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इंदौर: स्वच्छता में अव्वल, लेकिन प्रदूषण में भी बना नंबर 1, AQI 10 दिन से 100 के पार
INDORE, MP
देश का सबसे साफ शहर कहलाने वाला इंदौर अब प्रदूषण के मामले में भी चिंता का विषय बन गया है। बीते दस दिनों से शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लगातार 100 से ऊपर बना हुआ है, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरे की घंटी है।
9 अप्रैल को हालात सबसे खराब, AQI पहुंचा 236
9 अप्रैल को इंदौर का AQI स्तर 236 तक पहुंच गया, जो "बहुत खराब" श्रेणी में आता है। इस खतरनाक स्तर की हवा का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों पर देखा जा रहा है।
पराली जलाने से बिगड़ी हवा
इंदौर के आसपास के ग्रामीण इलाकों में पराली जलाने की घटनाओं ने हवा की गुणवत्ता को और ज्यादा बिगाड़ दिया है। फसल कटाई के बाद किसान पराली जला रहे हैं, जिससे धुआं मिलकर AQI को तेजी से बढ़ा रहा है।
अन्य शहरों की हालत भी खराब
मध्य प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों की स्थिति भी चिंताजनक है:
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भोपाल: AQI 100-150 के बीच, यानी 'मध्यम' से 'खराब' श्रेणी में
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ग्वालियर: AQI 200 के पार, स्थिति बेहद खराब
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जबलपुर: फिलहाल AQI 100 से नीचे, लेकिन किसी भी वक्त स्थिति बदल सकती है
स्वास्थ्य पर असर, प्रशासन अब भी खामोश
मौसम विशेषज्ञों और डॉक्टरों का कहना है कि अगर प्रदूषण का यह स्तर लंबे समय तक बना रहा तो स्वस्थ लोगों को भी आंखों में जलन, सिरदर्द और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
नागरिकों में बढ़ रही चिंता
शहरवासियों का कहना है कि इंदौर, जो स्वच्छता में देशभर में मिसाल बना हुआ है, अब प्रदूषण में भी आगे निकलता जा रहा है — जो बेहद शर्मनाक है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पराली जलाने पर तुरंत रोक लगाई जाए, वाहनों पर नियंत्रण हो और AQI की नियमित निगरानी की जाए।
इंदौर के लिए यह समय चेतावनी की तरह है। अगर अभी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में हालात और ज्यादा बिगड़ सकते हैं। बढ़ते तापमान के साथ प्रदूषण और खतरनाक हो सकता है। समय रहते ठोस कदम उठाना जरूरी है, ताकि इंदौर अपनी ‘स्वच्छ और स्वस्थ शहर’ की पहचान बरकरार रख सके।
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इंदौर: स्वच्छता में अव्वल, लेकिन प्रदूषण में भी बना नंबर 1, AQI 10 दिन से 100 के पार
INDORE, MP
9 अप्रैल को हालात सबसे खराब, AQI पहुंचा 236
9 अप्रैल को इंदौर का AQI स्तर 236 तक पहुंच गया, जो "बहुत खराब" श्रेणी में आता है। इस खतरनाक स्तर की हवा का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों पर देखा जा रहा है।
पराली जलाने से बिगड़ी हवा
इंदौर के आसपास के ग्रामीण इलाकों में पराली जलाने की घटनाओं ने हवा की गुणवत्ता को और ज्यादा बिगाड़ दिया है। फसल कटाई के बाद किसान पराली जला रहे हैं, जिससे धुआं मिलकर AQI को तेजी से बढ़ा रहा है।
अन्य शहरों की हालत भी खराब
मध्य प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों की स्थिति भी चिंताजनक है:
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भोपाल: AQI 100-150 के बीच, यानी 'मध्यम' से 'खराब' श्रेणी में
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ग्वालियर: AQI 200 के पार, स्थिति बेहद खराब
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जबलपुर: फिलहाल AQI 100 से नीचे, लेकिन किसी भी वक्त स्थिति बदल सकती है
स्वास्थ्य पर असर, प्रशासन अब भी खामोश
मौसम विशेषज्ञों और डॉक्टरों का कहना है कि अगर प्रदूषण का यह स्तर लंबे समय तक बना रहा तो स्वस्थ लोगों को भी आंखों में जलन, सिरदर्द और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
नागरिकों में बढ़ रही चिंता
शहरवासियों का कहना है कि इंदौर, जो स्वच्छता में देशभर में मिसाल बना हुआ है, अब प्रदूषण में भी आगे निकलता जा रहा है — जो बेहद शर्मनाक है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पराली जलाने पर तुरंत रोक लगाई जाए, वाहनों पर नियंत्रण हो और AQI की नियमित निगरानी की जाए।
इंदौर के लिए यह समय चेतावनी की तरह है। अगर अभी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में हालात और ज्यादा बिगड़ सकते हैं। बढ़ते तापमान के साथ प्रदूषण और खतरनाक हो सकता है। समय रहते ठोस कदम उठाना जरूरी है, ताकि इंदौर अपनी ‘स्वच्छ और स्वस्थ शहर’ की पहचान बरकरार रख सके।
