- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- खंडवा: कर्ज और फसल नुकसान से परेशान किसान ने खेत में जहर खाकर की आत्महत्या
खंडवा: कर्ज और फसल नुकसान से परेशान किसान ने खेत में जहर खाकर की आत्महत्या
Khandwa, MP
खंडवा के पंधाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। किसान मदन कुमरावत (40) ने आर्थिक तंगी और लगातार खराब होती फसलों से परेशान होकर खेत में जहर खा लिया।
मदन मंगलवार शाम से लापता था और बुधवार सुबह उसका शव उसी खेत में बने कुएं के पास मिला।
परिवार और स्थानीय लोगों का कहना है कि मदन पिछले कई सालों से फसल नुकसान झेल रहे थे। इस साल सोयाबीन की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी और मक्का की भी पैदावार अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंची। मदन पर सोसाइटी, साहूकार और कुछ रिश्तेदारों से लिए गए कर्ज का दबाव भी लगातार बढ़ता गया। उनके पास लगभग 2 लाख रुपए का कर्ज था।
परिवार की आर्थिक कठिनाई और बच्चों की पढ़ाई
मदन के परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। आर्थिक तंगी के चलते बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो चुकी थी। परिवार का कहना है कि बेटा कुछ समय से अपने मामा के घर रुस्तमपुर में रह रहा था, इसी महीने वह घर लौटा था।
सरकारी राहत और मुआवजा का अभाव
हालांकि जिले में फसल नुकसान का सर्वे कराया गया था और प्रभावित किसानों की सूची तैयार की गई थी, मदन को अब तक किसी भी रूप में राहत राशि या मुआवजा नहीं मिला। डिप्टी कलेक्टर दिनेश सावले के अनुसार जिले में सर्वे जारी है और तहसीलदार किसानों के बैंक खातों में नुकसानी के आधार पर राशि भेज रहे हैं।
किसान आंदोलन और मांगें
घटना के बाद संयुक्त कृषक संगठन के बैनर तले खंडवा के किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना शुरू कर दिया है। किसान संगठन ने अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी है। किसानों का कहना है कि अतिवृष्टि के बावजूद सर्वे में केवल 490 किसानों को पात्र माना गया और उन्हें भी नगण्य राशि प्रदान की गई, जबकि वास्तविक नुकसान प्रति एकड़ 40 हजार रुपए के करीब है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
सूचना मिलने के बाद क्षेत्रीय विधायक छाया मोरे मौके पर पहुंचीं और परिवार से मुलाकात कर दुख जताया। उन्होंने कहा कि जांच में सुसाइड का कारण स्पष्ट होगा और सरकार परिवार के साथ खड़ी है।
खंडवा के किसान लगातार बढ़ते कर्ज और प्राकृतिक आपदाओं के बीच आर्थिक असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। मदन की आत्महत्या इस समस्या की गहरी हकीकत को सामने लाती है।
.............................................................................................
दैनिक जागरण MP/CG डिजिटल
अब खबरें सिर्फ पढ़िए नहीं, बल्कि पाएं लाइव अपडेट्स, वीडियो और एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स सीधे अपने मोबाइल पर।
हर जरूरी जानकारी, अब हर वक्त आपके हाथों में।
👉 हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
खंडवा: कर्ज और फसल नुकसान से परेशान किसान ने खेत में जहर खाकर की आत्महत्या
Khandwa, MP
मदन मंगलवार शाम से लापता था और बुधवार सुबह उसका शव उसी खेत में बने कुएं के पास मिला।
परिवार और स्थानीय लोगों का कहना है कि मदन पिछले कई सालों से फसल नुकसान झेल रहे थे। इस साल सोयाबीन की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी और मक्का की भी पैदावार अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंची। मदन पर सोसाइटी, साहूकार और कुछ रिश्तेदारों से लिए गए कर्ज का दबाव भी लगातार बढ़ता गया। उनके पास लगभग 2 लाख रुपए का कर्ज था।
परिवार की आर्थिक कठिनाई और बच्चों की पढ़ाई
मदन के परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। आर्थिक तंगी के चलते बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो चुकी थी। परिवार का कहना है कि बेटा कुछ समय से अपने मामा के घर रुस्तमपुर में रह रहा था, इसी महीने वह घर लौटा था।
सरकारी राहत और मुआवजा का अभाव
हालांकि जिले में फसल नुकसान का सर्वे कराया गया था और प्रभावित किसानों की सूची तैयार की गई थी, मदन को अब तक किसी भी रूप में राहत राशि या मुआवजा नहीं मिला। डिप्टी कलेक्टर दिनेश सावले के अनुसार जिले में सर्वे जारी है और तहसीलदार किसानों के बैंक खातों में नुकसानी के आधार पर राशि भेज रहे हैं।
किसान आंदोलन और मांगें
घटना के बाद संयुक्त कृषक संगठन के बैनर तले खंडवा के किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना शुरू कर दिया है। किसान संगठन ने अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी है। किसानों का कहना है कि अतिवृष्टि के बावजूद सर्वे में केवल 490 किसानों को पात्र माना गया और उन्हें भी नगण्य राशि प्रदान की गई, जबकि वास्तविक नुकसान प्रति एकड़ 40 हजार रुपए के करीब है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
सूचना मिलने के बाद क्षेत्रीय विधायक छाया मोरे मौके पर पहुंचीं और परिवार से मुलाकात कर दुख जताया। उन्होंने कहा कि जांच में सुसाइड का कारण स्पष्ट होगा और सरकार परिवार के साथ खड़ी है।
खंडवा के किसान लगातार बढ़ते कर्ज और प्राकृतिक आपदाओं के बीच आर्थिक असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। मदन की आत्महत्या इस समस्या की गहरी हकीकत को सामने लाती है।
.............................................................................................
दैनिक जागरण MP/CG डिजिटल
अब खबरें सिर्फ पढ़िए नहीं, बल्कि पाएं लाइव अपडेट्स, वीडियो और एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स सीधे अपने मोबाइल पर।
हर जरूरी जानकारी, अब हर वक्त आपके हाथों में।
👉 हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
