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कुश्ती के 'दंगल' में महिला पहलवानों ने दिखाया दमखम, टैलेंट देख मोहन यादव ने किया बड़ा ऐलान
INDORE, MP
इंदौर में महिला कुश्ती दंगल का आयोजन हुआ. जिसमें सीएम मोहन यादव ने शिरकत की. महिला पहलवानों ने दमखम दिखाया.
मध्य प्रदेश में महिला कुश्ती को बढ़ावा देने के लिए अब राज्य सरकार प्रदेश भर में महिला कुश्ती और दंगल को बढ़ावा देने जा रही है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में महिला दिवस पर महिला सशक्तिकरण के लिए आयोजित कुश्ती दंगल के अवसर पर उक्त घोषणा की. शहर के दयालबाग में पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला कुश्ती दंगल में देसी कुश्ती को भारत की विरासत बताया.
देश विदेश की महिला पहलवानों ने दिखाया दमखम
इस अवसर पर महिला कुश्ती में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, मैक्सिको, न्यूजीलैंड, मंगोलिया और नेपाल के अलावा दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश में इंदौर, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, महू, खातेगांव के अलावा दूसरे शहरों की 54 पहलवानों ने कुश्ती का दम दिखाया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के साथ ओलंपिक कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक भी मौजूद थी.
दर्शकों ने उठाया दंगल का लुत्फ
प्रतियोगिता में देश-विदेश की 54 महिला पहलवानों ने हिस्सा लेकर अखाड़े में दम-खम दिखाते हुए अपनी शारीरिक और मानसिक शक्ति का जोरदार प्रदर्शन किया. कुश्ती के परंपरागत और आधुनिक दांव-पेंच लगाकर हजारों की संख्या में उपस्थित दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया. दर्शकों ने भी महिला पहलवानों के इस दंगल का जमकर लुत्फ उठाया और महिला पहलवानों की खूब प्रशंसा की.
भारत की पहचान देशी खेलों से रही है: मोहन यादव
इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, ''यह आयोजन मेरी कल्पना से भी ज्यादा अच्छा है. प्राचीनकाल से भारत की पहचान कुश्ती, मलखंभ और कबड्डी जैसे देशी खेलों से रही है. ओलंपिक में अक्सर हम यह मान लेते हैं कि कुश्ती में तो पदक निश्चित रूप से मिलेगा ही. भारत की बेटियों ने विदेशों में भारत का मान बढ़ाया है. इंदौर-उज्जैन के अखाड़ों में देश के नामचीन पहलवान कुश्ती लड़ने के लिए आए हैं.'' उन्होंने कहा, ''इंदौर जैसे आयोजन प्रदेश के अन्य इलाकों में भी होना चाहिए इसमें सरकार की ओर से जो मदद लगेगी उसमें पूरा सहयोग किया जाएगा.''
अंतराष्ट्रीय नियमों से हुई प्रतियोगिता
कुश्ती की 27 प्रतियोगिताओं में कुल देश विदेश की 54 महिला पहलवानों ने हिस्सा लिया. प्रतियोगिता में इंदौर की 15 महिला पहलवान शामिल हुई थी, इसमें 6 महिला पहलवान विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 की थी. कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन अंतराष्ट्रीय मापदंडों के अनुसार किया गया. पहलवानों के स्कोर के लिए इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड की मदद ली गई. कार्यक्रम का संचालन महाराष्ट्र के अनुभवी संचालकों के द्वारा किया गया. कार्यक्रम स्थल पर एलईडी की व्यवस्था करने के साथ निर्णय के लिए थर्ड अंपायर की भी मदद ली गई.
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कुश्ती के 'दंगल' में महिला पहलवानों ने दिखाया दमखम, टैलेंट देख मोहन यादव ने किया बड़ा ऐलान
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मध्य प्रदेश में महिला कुश्ती को बढ़ावा देने के लिए अब राज्य सरकार प्रदेश भर में महिला कुश्ती और दंगल को बढ़ावा देने जा रही है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में महिला दिवस पर महिला सशक्तिकरण के लिए आयोजित कुश्ती दंगल के अवसर पर उक्त घोषणा की. शहर के दयालबाग में पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला कुश्ती दंगल में देसी कुश्ती को भारत की विरासत बताया.
देश विदेश की महिला पहलवानों ने दिखाया दमखम
इस अवसर पर महिला कुश्ती में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, मैक्सिको, न्यूजीलैंड, मंगोलिया और नेपाल के अलावा दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश में इंदौर, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, महू, खातेगांव के अलावा दूसरे शहरों की 54 पहलवानों ने कुश्ती का दम दिखाया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के साथ ओलंपिक कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक भी मौजूद थी.
दर्शकों ने उठाया दंगल का लुत्फ
प्रतियोगिता में देश-विदेश की 54 महिला पहलवानों ने हिस्सा लेकर अखाड़े में दम-खम दिखाते हुए अपनी शारीरिक और मानसिक शक्ति का जोरदार प्रदर्शन किया. कुश्ती के परंपरागत और आधुनिक दांव-पेंच लगाकर हजारों की संख्या में उपस्थित दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया. दर्शकों ने भी महिला पहलवानों के इस दंगल का जमकर लुत्फ उठाया और महिला पहलवानों की खूब प्रशंसा की.
भारत की पहचान देशी खेलों से रही है: मोहन यादव
इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, ''यह आयोजन मेरी कल्पना से भी ज्यादा अच्छा है. प्राचीनकाल से भारत की पहचान कुश्ती, मलखंभ और कबड्डी जैसे देशी खेलों से रही है. ओलंपिक में अक्सर हम यह मान लेते हैं कि कुश्ती में तो पदक निश्चित रूप से मिलेगा ही. भारत की बेटियों ने विदेशों में भारत का मान बढ़ाया है. इंदौर-उज्जैन के अखाड़ों में देश के नामचीन पहलवान कुश्ती लड़ने के लिए आए हैं.'' उन्होंने कहा, ''इंदौर जैसे आयोजन प्रदेश के अन्य इलाकों में भी होना चाहिए इसमें सरकार की ओर से जो मदद लगेगी उसमें पूरा सहयोग किया जाएगा.''
अंतराष्ट्रीय नियमों से हुई प्रतियोगिता
कुश्ती की 27 प्रतियोगिताओं में कुल देश विदेश की 54 महिला पहलवानों ने हिस्सा लिया. प्रतियोगिता में इंदौर की 15 महिला पहलवान शामिल हुई थी, इसमें 6 महिला पहलवान विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 की थी. कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन अंतराष्ट्रीय मापदंडों के अनुसार किया गया. पहलवानों के स्कोर के लिए इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड की मदद ली गई. कार्यक्रम का संचालन महाराष्ट्र के अनुभवी संचालकों के द्वारा किया गया. कार्यक्रम स्थल पर एलईडी की व्यवस्था करने के साथ निर्णय के लिए थर्ड अंपायर की भी मदद ली गई.
