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इंदौर नगर निगम की कमान क्षीतिज सिंघल को, सरकार ने किया नया निगमायुक्त नियुक्त
इंदौर (म.प्र.)
दिलीप कुमार यादव के तबादले के बाद सरकार का बड़ा फैसला, 2014 बैच के आईएएस को सौंपी शहर की कमान
मध्यप्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा निर्णय लेते हुए 2014 बैच के आईएएस अधिकारी क्षीतिज सिंघल को इंदौर नगर निगम का नया आयुक्त नियुक्त किया है। शुक्रवार रात तत्कालीन निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव के तबादले के बाद शनिवार को यह आदेश जारी किया गया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, क्षीतिज सिंघल शनिवार को ही अपना कार्यभार संभाल सकते हैं।
यह नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है, जब इंदौर नगर निगम गंभीर प्रशासनिक और जनस्वास्थ्य से जुड़े संकट से गुजर रहा है। हाल ही में शहर में दूषित पानी के कारण 15 लोगों की मौत के मामले ने शासन और प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया था। इसी प्रकरण के बाद सरकार ने निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव को पद से हटाते हुए नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और उन्हें इंदौर से स्थानांतरित कर दिया गया था।
नए निगमायुक्त क्षीतिज सिंघल को प्रशासनिक हलकों में एक तेजतर्रार, सख्त और निर्णय लेने वाले अधिकारी के रूप में जाना जाता है। इससे पहले वे उज्जैन नगर निगम, राज्य की बिजली वितरण कंपनी, और विभिन्न जिलों में अहम प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। शहरी प्रशासन और सार्वजनिक सेवाओं का अनुभव उन्हें इंदौर जैसे बड़े महानगर के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।
क्षीतिज सिंघल निजी जीवन को लेकर भी पहले चर्चा में रह चुके हैं। उन्होंने अपनी पत्नी और आईएएस अधिकारी शीतला पटले के साथ 1 जनवरी को बिना किसी मुहूर्त के कोर्ट मैरिज की थी, जो प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बनी थी। शीतला पटले वर्तमान में सिवनी की कलेक्टर के रूप में पदस्थ हैं।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, सिंघल की कार्यशैली सीधी और बेबाक मानी जाती है। कई बार उनकी स्पष्टता नेताओं को असहज भी कर सकती है। गौरतलब है कि इंदौर नगर निगम में इससे पहले भी निगमायुक्तों और जनप्रतिनिधियों के बीच कार्यशैली को लेकर टकराव सामने आते रहे हैं। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि वे राजनीतिक संतुलन और प्रशासनिक सख्ती के बीच किस तरह तालमेल बैठाते हैं।
इधर, निगम प्रशासन में व्यापक बदलाव किए गए हैं। सरकार ने आकाश सिंह, प्रखर सिंह और आशीष पाठक को इंदौर नगर निगम में पदस्थ किया है। इनमें आकाश सिंह और प्रखर सिंह डायरेक्ट आईएएस हैं, जबकि आशीष पाठक प्रमोटी आईएएस अधिकारी हैं। इसका उद्देश्य निगम की कार्यप्रणाली को मजबूत करना बताया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव का कार्यकाल अब तक का सबसे छोटा कार्यकाल रहा। उन्हें 9 सितंबर को पदस्थ किया गया था और महज चार महीने के भीतर उन्हें हटा दिया गया। ऐसे में क्षीतिज सिंघल के सामने न केवल प्रशासनिक सुधार, बल्कि जनता का भरोसा बहाल करने की भी बड़ी चुनौती होगी।
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इंदौर नगर निगम की कमान क्षीतिज सिंघल को, सरकार ने किया नया निगमायुक्त नियुक्त
इंदौर (म.प्र.)
मध्यप्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा निर्णय लेते हुए 2014 बैच के आईएएस अधिकारी क्षीतिज सिंघल को इंदौर नगर निगम का नया आयुक्त नियुक्त किया है। शुक्रवार रात तत्कालीन निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव के तबादले के बाद शनिवार को यह आदेश जारी किया गया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, क्षीतिज सिंघल शनिवार को ही अपना कार्यभार संभाल सकते हैं।
यह नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है, जब इंदौर नगर निगम गंभीर प्रशासनिक और जनस्वास्थ्य से जुड़े संकट से गुजर रहा है। हाल ही में शहर में दूषित पानी के कारण 15 लोगों की मौत के मामले ने शासन और प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया था। इसी प्रकरण के बाद सरकार ने निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव को पद से हटाते हुए नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और उन्हें इंदौर से स्थानांतरित कर दिया गया था।
नए निगमायुक्त क्षीतिज सिंघल को प्रशासनिक हलकों में एक तेजतर्रार, सख्त और निर्णय लेने वाले अधिकारी के रूप में जाना जाता है। इससे पहले वे उज्जैन नगर निगम, राज्य की बिजली वितरण कंपनी, और विभिन्न जिलों में अहम प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। शहरी प्रशासन और सार्वजनिक सेवाओं का अनुभव उन्हें इंदौर जैसे बड़े महानगर के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।
क्षीतिज सिंघल निजी जीवन को लेकर भी पहले चर्चा में रह चुके हैं। उन्होंने अपनी पत्नी और आईएएस अधिकारी शीतला पटले के साथ 1 जनवरी को बिना किसी मुहूर्त के कोर्ट मैरिज की थी, जो प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बनी थी। शीतला पटले वर्तमान में सिवनी की कलेक्टर के रूप में पदस्थ हैं।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, सिंघल की कार्यशैली सीधी और बेबाक मानी जाती है। कई बार उनकी स्पष्टता नेताओं को असहज भी कर सकती है। गौरतलब है कि इंदौर नगर निगम में इससे पहले भी निगमायुक्तों और जनप्रतिनिधियों के बीच कार्यशैली को लेकर टकराव सामने आते रहे हैं। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि वे राजनीतिक संतुलन और प्रशासनिक सख्ती के बीच किस तरह तालमेल बैठाते हैं।
इधर, निगम प्रशासन में व्यापक बदलाव किए गए हैं। सरकार ने आकाश सिंह, प्रखर सिंह और आशीष पाठक को इंदौर नगर निगम में पदस्थ किया है। इनमें आकाश सिंह और प्रखर सिंह डायरेक्ट आईएएस हैं, जबकि आशीष पाठक प्रमोटी आईएएस अधिकारी हैं। इसका उद्देश्य निगम की कार्यप्रणाली को मजबूत करना बताया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव का कार्यकाल अब तक का सबसे छोटा कार्यकाल रहा। उन्हें 9 सितंबर को पदस्थ किया गया था और महज चार महीने के भीतर उन्हें हटा दिया गया। ऐसे में क्षीतिज सिंघल के सामने न केवल प्रशासनिक सुधार, बल्कि जनता का भरोसा बहाल करने की भी बड़ी चुनौती होगी।
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