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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: जबलपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया योग, CM मोहन यादव भी रहे मौजूद
Jabalpur, MP
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर रविवार सुबह मध्य प्रदेश के जबलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम देशभर में चर्चा का केंद्र रहा।
गैरिसन ग्राउंड में आयोजित इस विशेष आयोजन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राज्यपाल मंगूभाई पटेल सहित कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे थे। योगाभ्यास शुरू होने से पहले पूरे परिसर में उत्साह का माहौल दिखाई दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कार्यक्रम से वर्चुअल माध्यम से जुड़े। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर प्रदेश के सभी जिलों में भी योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, लेकिन जबलपुर का आयोजन सबसे प्रमुख रहा क्योंकि इसमें देश की राष्ट्रपति ने स्वयं भाग लिया।
गैरिसन ग्राउंड में हजारों लोगों के साथ योगाभ्यास करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि जबलपुर को विशेष पहचान देने वाली मां नर्मदा की पावन धरती पर आकर उन्हें बेहद प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि योग भारत की ऐसी सांस्कृतिक धरोहर है जिसने पूरी दुनिया को स्वास्थ्य, संतुलन और आत्मिक शांति का मार्ग दिखाया है। राष्ट्रपति ने कहा कि आज जब दुनिया विभिन्न प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रही है, ऐसे समय में योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि जीवन को संतुलित बनाने का माध्यम बनकर सामने आया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि योग को केवल एक दिन का आयोजन न मानें बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।
राष्ट्रपति ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ती बीमारियां और मानसिक तनाव एक बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। ऐसे समय में योग बीमारी की रोकथाम के साथ-साथ मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को सक्रिय, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाता है। उनके अनुसार स्वस्थ व्यक्ति से ही स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आज विश्वभर में अनेक संस्थाएं योग को बढ़ावा देने और लोगों को प्रशिक्षित करने का कार्य कर रही हैं, जो भारत की प्राचीन परंपरा को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने का काम है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश को योग की भूमि बताते हुए कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत सदियों पुरानी है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति सदैव विश्व कल्याण की भावना से प्रेरित रही है और योग उसी विचार का सबसे बड़ा उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने पूरी दुनिया को योग का अमूल्य उपहार दिया है और आज विश्व के लगभग हर देश में योग को अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली और संयुक्त राष्ट्र में रखे गए प्रस्ताव को 175 से अधिक देशों का समर्थन प्राप्त हुआ, जिसके बाद वर्ष 2015 से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की पहचान केवल एक राष्ट्र के रूप में नहीं बल्कि ज्ञान, अध्यात्म और मानव कल्याण की परंपरा के रूप में रही है। उन्होंने कहा कि योग लोगों को जोड़ने का माध्यम है और यह शरीर, मन तथा आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी सामूहिक रूप से योगासन और प्राणायाम किए। सुबह की हल्की धूप और खुले मैदान में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष बना दिया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार कार्यक्रम की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं और सुरक्षा व्यवस्था के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे।
राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि योग हमें स्वयं के भीतर झांकने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों के कारण आज दुनिया ने योग को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया है। राज्यपाल ने कहा कि प्रतिदिन योग करने से जीवन में सकारात्मकता आती है और व्यक्ति शारीरिक तथा मानसिक रूप से मजबूत बनता है। उन्होंने लोगों से नियमित योगाभ्यास करने की अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ तन और प्रसन्न मन ही जीवन का वास्तविक धन है।
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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: जबलपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया योग, CM मोहन यादव भी रहे मौजूद
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गैरिसन ग्राउंड में आयोजित इस विशेष आयोजन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राज्यपाल मंगूभाई पटेल सहित कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे थे। योगाभ्यास शुरू होने से पहले पूरे परिसर में उत्साह का माहौल दिखाई दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कार्यक्रम से वर्चुअल माध्यम से जुड़े। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर प्रदेश के सभी जिलों में भी योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, लेकिन जबलपुर का आयोजन सबसे प्रमुख रहा क्योंकि इसमें देश की राष्ट्रपति ने स्वयं भाग लिया।
गैरिसन ग्राउंड में हजारों लोगों के साथ योगाभ्यास करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि जबलपुर को विशेष पहचान देने वाली मां नर्मदा की पावन धरती पर आकर उन्हें बेहद प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि योग भारत की ऐसी सांस्कृतिक धरोहर है जिसने पूरी दुनिया को स्वास्थ्य, संतुलन और आत्मिक शांति का मार्ग दिखाया है। राष्ट्रपति ने कहा कि आज जब दुनिया विभिन्न प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रही है, ऐसे समय में योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि जीवन को संतुलित बनाने का माध्यम बनकर सामने आया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि योग को केवल एक दिन का आयोजन न मानें बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।
राष्ट्रपति ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ती बीमारियां और मानसिक तनाव एक बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। ऐसे समय में योग बीमारी की रोकथाम के साथ-साथ मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को सक्रिय, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाता है। उनके अनुसार स्वस्थ व्यक्ति से ही स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आज विश्वभर में अनेक संस्थाएं योग को बढ़ावा देने और लोगों को प्रशिक्षित करने का कार्य कर रही हैं, जो भारत की प्राचीन परंपरा को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने का काम है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश को योग की भूमि बताते हुए कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत सदियों पुरानी है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति सदैव विश्व कल्याण की भावना से प्रेरित रही है और योग उसी विचार का सबसे बड़ा उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने पूरी दुनिया को योग का अमूल्य उपहार दिया है और आज विश्व के लगभग हर देश में योग को अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली और संयुक्त राष्ट्र में रखे गए प्रस्ताव को 175 से अधिक देशों का समर्थन प्राप्त हुआ, जिसके बाद वर्ष 2015 से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की पहचान केवल एक राष्ट्र के रूप में नहीं बल्कि ज्ञान, अध्यात्म और मानव कल्याण की परंपरा के रूप में रही है। उन्होंने कहा कि योग लोगों को जोड़ने का माध्यम है और यह शरीर, मन तथा आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी सामूहिक रूप से योगासन और प्राणायाम किए। सुबह की हल्की धूप और खुले मैदान में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष बना दिया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार कार्यक्रम की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं और सुरक्षा व्यवस्था के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे।
राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि योग हमें स्वयं के भीतर झांकने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों के कारण आज दुनिया ने योग को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया है। राज्यपाल ने कहा कि प्रतिदिन योग करने से जीवन में सकारात्मकता आती है और व्यक्ति शारीरिक तथा मानसिक रूप से मजबूत बनता है। उन्होंने लोगों से नियमित योगाभ्यास करने की अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ तन और प्रसन्न मन ही जीवन का वास्तविक धन है।
