- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- कार्य पद्धति में नवाचार आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाधान ऑनलाइन समीक्षा में दिए निर्देश
कार्य पद्धति में नवाचार आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाधान ऑनलाइन समीक्षा में दिए निर्देश
Bhopal, MP
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को कहा कि कार्य पद्धति को बेहतर बनाकर नए प्रयोग और नवाचार अपनाए जाएं, ताकि नागरिकों के कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे हों। सीएम ने कहा कि जिन जिलों और क्षेत्रों में न्यूनतम शिकायतें होंगी, उन्हें प्रोत्साहित और जिन क्षेत्रों में शिकायतें शून्य होंगी, उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।
समाधान ऑनलाइन समीक्षा में कार्य लापरवाही के मामलों में 3 कर्मियों को निलंबित किया गया और 19 अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की गई। इसके अलावा, 5 शासकीय सेवकों की वेतन वृद्धि रोकी गई, 6 को कारण बताओ नोटिस दिए गए और अन्य मामलों में विभागीय जांच तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने चार अधिकारियों को सितंबर माह में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी: उपनिरीक्षक थाना रावतपुरा भिंड, कनिष्ठ अभियंता ऊर्जा मंडला, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी धार और सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण सतना।
समीक्षा में छात्रवृत्ति, आहार अनुदान, भू-अर्जन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और शिक्षकों की उपस्थिति से संबंधित लंबित प्रकरणों का समाधान किया गया। उदाहरण के लिए, अनूपपुर जिले में आहार अनुदान की राशि न मिलने पर ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित किया गया और सहायक आयुक्त कार्यालय के दोषी कर्मचारी की वेतन वृद्धि रोकी गई। रीवा जिले में लैपटॉप राशि का भुगतान किया गया। डिण्डोरी में पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति का भुगतान और मंदसौर में प्रतिभा प्रोत्साहन योजना में विलंब के लिए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई हुई।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि:
-
नागरिकों के कार्यों में विलंब न हो, तत्परता से समाधान किया जाए।
-
शैक्षणिक परिसर और छात्रावासों में समय पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
-
दोषी कर्मियों का दायित्व निर्धारित कर कार्रवाई की जाए।
-
जनकल्याण के सभी प्रकल्प सही तरीके से क्रियान्वित हों।
-
राशन की दुकानों के स्थानांतरण में ग्रामीण क्षेत्र में सरपंच और नगरीय क्षेत्र में पार्षद की सहमति ली जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सुशासन स्थापित करने के लिए उनका प्रत्येक कार्य समय पर और जिम्मेदारी से होना चाहिए।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
कार्य पद्धति में नवाचार आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाधान ऑनलाइन समीक्षा में दिए निर्देश
Bhopal, MP
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को कहा कि कार्य पद्धति को बेहतर बनाकर नए प्रयोग और नवाचार अपनाए जाएं, ताकि नागरिकों के कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे हों। सीएम ने कहा कि जिन जिलों और क्षेत्रों में न्यूनतम शिकायतें होंगी, उन्हें प्रोत्साहित और जिन क्षेत्रों में शिकायतें शून्य होंगी, उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।
समाधान ऑनलाइन समीक्षा में कार्य लापरवाही के मामलों में 3 कर्मियों को निलंबित किया गया और 19 अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की गई। इसके अलावा, 5 शासकीय सेवकों की वेतन वृद्धि रोकी गई, 6 को कारण बताओ नोटिस दिए गए और अन्य मामलों में विभागीय जांच तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने चार अधिकारियों को सितंबर माह में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी: उपनिरीक्षक थाना रावतपुरा भिंड, कनिष्ठ अभियंता ऊर्जा मंडला, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी धार और सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण सतना।
समीक्षा में छात्रवृत्ति, आहार अनुदान, भू-अर्जन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और शिक्षकों की उपस्थिति से संबंधित लंबित प्रकरणों का समाधान किया गया। उदाहरण के लिए, अनूपपुर जिले में आहार अनुदान की राशि न मिलने पर ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित किया गया और सहायक आयुक्त कार्यालय के दोषी कर्मचारी की वेतन वृद्धि रोकी गई। रीवा जिले में लैपटॉप राशि का भुगतान किया गया। डिण्डोरी में पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति का भुगतान और मंदसौर में प्रतिभा प्रोत्साहन योजना में विलंब के लिए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई हुई।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि:
-
नागरिकों के कार्यों में विलंब न हो, तत्परता से समाधान किया जाए।
-
शैक्षणिक परिसर और छात्रावासों में समय पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
-
दोषी कर्मियों का दायित्व निर्धारित कर कार्रवाई की जाए।
-
जनकल्याण के सभी प्रकल्प सही तरीके से क्रियान्वित हों।
-
राशन की दुकानों के स्थानांतरण में ग्रामीण क्षेत्र में सरपंच और नगरीय क्षेत्र में पार्षद की सहमति ली जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सुशासन स्थापित करने के लिए उनका प्रत्येक कार्य समय पर और जिम्मेदारी से होना चाहिए।
