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रीवा में डॉक्टरों का कमाल, 6 घंटे में फिर से जोड़ दी हाथ से कट कर अलग हुई कलाई
Rewa, MP
रीवा के संजय गांधी अस्पताल के डॉक्टरों ने कठिन सर्जरी कर मजदूर की हाथ से कटकर अलग हुई कलाई को दोबारा जोड़ दिया.
संजय गांधी स्मृति अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने एक मुश्किल सर्जरी को संभव करके दिखाया है. मरीज के परिजन इसको किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं. दरअसल, बीते दिनों सीधी निवासी एक युवक की कलाई कटर मशीन से कटकर अलग हो गई थी. परिजन उसको इलाज के लिए रीवा स्थित संजय गांधी अस्पताल लेकर आए, जहां डॉक्टरों की टीम ने प्राथमिक उपचार के बाद शनिवार को 6 घंटे तक जटिल ऑपरेशन करके कलाई को हाथ से दोबारा जोड़ दिया. युवक के हाथ में मूवमेंट होने लगी है. डॉक्टरों ने बताया कि ये मुश्किल सर्जरी होती है. इसके सफल होने की पूरी गारंटी भी नहीं होती.
संजय गांधी अस्पताल के डॉक्टरों ने किया कमाल
दरअसल, सीधी जिले के सलैया गांव के निवासी अनिल साकेत मजदूरी करते हैं. 25 फरवरी को बांस काटते वक्त कटर मशीन उनके हाथ से छूट गई और उनके बाएं हाथ की कलाई हाथ से कटकर अलग हो गई. घायल अवस्था में परिजन उन्हें रीवा के संजय गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे. जहां उपचार के लिए अनिल को भर्ती कराया गया. प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन करके कटी हुई कलाई को हाथ से जोड़ने की योजना बनाई.
सर्जरी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अजय पाठक के नेतृत्व में प्लास्टिक सर्जरी, सर्जिकल, रेजिडेंस, आर्थोपेडिक और एनेस्थीसिया विभाग के डॉक्टरों की टीम ने शनिवार को 6 घंटे का जटिल ऑपरेशन कर प्लास्टिक सर्जरी से कलाई को हाथ सफलतापूर्वक वापस जोड़ दिया.
6 घंटे चले ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों को मिली सफलता
डॉ. अजय पाठक ने बताया "25 फरवरी की सुबह सीधी जिले के निवासी अनिल साकेत को गंभीर अवस्था में भर्ती किया गया था. परिजन उसकी कटी हुई कलाई भी लेकर आए थे. मरीज का प्राथमिक परीक्षण करने के बाद प्लास्टिक सर्जरी की टीम ने ऑपरेशन करने का निर्णय लिया. इसके बाद 6 घंटे तक ऑपरेशन चला. इसमें अस्थि रोग विशेषज्ञों की भी मदद ली गई. जिसके बाद 10 से 15 टेंडन, कई नर्व और कई वेसेल्स को जोड़कर हार्ट की मस्कुलर्टी टेंडस और सेंसेशंस को जोड़कर रीस्टोर किया गया. इसके बाद मरीज को आईसीयू वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया."
सर्जरी के बाद घायल के हाथ में शुरू हुई मूवमेंट
डॉक्टर के मुताबिक विगत वर्षो में विंध्य रीजन में अब तक ऐसे 5 से 6 ही केस सामने आए हैं. जिसमें 3 से 4 केस में डॉक्टरों को सफलता भी मिली है. इस मामले में अलग-अलग विभागों के 6 से 7 डॉक्टरों की टीम ने ज्वाइंट ऑपरेशन किया है. दो सप्ताह तक डॉक्टरों की देखरेख में पेसेंट अनिल साकेत को रखा जाएगा. उसके हाथ में मूवमेंट देखी जा रही है. जल्द ही सुधार होने के संभावना है. 3 सप्ताह के बाद फिजियोथेरेपी की जाएगी, जिससे और भी ज्यादा सुधार की संभावना रहेगी.
