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होली पर 4 हजार लीटर दूध से बनी ठंडाई गटक गए इंदौरवासी
INDORE, MP
होली की मस्ती हो और ठंडाई का साथ तो कहने ही क्या. इंदौर में ठंडाई का लुत्फ लेने के लिए दुकानों पर भीड़ लगी.
खाने पीने के शौकीन इंदौर शहर में होली के दिन ठंडाई का विशेष महत्व होता है. इस बार भी इंदौर में करीब 4 हजार लीटर दूध की ठंडाई बनी. लोगों का कहना है कि होली का त्योहार बिना ठंडाई के अधूरा लगता है. इस साल भी होली पर इंदौर की सराफा चौपाटी में मोरसाली गली में ठंडाई के शौकीनों का जमावड़ा दिनभर लगा रहा. यहां की ठंडाई फेमस है. होली पर यहां लोगों ने लंबी लाइन लगने के बाद ठंडाई का लुत्फ लिया.
इंदौर में दूध की ठंडाई का लुत्फ सबसे जुदा
ठंडाई बनाने वाले दुकानदारों ने बताया "इस साल भी करीब 4 हजार लीटर दूध की ठंडाई का लुत्फ लोगों ने लिया. दुकानों पर सुबह 7 बजे से देर रात भीड़ रही. ठंडाई का इतिहास काफी पुराना है. होलकर राजवंश के परिवार के लोग जब होली मनाने के लिए निकलते थे तो विभिन्न क्षेत्रों में जाते थे. वहां पर पानी की जगह इसी ठंडाई का प्रयोग किया जाता था. इसके बाद से ही यह क्रम चला आ रहा है. इसके बाद ठंडाई भी इंदौर के लोगों ने अलग-अलग तरह के बदलाव किए. कुछ लोग ठंडाई को बनाने के लिए ड्राई फ्रूट का उपयोग करते हैं तो वही कुछ लोग ठंडाई भांग के साथ भी लेते हैं."
अब कई प्रकार की ठंडाई मिलने लगी है
फ्रूट वाली ठंडाई को बच्चे पसंद करते हैं. महिलाएं भी इसी ठंडाई को लेती हैं. वहीं, भांग की ठंडाई का सेवन आमतौर पर भांग का सेवन करने वालों द्वारा होली पर किया जाता है. काफी सालों से ठंडाई का व्यापार करने वाले रवि राय पुरोहित का कहना है "उनके पूर्वजों द्वारा ठंडाई के काम की शुरुआत की गई थी. धीरे-धीरे आज ठंडाई का व्यापक स्तर पर कारोबार इंदौर शहर में हो रहा है. ठंडाई के रूप में सबसे पहले शरबत का प्रयोग किया जाता था, लेकिन अब कई तरह के एक्सपेरिमेंट हो रहे हैं."
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होली पर 4 हजार लीटर दूध से बनी ठंडाई गटक गए इंदौरवासी
INDORE, MP
खाने पीने के शौकीन इंदौर शहर में होली के दिन ठंडाई का विशेष महत्व होता है. इस बार भी इंदौर में करीब 4 हजार लीटर दूध की ठंडाई बनी. लोगों का कहना है कि होली का त्योहार बिना ठंडाई के अधूरा लगता है. इस साल भी होली पर इंदौर की सराफा चौपाटी में मोरसाली गली में ठंडाई के शौकीनों का जमावड़ा दिनभर लगा रहा. यहां की ठंडाई फेमस है. होली पर यहां लोगों ने लंबी लाइन लगने के बाद ठंडाई का लुत्फ लिया.
इंदौर में दूध की ठंडाई का लुत्फ सबसे जुदा
ठंडाई बनाने वाले दुकानदारों ने बताया "इस साल भी करीब 4 हजार लीटर दूध की ठंडाई का लुत्फ लोगों ने लिया. दुकानों पर सुबह 7 बजे से देर रात भीड़ रही. ठंडाई का इतिहास काफी पुराना है. होलकर राजवंश के परिवार के लोग जब होली मनाने के लिए निकलते थे तो विभिन्न क्षेत्रों में जाते थे. वहां पर पानी की जगह इसी ठंडाई का प्रयोग किया जाता था. इसके बाद से ही यह क्रम चला आ रहा है. इसके बाद ठंडाई भी इंदौर के लोगों ने अलग-अलग तरह के बदलाव किए. कुछ लोग ठंडाई को बनाने के लिए ड्राई फ्रूट का उपयोग करते हैं तो वही कुछ लोग ठंडाई भांग के साथ भी लेते हैं."
अब कई प्रकार की ठंडाई मिलने लगी है
फ्रूट वाली ठंडाई को बच्चे पसंद करते हैं. महिलाएं भी इसी ठंडाई को लेती हैं. वहीं, भांग की ठंडाई का सेवन आमतौर पर भांग का सेवन करने वालों द्वारा होली पर किया जाता है. काफी सालों से ठंडाई का व्यापार करने वाले रवि राय पुरोहित का कहना है "उनके पूर्वजों द्वारा ठंडाई के काम की शुरुआत की गई थी. धीरे-धीरे आज ठंडाई का व्यापक स्तर पर कारोबार इंदौर शहर में हो रहा है. ठंडाई के रूप में सबसे पहले शरबत का प्रयोग किया जाता था, लेकिन अब कई तरह के एक्सपेरिमेंट हो रहे हैं."
