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सतपुड़ा के जंगलों की लेडी सिंघम, जिनके नाम से वन माफिया थर-थर कांपते हैं
Narmadapuram, MP
सतपुड़ा के जंगलों की निडर प्रहरी रश्मि पठारिया हमेशा चर्चा में रहती हैं. वह जंगल में वन माफिया व तस्करों पर भारी पड़ती हैं.
मध्यप्रदेश में वन संरक्षण और अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ती जा रही है. नर्मदापुरम के पचमढ़ी स्थित सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) की डिप्टी रेंजर रश्मि पठारिया जंगलों की सुरक्षा एवं प्रबंधन के लिए 22 वर्षों से समर्पित हैं. रश्मि पठारिया को लोग "लेडी सिंघम" के नाम से जानते हैं. उनकी सख्ती के कारण इस बार के महादेव मेले एवं महाशिवरात्रि पर पचमढ़ी में लगने वाले मेले में एक भी बैल पारदी नही पहुंचा.
रश्मि पठारिया को लोग क्यों कहते हैं लेडी सिंघम
डिप्टी रेंजर रश्मि पठारिया बताती है "उन्हें लेडी सिंघम के नाम से लोग जानते हैं. इस कारण मेरी पर्सनेलिटी है, जहां मैं चली जाती हूं, वहां वन माफिया में खौफ पैदा हो जाता है. लोग मुझे देखकर कहते हैं बड़ी आंखों वाली आई है. मेरी 22 साल की सर्विस में 30 वन अपराध प्रकरणों में सहयोग रहा है. इस दौरान जो जब्तियां हुईं और जो प्रकरण बनाए, इससे विभाग में उनकी धाक जमी. 22 साल की नौकरी के दौरान कई घटनाक्रम हुए. नागद्वारी मेले की घटना 5 अगस्त 2024 में हुई थी. जिसमें मॉनिटर लिजर्ड (गोहेटा) के हत्था जोड़ी कहा जाता है, उसके चार पंजे, पांच नग हत्था जोड़ी नागद्वारी जंगल रोड से जब्त किए."
सख्ती का असर कि महादेव मेले से तस्कर गायब
रश्मि पठारिया की कार्यप्रणाली का ही असर है कि महादेव मेले में इस बार एक भी बैल पारदी या संपेरे नहीं आए. वह बताती हैं "इस साल भी मेरी ड्यूटी मेले में लगी थी. इस दौरान मेले में चेकिंग की गई तो कोई भी संपेरा, ना ही कोई बैल पारदी और ना ही कोई जड़ी बूटी की दुकान मिली. बैतूल में भी 208 में एक घटनाक्रम हुआ था. हमारे द्वारा चमड़ा जब्त किया गया. इसमें मेरी भूमिका अहम थी. कार्रवाई में पूरा नर्मदापुरम का स्टाफ था. हम लोग टीम बनाकर गए हुए थे. हम लोग सभी हताश हो चुके थे, सुबह से शाम हो गई और हमें कुछ नहीं मिला. लेकिन एक महिला बार-बार मुझे अलमारी के पास जाने से रोक रही थी."


बैतूल में एक घर से हथियारों के साथ तेंदुए की खाल बरामद
इसके बाद रश्मि ने अलमारी के अंदर से कुल्हाड़ी से ताला तोड़कर चादर में लिपटी हुई तेंदुए की खाल जब्त की. बाद में वहां से बंदूक, गोला बारूद, सांभर के सींग सहित अन्य सामान भी जब्त किया. रश्मि के बारे में डिप्टी डायरेक्टर पूजा नागले बताती हैं "सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में जो महिला स्टाफ है, उनके लिए बराबर अवसर हैं. रश्मि पठारिया बहुत ही निडरता से ड्यूटी करती हैं. वन प्रबंधन के साथ ही वन अपराध से संबंधित कार्रवाई में वह सबसे आगे रहती हैं."
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सतपुड़ा के जंगलों की लेडी सिंघम, जिनके नाम से वन माफिया थर-थर कांपते हैं
Narmadapuram, MP
मध्यप्रदेश में वन संरक्षण और अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ती जा रही है. नर्मदापुरम के पचमढ़ी स्थित सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) की डिप्टी रेंजर रश्मि पठारिया जंगलों की सुरक्षा एवं प्रबंधन के लिए 22 वर्षों से समर्पित हैं. रश्मि पठारिया को लोग "लेडी सिंघम" के नाम से जानते हैं. उनकी सख्ती के कारण इस बार के महादेव मेले एवं महाशिवरात्रि पर पचमढ़ी में लगने वाले मेले में एक भी बैल पारदी नही पहुंचा.
रश्मि पठारिया को लोग क्यों कहते हैं लेडी सिंघम
डिप्टी रेंजर रश्मि पठारिया बताती है "उन्हें लेडी सिंघम के नाम से लोग जानते हैं. इस कारण मेरी पर्सनेलिटी है, जहां मैं चली जाती हूं, वहां वन माफिया में खौफ पैदा हो जाता है. लोग मुझे देखकर कहते हैं बड़ी आंखों वाली आई है. मेरी 22 साल की सर्विस में 30 वन अपराध प्रकरणों में सहयोग रहा है. इस दौरान जो जब्तियां हुईं और जो प्रकरण बनाए, इससे विभाग में उनकी धाक जमी. 22 साल की नौकरी के दौरान कई घटनाक्रम हुए. नागद्वारी मेले की घटना 5 अगस्त 2024 में हुई थी. जिसमें मॉनिटर लिजर्ड (गोहेटा) के हत्था जोड़ी कहा जाता है, उसके चार पंजे, पांच नग हत्था जोड़ी नागद्वारी जंगल रोड से जब्त किए."
सख्ती का असर कि महादेव मेले से तस्कर गायब
रश्मि पठारिया की कार्यप्रणाली का ही असर है कि महादेव मेले में इस बार एक भी बैल पारदी या संपेरे नहीं आए. वह बताती हैं "इस साल भी मेरी ड्यूटी मेले में लगी थी. इस दौरान मेले में चेकिंग की गई तो कोई भी संपेरा, ना ही कोई बैल पारदी और ना ही कोई जड़ी बूटी की दुकान मिली. बैतूल में भी 208 में एक घटनाक्रम हुआ था. हमारे द्वारा चमड़ा जब्त किया गया. इसमें मेरी भूमिका अहम थी. कार्रवाई में पूरा नर्मदापुरम का स्टाफ था. हम लोग टीम बनाकर गए हुए थे. हम लोग सभी हताश हो चुके थे, सुबह से शाम हो गई और हमें कुछ नहीं मिला. लेकिन एक महिला बार-बार मुझे अलमारी के पास जाने से रोक रही थी."


बैतूल में एक घर से हथियारों के साथ तेंदुए की खाल बरामद
इसके बाद रश्मि ने अलमारी के अंदर से कुल्हाड़ी से ताला तोड़कर चादर में लिपटी हुई तेंदुए की खाल जब्त की. बाद में वहां से बंदूक, गोला बारूद, सांभर के सींग सहित अन्य सामान भी जब्त किया. रश्मि के बारे में डिप्टी डायरेक्टर पूजा नागले बताती हैं "सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में जो महिला स्टाफ है, उनके लिए बराबर अवसर हैं. रश्मि पठारिया बहुत ही निडरता से ड्यूटी करती हैं. वन प्रबंधन के साथ ही वन अपराध से संबंधित कार्रवाई में वह सबसे आगे रहती हैं."