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रीवा में डॉक्टरों का कमाल, 6 घंटे में फिर से जोड़ दी हाथ से कट कर अलग हुई कलाई
Rewa, MP
संजय गांधी स्मृति अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने एक मुश्किल सर्जरी को संभव करके दिखाया है. मरीज के परिजन इसको किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं. दरअसल, बीते दिनों सीधी निवासी एक युवक की कलाई कटर मशीन से कटकर अलग हो गई थी. परिजन उसको इलाज के लिए रीवा स्थित संजय गांधी अस्पताल लेकर आए, जहां डॉक्टरों की टीम ने प्राथमिक उपचार के बाद शनिवार को 6 घंटे तक जटिल ऑपरेशन करके कलाई को हाथ से दोबारा जोड़ दिया. युवक के हाथ में मूवमेंट होने लगी है. डॉक्टरों ने बताया कि ये मुश्किल सर्जरी होती है. इसके सफल होने की पूरी गारंटी भी नहीं होती.
संजय गांधी अस्पताल के डॉक्टरों ने किया कमाल
दरअसल, सीधी जिले के सलैया गांव के निवासी अनिल साकेत मजदूरी करते हैं. 25 फरवरी को बांस काटते वक्त कटर मशीन उनके हाथ से छूट गई और उनके बाएं हाथ की कलाई हाथ से कटकर अलग हो गई. घायल अवस्था में परिजन उन्हें रीवा के संजय गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे. जहां उपचार के लिए अनिल को भर्ती कराया गया. प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन करके कटी हुई कलाई को हाथ से जोड़ने की योजना बनाई.
सर्जरी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अजय पाठक के नेतृत्व में प्लास्टिक सर्जरी, सर्जिकल, रेजिडेंस, आर्थोपेडिक और एनेस्थीसिया विभाग के डॉक्टरों की टीम ने शनिवार को 6 घंटे का जटिल ऑपरेशन कर प्लास्टिक सर्जरी से कलाई को हाथ सफलतापूर्वक वापस जोड़ दिया.
6 घंटे चले ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों को मिली सफलता
डॉ. अजय पाठक ने बताया "25 फरवरी की सुबह सीधी जिले के निवासी अनिल साकेत को गंभीर अवस्था में भर्ती किया गया था. परिजन उसकी कटी हुई कलाई भी लेकर आए थे. मरीज का प्राथमिक परीक्षण करने के बाद प्लास्टिक सर्जरी की टीम ने ऑपरेशन करने का निर्णय लिया. इसके बाद 6 घंटे तक ऑपरेशन चला. इसमें अस्थि रोग विशेषज्ञों की भी मदद ली गई. जिसके बाद 10 से 15 टेंडन, कई नर्व और कई वेसेल्स को जोड़कर हार्ट की मस्कुलर्टी टेंडस और सेंसेशंस को जोड़कर रीस्टोर किया गया. इसके बाद मरीज को आईसीयू वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया."
सर्जरी के बाद घायल के हाथ में शुरू हुई मूवमेंट
डॉक्टर के मुताबिक विगत वर्षो में विंध्य रीजन में अब तक ऐसे 5 से 6 ही केस सामने आए हैं. जिसमें 3 से 4 केस में डॉक्टरों को सफलता भी मिली है. इस मामले में अलग-अलग विभागों के 6 से 7 डॉक्टरों की टीम ने ज्वाइंट ऑपरेशन किया है. दो सप्ताह तक डॉक्टरों की देखरेख में पेसेंट अनिल साकेत को रखा जाएगा. उसके हाथ में मूवमेंट देखी जा रही है. जल्द ही सुधार होने के संभावना है. 3 सप्ताह के बाद फिजियोथेरेपी की जाएगी, जिससे और भी ज्यादा सुधार की संभावना रहेगी.
