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मध्य प्रदेश भट्ठी बना, खजुराहो ने तोड़ा 33 साल पुराना रिकॉर्ड, 16 शहरों में पारा 44°C के पार पहुंचा
भोपाल (म.प्र.)
मध्य प्रदेश के 7 जिलों में लू का रेड अलर्ट जारी। खजुराहो में 47.4 डिग्री तापमान दर्ज, अगले 4 दिन भीषण गर्मी का अनुमान।
MP Weather Update: मध्य प्रदेश अभी भीषण गर्मी की चपेट में है। कई शहरों में दोपहर में सड़कें काफी सुनसान हो गई हैं। मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के सात जिलों में लू के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जिनमें भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना शामिल हैं। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, इन जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर जा सकता है। खासकर खजुराहो की चर्चा हो रही है, जहां बुधवार को तापमान 47.4 डिग्री तक पहुंच गया। यह पिछले 33 साल का रिकॉर्ड है; इससे पहले 29 अप्रैल 1993 को यहां 46.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था। खजुराहो को देश का दूसरा और दुनिया का चौथा सबसे गर्म शहर भी कहा गया है।
भोपाल मौसम केंद्र के अनुसार, प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले चार दिनों तक गर्मी से कोई राहत नहीं मिलेगी। कई शहरों में सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर दिखने लगा है। ग्वालियर, राजगढ़, नौगांव, दतिया और निवाड़ी जैसे इलाकों में हालात खासा खराब हैं। बुधवार को प्रदेश के 16 शहरों में तापमान 44 डिग्री के पार चला गया। भोपाल, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, विदिशा, सागर, रीवा और सीधी समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और मालवा-निमाड़ के कुछ हिस्सों में येलो अलर्ट है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नौतपा शुरू होने के बाद गर्मी और बढ़ सकती है।
गर्मी का असर अब आम जनजीवन पर भी साफ नजर आ रहा है। ग्वालियर और बैतूल जैसे कई शहरों में लोग तौलिया या गमछा से अपना चेहरा ढँक कर बाहर निकल रहे हैं। बाजारों में दोपहर में भीड़ कम हो गई है, और कुछ दुकानदारों ने राहगीरों के लिए ठंडे पानी की व्यवस्था भी की है। मौसम विभाग ने दोपहर 12 से 3 बजे के बीच सावधानी बरतने की सलाह दी है। अधिकारियों के अनुसार, बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोग ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अधिक पानी पिएं, हल्के सूती कपड़े पहनें और धूप में बहुत देर तक ना रहें।
दिलचस्प बात यह है कि मई की शुरुआत में लगातार बारिश और आंधी का दौर बना हुआ था। 30 अप्रैल से लेकर 18 मई तक विभिन्न हिस्सों में कहीं न कहीं बारिश, ओलावृष्टि या तेज आंधी देखने को मिली। लेकिन पिछले दो दिनों में मौसम ने अचानक मोड़ लिया है और तापमान तेजी से बढ़ गया है। फिलहाल मौसम विभाग ने कहीं भी बारिश का अलर्ट नहीं जारी किया है, इसलिए आने वाले दिनों में गर्मी और अधिक परेशान कर सकती है।
एक मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, इस बार गर्म हवाओं का असर सामान्य से अधिक तेज महसूस हो रहा है। लोगों को केवल जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है, खासकर दोपहर में लू का खतरा ज्यादा रहेगा। प्रदेश के बड़े शहरों में भी पुराने रिकॉर्ड याद किए जा रहे हैं। ग्वालियर में तापमान कभी 48 डिग्री के पार जा चुका है, जबकि भोपाल और इंदौर में भी मई में 46 डिग्री तक गर्मी रिकॉर्ड की जा चुकी है। फिलहाल पूरे प्रदेश में लोग बारिश से ज्यादा ठंडी हवा का इंतजार कर रहे हैं।
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मध्य प्रदेश भट्ठी बना, खजुराहो ने तोड़ा 33 साल पुराना रिकॉर्ड, 16 शहरों में पारा 44°C के पार पहुंचा
भोपाल (म.प्र.)
MP Weather Update: मध्य प्रदेश अभी भीषण गर्मी की चपेट में है। कई शहरों में दोपहर में सड़कें काफी सुनसान हो गई हैं। मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के सात जिलों में लू के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जिनमें भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना शामिल हैं। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, इन जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर जा सकता है। खासकर खजुराहो की चर्चा हो रही है, जहां बुधवार को तापमान 47.4 डिग्री तक पहुंच गया। यह पिछले 33 साल का रिकॉर्ड है; इससे पहले 29 अप्रैल 1993 को यहां 46.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था। खजुराहो को देश का दूसरा और दुनिया का चौथा सबसे गर्म शहर भी कहा गया है।
भोपाल मौसम केंद्र के अनुसार, प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले चार दिनों तक गर्मी से कोई राहत नहीं मिलेगी। कई शहरों में सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर दिखने लगा है। ग्वालियर, राजगढ़, नौगांव, दतिया और निवाड़ी जैसे इलाकों में हालात खासा खराब हैं। बुधवार को प्रदेश के 16 शहरों में तापमान 44 डिग्री के पार चला गया। भोपाल, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, विदिशा, सागर, रीवा और सीधी समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और मालवा-निमाड़ के कुछ हिस्सों में येलो अलर्ट है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नौतपा शुरू होने के बाद गर्मी और बढ़ सकती है।
गर्मी का असर अब आम जनजीवन पर भी साफ नजर आ रहा है। ग्वालियर और बैतूल जैसे कई शहरों में लोग तौलिया या गमछा से अपना चेहरा ढँक कर बाहर निकल रहे हैं। बाजारों में दोपहर में भीड़ कम हो गई है, और कुछ दुकानदारों ने राहगीरों के लिए ठंडे पानी की व्यवस्था भी की है। मौसम विभाग ने दोपहर 12 से 3 बजे के बीच सावधानी बरतने की सलाह दी है। अधिकारियों के अनुसार, बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोग ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अधिक पानी पिएं, हल्के सूती कपड़े पहनें और धूप में बहुत देर तक ना रहें।
दिलचस्प बात यह है कि मई की शुरुआत में लगातार बारिश और आंधी का दौर बना हुआ था। 30 अप्रैल से लेकर 18 मई तक विभिन्न हिस्सों में कहीं न कहीं बारिश, ओलावृष्टि या तेज आंधी देखने को मिली। लेकिन पिछले दो दिनों में मौसम ने अचानक मोड़ लिया है और तापमान तेजी से बढ़ गया है। फिलहाल मौसम विभाग ने कहीं भी बारिश का अलर्ट नहीं जारी किया है, इसलिए आने वाले दिनों में गर्मी और अधिक परेशान कर सकती है।
एक मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, इस बार गर्म हवाओं का असर सामान्य से अधिक तेज महसूस हो रहा है। लोगों को केवल जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है, खासकर दोपहर में लू का खतरा ज्यादा रहेगा। प्रदेश के बड़े शहरों में भी पुराने रिकॉर्ड याद किए जा रहे हैं। ग्वालियर में तापमान कभी 48 डिग्री के पार जा चुका है, जबकि भोपाल और इंदौर में भी मई में 46 डिग्री तक गर्मी रिकॉर्ड की जा चुकी है। फिलहाल पूरे प्रदेश में लोग बारिश से ज्यादा ठंडी हवा का इंतजार कर रहे हैं।
