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गुना में जमीन विवाद की आग: बीजेपी नेता पर किसान की हत्या का आरोप, दो साल में 3 मौतें और 10 घर जले
Guna, MP
फतेहगढ़ से बमोरी तक फैले जमीन विवादों ने गुना को हिंसा का केंद्र बना दिया है; ताजा मामले में किसान को थार से कुचलकर मार डाला गया, आरोपी भाजपा नेता गिरफ्तार।
मध्यप्रदेश के गुना जिले में जमीन विवादों की हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही। फतेहगढ़ के गणेशपुरा गांव में 26 अक्टूबर को 6 बीघा जमीन को लेकर हुए विवाद में किसान रामस्वरूप नागर की बेरहमी से हत्या कर दी गई। परिजनों का आरोप है कि स्थानीय भाजपा नेता महेंद्र नागर और उसके साथियों ने पहले लाठी-डंडों से हमला किया, फिर घायल किसान को थार वाहन से कुचल दिया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया।
थार से कुचलकर हत्या, परिवार पर हमला
घटना के दिन रामस्वरूप अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ खेत की ओर जा रहे थे। रास्ते में महेंद्र नागर और उसके साथियों ने उन्हें रोक लिया। दोनों पक्षों के बीच पहले से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, हमलावरों ने पहले परिजनों को पीटा, फिर रामस्वरूप को गिराकर उसके ऊपर थार चढ़ा दी, जिससे उसकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई।
पीड़िता विनोद बाई नागर ने बताया कि हमलावरों ने किशोरियों के कपड़े तक फाड़ दिए और धमकाकर वहां से भाग गए। गंभीर हालत में रामस्वरूप को अस्पताल ले जाया गया, जहां रात 8 बजे उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने मुख्य आरोपी महेंद्र नागर सहित 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। महेंद्र भाजपा किसान मोर्चा का बमोरी विधानसभा प्रभारी और कुड़का ग्राम पंचायत का पूर्व सरपंच रह चुका है। पार्टी ने उसे तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया।
आदिवासी की सीने में तीर, जंगल की जमीन पर खून
यह अकेली घटना नहीं है। गुना जिले में पिछले दो वर्षों में जमीन विवाद से जुड़ी तीन और बड़ी घटनाओं में जानें जा चुकी हैं।
9 सितंबर को बमोरी क्षेत्र के चाकरी और छिकारी गांवों में फॉरेस्ट की जमीन को लेकर भील और भिलाला समुदाय के बीच संघर्ष भड़क गया। दोनों पक्षों में गोफन (तीर) और पत्थरबाजी हुई। इस दौरान भील समाज के गंगाराम भील (55) को सीने में तीर लगा और उसकी मौके पर मौत हो गई।
शव को 16 घंटे तक गांव से नहीं निकाला जा सका क्योंकि दोनों पक्षों के बीच तनाव इतना था कि पुलिस को 4 किमी दूर डेरा डालना पड़ा। अगले दिन भारी सुरक्षा में शव को बाहर निकाला गया। अब तक एक दर्जन से अधिक लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
10 घर जलाए, ट्रैक्टर और फसलें राख
26 नवंबर 2023 को फतेहगढ़ के पन्हेटी गांव में भी फॉरेस्ट की जमीन पर कब्जे को लेकर भील और बंजारा समुदाय के बीच हिंसा हुई। इस संघर्ष में गल सिंह भिलाला नामक युवक की मौत के बाद भील समाज ने प्रतिशोध में बंजारा बस्ती पर हमला कर 10 घरों और दो ट्रैक्टरों को आग के हवाले कर दिया। भीड़ ने खेतों में रखी मक्का की फसल, कारें और बाइकें भी जला दीं।
पुलिस जब मौके पर पहुंची तो भीड़ ने पथराव कर दिया, जिसके बाद अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा। बाद में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गांव पहुंचकर दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की।
दो वर्षों में तीन हत्याएं, प्रशासन पर सवाल
पिछले दो साल में बमोरी और फतेहगढ़ के इलाकों में जमीन विवाद से जुड़ी तीन हत्याएं और कई आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं। हर बार पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हिंसा भड़क जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वन भूमि और राजस्व भूमि के अस्पष्ट स्वामित्व और कब्जे की स्थिति ने विवादों को और गहरा किया है।
आगे की स्थिति
फतेहगढ़ हत्याकांड के सभी मुख्य आरोपी जेल में हैं। प्रशासन ने कहा है कि पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता दी जाएगी। वहीं, बमोरी और पन्हेटी गांवों में अब भी तनाव बना हुआ है। पुलिस ने एहतियातन बल बढ़ा दिया है और विवादित जमीनों की पैमाइश के लिए राजस्व टीमों को लगाया गया है।
