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दिवाली की रात मां लक्ष्मी की पूजा करते समय इन बातों का रखें ध्यान
Dharm Desk
दिवाली की शाम मां लक्ष्मी की पूजा करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें. इससे देवी लक्ष्मी की कृपा घर पर बरसेगी और सुख-समृद्धि का आगमन होगा.
कार्तिक अमावस्या (Kartik Amavasya) पर आज 31 अक्टूबर 2024 को देशभर में दिवाली का उत्सव मनाया जाएगा. दिवाली के दिन घर, कारखाने, ऑफिस और दुकान आदि जगहों पर मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है. लक्ष्मी जी की पूजा के लिए कार्तिक अमावस्या की तिथि को बहुत ही शुभ माना जाता है.
धार्मिक मान्यता है कि कार्तिक अमावस्या के दिन मां लक्ष्मी अपने वाहन पर सवार होकर पृथ्वीलोक पर आती हैं. जिन घरों में विधिवत उनका पूजन किया जाता है, उनसे प्रसन्न होकर मां वास करती हैं और सुख-समृद्धि का वरदान देती है.
लेकिन दिवाली के दिन मां लक्ष्मी की पूजा के समय आपको पूजा विधि, मुहूर्त, मंत्र आदि जैसे नियमों का ध्यान रखना चाहिए. क्योंकि छोटी सी भूलकर भी आपको पूजा का फल प्राप्त नहीं होगा. इसलिए जान लीजिए आज लक्ष्मी जी की पूजा में किन गलतियों से बचना चाहिए.
Diwali 2024 Laxmi Puja Muhurat: दीपावली लक्ष्मी पूजा मुहूर्त
- प्रदोष काल ( लग्न ) - सायं 05:35 - रात 08:11 तक
- वृष काल ( लग्न ) – सायं 06:25 - रात 08:20 तक
- मिथुन काल ( लग्न ) - रात्रि 9:00 से रात्रि 11:23 तक
- निशिथ काल - रात्रि 11:39 से मध्यरात्रि 12:41 तक
- सिंह काल ( लग्न ) - मध्यरात्रि 01:36 - अन्तरात्रि 03:35 तक
दिवाली पूजा में इन गलतियों से बचें (Keep These In Mind While Worship Maa Lakshmi)
- मां लक्ष्मी की पूजा प्रदोष काल अमावस्या में ही करनी चाहिए.
- दिवाली के दिन मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की भी पूजा जरूर करें.
- पूजा के लिए वेदी का स्थान ईशान कोण में हो.
- इस दिन घर के किसी कोने को अंधेरा न रखें और अधिक अधिक दीप जलाएं.
- घर पर सात्विक भोजन पकाएं और पैसे या बाजी लगाकर जुआ न खेलें.
- प्रवेश द्वार पर रंगोली बनाएं, हल्दी-कुमकुम का स्वास्तिक बनाएं और तोरण लगाएं.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि dainik jagran किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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दिवाली की रात मां लक्ष्मी की पूजा करते समय इन बातों का रखें ध्यान
Dharm Desk
कार्तिक अमावस्या (Kartik Amavasya) पर आज 31 अक्टूबर 2024 को देशभर में दिवाली का उत्सव मनाया जाएगा. दिवाली के दिन घर, कारखाने, ऑफिस और दुकान आदि जगहों पर मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है. लक्ष्मी जी की पूजा के लिए कार्तिक अमावस्या की तिथि को बहुत ही शुभ माना जाता है.
धार्मिक मान्यता है कि कार्तिक अमावस्या के दिन मां लक्ष्मी अपने वाहन पर सवार होकर पृथ्वीलोक पर आती हैं. जिन घरों में विधिवत उनका पूजन किया जाता है, उनसे प्रसन्न होकर मां वास करती हैं और सुख-समृद्धि का वरदान देती है.
लेकिन दिवाली के दिन मां लक्ष्मी की पूजा के समय आपको पूजा विधि, मुहूर्त, मंत्र आदि जैसे नियमों का ध्यान रखना चाहिए. क्योंकि छोटी सी भूलकर भी आपको पूजा का फल प्राप्त नहीं होगा. इसलिए जान लीजिए आज लक्ष्मी जी की पूजा में किन गलतियों से बचना चाहिए.
Diwali 2024 Laxmi Puja Muhurat: दीपावली लक्ष्मी पूजा मुहूर्त
- प्रदोष काल ( लग्न ) - सायं 05:35 - रात 08:11 तक
- वृष काल ( लग्न ) – सायं 06:25 - रात 08:20 तक
- मिथुन काल ( लग्न ) - रात्रि 9:00 से रात्रि 11:23 तक
- निशिथ काल - रात्रि 11:39 से मध्यरात्रि 12:41 तक
- सिंह काल ( लग्न ) - मध्यरात्रि 01:36 - अन्तरात्रि 03:35 तक
दिवाली पूजा में इन गलतियों से बचें (Keep These In Mind While Worship Maa Lakshmi)
- मां लक्ष्मी की पूजा प्रदोष काल अमावस्या में ही करनी चाहिए.
- दिवाली के दिन मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की भी पूजा जरूर करें.
- पूजा के लिए वेदी का स्थान ईशान कोण में हो.
- इस दिन घर के किसी कोने को अंधेरा न रखें और अधिक अधिक दीप जलाएं.
- घर पर सात्विक भोजन पकाएं और पैसे या बाजी लगाकर जुआ न खेलें.
- प्रवेश द्वार पर रंगोली बनाएं, हल्दी-कुमकुम का स्वास्तिक बनाएं और तोरण लगाएं.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि dainik jagran किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
