ये है कि पुलिस को सूचना देने के बाद भी पुलिस कार्रवाई करने से बचती है। भोपाल के अलग-अलग थाना इलाकों की कई कॉलोनियां ऐसी हैं जहां रात होते ही शराबी बदमाश सड़क पर ही बोतल खोलकर और चखना साथ रखकर नशा करते हुए देखे जाते हैं। ताज्जुब की बात तो ये है कि सूचना के बाद भी पुलिस कोई एक्शन नहीं ले रही है। आइये भोपाल से जुड़े कुछ मामलों पर नजर डालते हैं।
मामला नंबर एक] थाना कमला नगर
कमला नगर थाना क्षेत्र में बीते दशहरा वाले दिन जहां पूरे इलाके के लोग पूजन पाठ लगे थे तो वहीं शराबी बदमाशों ने यहां रहने वाले फरियादी यादवेन्द्र के घर के पास शराब पीना शुरू की….. ये देखकर फरियादी ने इसका विरोध किया] लेकिन विरोध करना शराबियों को रास नहीं आया और घर में घुसकर तोड़ फोड़ की और फरियादी के साथ जमकर मारपीट भी। इतना नहीं फरियादी यादवेन्द्र को बचाने आए भाई भूपेन्द्र को इस कदर पीटा की उसका सिर ही फाड़ दिया जिससे वह लहुलुहान हो गया। इस कदर खून खराबा हुआ कि आस पास के लोगों की बीच बचाव करने की हिम्मत ही नहीं हुई। जब खून बहा तब पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
मामला नंबर 2] पुलिस की लापरवाही से पत्रकार भी नहीं सुरक्षित
थाना अशोका गार्डन क्षेत्र की अधिकत्तर कॉलोनियों में रात होते ही शराबियों का जमावड़ा सड़को पर देखने को मिल रहा है। बीते दिनों यहां सुभाष कॉलोनी में रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार देवेन्द्र पटेल ने मंदिर के सामने शराब पीने वाले बदमाशों को फटकारते हुए भगाया था और पुलिस को सूचना भी दी थी। लेकिन बदमाशों को ये रास नहीं आया] कुछ दिन बीतने के बाद देर रात घर के बाहर खड़ी देवेन्द्र पटेल की कार के सभी शीशे तोड़कर फरार हो गए। मामले में पत्रकार ने न केवल पुलिस को शिकायत की बल्कि गाड़ी में तोड़ फोड़ करने वाले बदमाश को पकड़कर पुलिस के हवाले भी किया था। बदमाश ने कबूल भी किया कि उसने नशे में कार में तोड़फोड़ की] बावजूद इसके पुलिस ने बिना कोई कार्रवाई किये बदमाश को छोड़ दिया। पत्रकार देवेन्द्र पटेल ने बताया कि सुभाष कॉलोनी हनुमान मंदिर और चर्च के पीछे शराबियों का जमावड़ा लगता है] पुलिस को भी कई बार सूचना दी गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। इसी का नतीजा है कि शराबियों के होसले बुलंद है और पुलिस की लापरवाही के चलते पत्रकरों के साथ भी वारदात करने से नहीं चूक रहे।
मामला नंबर 3] शराब पीने से रोकने पर आरक्षक से की अभद्रता] पैर पर कार चढ़ाकर भागा
बीते अगस्त माह में भोपाल के बागसेवनिया थाने में पदस्थ आरक्षक रात्रिगष्त पर थे। इसी दौरान आरक्षक ने युवक को कार में बैठकर शराब पीते हुए देखा। आरक्षक ने उसे ऐसा करने से रोका और घर जाने की समझाइश दी। इस पर युवक अभद्रता करने लगा और भागने की कोशिश में आरक्षक के पैर पर कार का पहिया चढ़ा दिया।
रात में सड़क बनती है अहाता
भोपाल में आलम ये है कि शराब दुकानों के बाहर ही शराबी बोतल लेते ही सड़क को ही अहाता बना लेते हैं। नमकीन और गिलास खरीदकर सड़क किनारे बैठकर और ग्रुप बनाकर जाम छलकाना शुरू कर देते है। ऐसे नजारे शहर की सभी शराब दुकानों के बाहर आसानी से देखने को मिलते हैं] लेकिन पुलिस की नजरों में ये दिखाई नहीं देता। जबकि नियमों के अनुसार पब्लिक प्लेस पर शराब पीने पर पाबंदी है।
नई शराब नीति में बंद किए गए थे अहाते
सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2024 से प्रदेश में नई शराब नीति लागू की गई है। इसके तहत प्रदेशभर के अहाते बंद कर दिए गए हैं। नीति के तहत शराब दुकान स्कूल-कॉलेज, गर्ल्स हॉस्टल, धार्मिक स्थल से 100 मीटर दूर होना जरूरी है।
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भोपाल में आम लोगों के घरों के सामने शराबी पीने लगे शराब …….रोकने पर मारपीट और करते हैं तोड़फोड़------ शिकायत के बाद भी पुलिस कार्रवाई करने से बच रही
BHOPAL, MP