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मध्यप्रदेश के गुना जिले में जमीन विवादों की हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही। फतेहगढ़ के गणेशपुरा गांव में 26 अक्टूबर को 6 बीघा जमीन को लेकर हुए विवाद में किसान रामस्वरूप नागर की बेरहमी से हत्या कर दी गई। परिजनों का आरोप है कि स्थानीय भाजपा नेता महेंद्र नागर और उसके साथियों ने पहले लाठी-डंडों से हमला किया, फिर घायल किसान को थार वाहन से कुचल दिया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया।
थार से कुचलकर हत्या, परिवार पर हमला
घटना के दिन रामस्वरूप अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ खेत की ओर जा रहे थे। रास्ते में महेंद्र नागर और उसके साथियों ने उन्हें रोक लिया। दोनों पक्षों के बीच पहले से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, हमलावरों ने पहले परिजनों को पीटा, फिर रामस्वरूप को गिराकर उसके ऊपर थार चढ़ा दी, जिससे उसकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई।
पीड़िता विनोद बाई नागर ने बताया कि हमलावरों ने किशोरियों के कपड़े तक फाड़ दिए और धमकाकर वहां से भाग गए। गंभीर हालत में रामस्वरूप को अस्पताल ले जाया गया, जहां रात 8 बजे उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने मुख्य आरोपी महेंद्र नागर सहित 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। महेंद्र भाजपा किसान मोर्चा का बमोरी विधानसभा प्रभारी और कुड़का ग्राम पंचायत का पूर्व सरपंच रह चुका है। पार्टी ने उसे तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया।
आदिवासी की सीने में तीर, जंगल की जमीन पर खून
यह अकेली घटना नहीं है। गुना जिले में पिछले दो वर्षों में जमीन विवाद से जुड़ी तीन और बड़ी घटनाओं में जानें जा चुकी हैं।
9 सितंबर को बमोरी क्षेत्र के चाकरी और छिकारी गांवों में फॉरेस्ट की जमीन को लेकर भील और भिलाला समुदाय के बीच संघर्ष भड़क गया। दोनों पक्षों में गोफन (तीर) और पत्थरबाजी हुई। इस दौरान भील समाज के गंगाराम भील (55) को सीने में तीर लगा और उसकी मौके पर मौत हो गई।
शव को 16 घंटे तक गांव से नहीं निकाला जा सका क्योंकि दोनों पक्षों के बीच तनाव इतना था कि पुलिस को 4 किमी दूर डेरा डालना पड़ा। अगले दिन भारी सुरक्षा में शव को बाहर निकाला गया। अब तक एक दर्जन से अधिक लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
10 घर जलाए, ट्रैक्टर और फसलें राख
26 नवंबर 2023 को फतेहगढ़ के पन्हेटी गांव में भी फॉरेस्ट की जमीन पर कब्जे को लेकर भील और बंजारा समुदाय के बीच हिंसा हुई। इस संघर्ष में गल सिंह भिलाला नामक युवक की मौत के बाद भील समाज ने प्रतिशोध में बंजारा बस्ती पर हमला कर 10 घरों और दो ट्रैक्टरों को आग के हवाले कर दिया। भीड़ ने खेतों में रखी मक्का की फसल, कारें और बाइकें भी जला दीं।
पुलिस जब मौके पर पहुंची तो भीड़ ने पथराव कर दिया, जिसके बाद अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा। बाद में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गांव पहुंचकर दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की।
दो वर्षों में तीन हत्याएं, प्रशासन पर सवाल
पिछले दो साल में बमोरी और फतेहगढ़ के इलाकों में जमीन विवाद से जुड़ी तीन हत्याएं और कई आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं। हर बार पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हिंसा भड़क जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वन भूमि और राजस्व भूमि के अस्पष्ट स्वामित्व और कब्जे की स्थिति ने विवादों को और गहरा किया है।
आगे की स्थिति
फतेहगढ़ हत्याकांड के सभी मुख्य आरोपी जेल में हैं। प्रशासन ने कहा है कि पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता दी जाएगी। वहीं, बमोरी और पन्हेटी गांवों में अब भी तनाव बना हुआ है। पुलिस ने एहतियातन बल बढ़ा दिया है और विवादित जमीनों की पैमाइश के लिए राजस्व टीमों को लगाया गया है।
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