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NEET परीक्षा में बिजली गुल: MP हाईकोर्ट ने रोका रिजल्ट, एनटीए को 30 जून तक जवाब देना होगा
Bhopal, MP
मध्यप्रदेश में 4 मई को आयोजित NEET UG परीक्षा में बिजली गुल होने के कारण छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज हवा और बारिश के चलते कई परीक्षा केंद्रों की बिजली अचानक चली गई,
जिससे छात्रों को प्रश्नपत्र पढ़ने में कठिनाई हुई। इस मामले को लेकर एमपी हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने NEET UG के रिजल्ट जारी करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को 30 जून तक इस मामले में जवाब देने का आदेश दिया है।
बिजली गुल होने से परीक्षा प्रभावित
इंदौर समेत मध्यप्रदेश के लगभग 30 शहरों में करीब ढाई लाख छात्रों ने NEET परीक्षा दी। इंदौर में 49 परीक्षा केंद्रों में से 11 केंद्रों की बिजली अचानक चली गई। तेज बारिश और 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने के कारण विद्युत व्यवस्था ठप हो गई। कई छात्र मोबाइल टॉर्च या मोमबत्ती की रोशनी में परीक्षा देने को मजबूर हुए। घने अंधेरे में सवाल पढ़ने में दिक्कत होने से छात्रों का प्रदर्शन प्रभावित हुआ। प्रभावित केंद्रों के लगभग 600 छात्रों की परीक्षा सीधे तौर पर प्रभावित मानी जा रही है।
हाईकोर्ट ने उठाए सख्त कदम
परीक्षा के दौरान हुई इस गड़बड़ी के बाद कई छात्रों ने हाईकोर्ट का रुख किया। कोर्ट ने एनटीए, बिजली कंपनी और परीक्षा केंद्र प्रबंधन को नोटिस जारी कर 30 जून तक विस्तृत जवाब मांगा है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि अंतिम आदेश तक रिजल्ट जारी नहीं किया जाएगा ताकि परीक्षा में हुई अनियमितता की जांच पूरी हो सके।
छात्रों और अभिभावकों में भारी रोष
परीक्षा प्रभावित छात्रों ने कहा कि उन्होंने पूरी मेहनत से तैयारी की थी, लेकिन खराब व्यवस्था ने उनका भविष्य अनिश्चित कर दिया। उज्जैन के एक परीक्षा केंद्र पर तो बिजली गुल होने के बाद छात्रों और अभिभावकों ने प्रदर्शन भी किया। वहां कुछ छात्रों को अतिरिक्त समय नहीं दिया गया जबकि अन्य केंद्रों पर यह प्रावधान था। यह असमान व्यवहार छात्रों में नाराजगी का कारण बना।
पिछले मामलों का हवाला
विशेषज्ञों का कहना है कि 2016 में ओडिशा के चक्रवात प्रभावित इलाकों में प्रभावित छात्रों को पुनः परीक्षा का अवसर दिया गया था। इसी प्रकार 2022 में होशंगाबाद और अन्य केंद्रों पर भी परीक्षा दोबारा कराई गई थी। ऐसे मामलों में एनटीए को नियमों के अनुसार उचित कदम उठाना होगा।
मेडिकल प्रवेश पर असर
NEET परीक्षा मेडिकल, नर्सिंग, आयुर्वेद, होम्योपैथी और वैटरनरी कॉलेजों में प्रवेश का अनिवार्य माध्यम है। परीक्षा परिणामों में देरी या विवाद से छात्रों का पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित होगा। इसलिए समय पर न्यायसंगत निर्णय जरूरी माना जा रहा है।
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NEET परीक्षा में बिजली गुल: MP हाईकोर्ट ने रोका रिजल्ट, एनटीए को 30 जून तक जवाब देना होगा
Bhopal, MP
जिससे छात्रों को प्रश्नपत्र पढ़ने में कठिनाई हुई। इस मामले को लेकर एमपी हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने NEET UG के रिजल्ट जारी करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को 30 जून तक इस मामले में जवाब देने का आदेश दिया है।
बिजली गुल होने से परीक्षा प्रभावित
इंदौर समेत मध्यप्रदेश के लगभग 30 शहरों में करीब ढाई लाख छात्रों ने NEET परीक्षा दी। इंदौर में 49 परीक्षा केंद्रों में से 11 केंद्रों की बिजली अचानक चली गई। तेज बारिश और 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने के कारण विद्युत व्यवस्था ठप हो गई। कई छात्र मोबाइल टॉर्च या मोमबत्ती की रोशनी में परीक्षा देने को मजबूर हुए। घने अंधेरे में सवाल पढ़ने में दिक्कत होने से छात्रों का प्रदर्शन प्रभावित हुआ। प्रभावित केंद्रों के लगभग 600 छात्रों की परीक्षा सीधे तौर पर प्रभावित मानी जा रही है।
हाईकोर्ट ने उठाए सख्त कदम
परीक्षा के दौरान हुई इस गड़बड़ी के बाद कई छात्रों ने हाईकोर्ट का रुख किया। कोर्ट ने एनटीए, बिजली कंपनी और परीक्षा केंद्र प्रबंधन को नोटिस जारी कर 30 जून तक विस्तृत जवाब मांगा है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि अंतिम आदेश तक रिजल्ट जारी नहीं किया जाएगा ताकि परीक्षा में हुई अनियमितता की जांच पूरी हो सके।
छात्रों और अभिभावकों में भारी रोष
परीक्षा प्रभावित छात्रों ने कहा कि उन्होंने पूरी मेहनत से तैयारी की थी, लेकिन खराब व्यवस्था ने उनका भविष्य अनिश्चित कर दिया। उज्जैन के एक परीक्षा केंद्र पर तो बिजली गुल होने के बाद छात्रों और अभिभावकों ने प्रदर्शन भी किया। वहां कुछ छात्रों को अतिरिक्त समय नहीं दिया गया जबकि अन्य केंद्रों पर यह प्रावधान था। यह असमान व्यवहार छात्रों में नाराजगी का कारण बना।
पिछले मामलों का हवाला
विशेषज्ञों का कहना है कि 2016 में ओडिशा के चक्रवात प्रभावित इलाकों में प्रभावित छात्रों को पुनः परीक्षा का अवसर दिया गया था। इसी प्रकार 2022 में होशंगाबाद और अन्य केंद्रों पर भी परीक्षा दोबारा कराई गई थी। ऐसे मामलों में एनटीए को नियमों के अनुसार उचित कदम उठाना होगा।
मेडिकल प्रवेश पर असर
NEET परीक्षा मेडिकल, नर्सिंग, आयुर्वेद, होम्योपैथी और वैटरनरी कॉलेजों में प्रवेश का अनिवार्य माध्यम है। परीक्षा परिणामों में देरी या विवाद से छात्रों का पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित होगा। इसलिए समय पर न्यायसंगत निर्णय जरूरी माना जा रहा है।