राजधानी भोपाल में पुलिस की लापरवाही किसी दिन आम लोगों के लिये कहीं मौत का कारण न बन जाए। दरअसल ऐसा इसलिए भी है कि शहर में इन दिनों शराबी बदमाश कॉलोनियों में किसी के भी घरों के सामने शराब पीते हुए देखे जा सकते हैं। आलम ये है कि पुलिस को सूचना देने के बाद भी पुलिस कार्रवाई करने से बचती है। भोपाल के अलग-अलग थाना इलाकों की कई कॉलोनियां ऐसी हैं जहां रात होते ही शराबी बदमाश सड़क पर ही बोतल खोलकर और चखना साथ रखकर नशा करते हुए देखे जाते हैं। ताज्जुब की बात तो ये है कि सूचना के बाद भी पुलिस कोई एक्शन नहीं ले रही है। आइये भोपाल से जुड़े कुछ मामलों पर नजर डालते हैं।
मामला नंबर एक] थाना कमला नगर
कमला नगर थाना क्षेत्र में बीते दशहरा वाले दिन जहां पूरे इलाके के लोग पूजन पाठ लगे थे तो वहीं शराबी बदमाशों ने यहां रहने वाले फरियादी यादवेन्द्र के घर के पास शराब पीना शुरू की….. ये देखकर फरियादी ने इसका विरोध किया] लेकिन विरोध करना शराबियों को रास नहीं आया और घर में घुसकर तोड़ फोड़ की और फरियादी के साथ जमकर मारपीट भी। इतना नहीं फरियादी यादवेन्द्र को बचाने आए भाई भूपेन्द्र को इस कदर पीटा की उसका सिर ही फाड़ दिया जिससे वह लहुलुहान हो गया। इस कदर खून खराबा हुआ कि आस पास के लोगों की बीच बचाव करने की हिम्मत ही नहीं हुई। जब खून बहा तब पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
मामला नंबर 2] पुलिस की लापरवाही से पत्रकार भी नहीं सुरक्षित
थाना अशोका गार्डन क्षेत्र की अधिकत्तर कॉलोनियों में रात होते ही शराबियों का जमावड़ा सड़को पर देखने को मिल रहा है। बीते दिनों यहां सुभाष कॉलोनी में रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार देवेन्द्र पटेल ने मंदिर के सामने शराब पीने वाले बदमाशों को फटकारते हुए भगाया था और पुलिस को सूचना भी दी थी। लेकिन बदमाशों को ये रास नहीं आया] कुछ दिन बीतने के बाद देर रात घर के बाहर खड़ी देवेन्द्र पटेल की कार के सभी शीशे तोड़कर फरार हो गए। मामले में पत्रकार ने न केवल पुलिस को शिकायत की बल्कि गाड़ी में तोड़ फोड़ करने वाले बदमाश को पकड़कर पुलिस के हवाले भी किया था। बदमाश ने कबूल भी किया कि उसने नशे में कार में तोड़फोड़ की] बावजूद इसके पुलिस ने बिना कोई कार्रवाई किये बदमाश को छोड़ दिया। पत्रकार देवेन्द्र पटेल ने बताया कि सुभाष कॉलोनी हनुमान मंदिर और चर्च के पीछे शराबियों का जमावड़ा लगता है] पुलिस को भी कई बार सूचना दी गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। इसी का नतीजा है कि शराबियों के होसले बुलंद है और पुलिस की लापरवाही के चलते पत्रकरों के साथ भी वारदात करने से नहीं चूक रहे।
मामला नंबर 3] शराब पीने से रोकने पर आरक्षक से की अभद्रता] पैर पर कार चढ़ाकर भागा
बीते अगस्त माह में भोपाल के बागसेवनिया थाने में पदस्थ आरक्षक रात्रिगष्त पर थे। इसी दौरान आरक्षक ने युवक को कार में बैठकर शराब पीते हुए देखा। आरक्षक ने उसे ऐसा करने से रोका और घर जाने की समझाइश दी। इस पर युवक अभद्रता करने लगा और भागने की कोशिश में आरक्षक के पैर पर कार का पहिया चढ़ा दिया।
रात में सड़क बनती है अहाता
भोपाल में आलम ये है कि शराब दुकानों के बाहर ही शराबी बोतल लेते ही सड़क को ही अहाता बना लेते हैं। नमकीन और गिलास खरीदकर सड़क किनारे बैठकर और ग्रुप बनाकर जाम छलकाना शुरू कर देते है। ऐसे नजारे शहर की सभी शराब दुकानों के बाहर आसानी से देखने को मिलते हैं] लेकिन पुलिस की नजरों में ये दिखाई नहीं देता। जबकि नियमों के अनुसार पब्लिक प्लेस पर शराब पीने पर पाबंदी है।
नई शराब नीति में बंद किए गए थे अहाते
सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2024 से प्रदेश में नई शराब नीति लागू की गई है। इसके तहत प्रदेशभर के अहाते बंद कर दिए गए हैं। नीति के तहत शराब दुकान स्कूल-कॉलेज, गर्ल्स हॉस्टल, धार्मिक स्थल से 100 मीटर दूर होना जरूरी है।
