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खेत में खेल रहे 13 साल के बच्चे पर तेंदुए ने किया हमला, बहादुरी से मुकाबला कर बचाई अपनी जान
नर्मदापुरम (म.प्र.)
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में 13 साल के बच्चे पर तेंदुए ने हमला किया। बच्चे ने तेंदुए की गर्दन पकड़कर खुद की जान बचाई।
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में 13 साल के एक बच्चे ने ऐसी बहादुरी दिखाई, जिसकी इलाके में खूब चर्चा हो रही है। पिपरिया तहसील के कुर्सी खापा गांव में खेत के पास खेल रहे सत्यम ठाकुर पर अचानक तेंदुए ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि देर शाम बच्चा खेत की तरफ अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था, तभी झाड़ियों से निकलकर तेंदुआ उस पर झपटा। हमला इतना अचानक था कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए।
जानकारी के मुताबिक तेंदुए ने बच्चे को नीचे गिराने की कोशिश की, लेकिन सत्यम ने घबराने की बजाय हिम्मत दिखाई। परिवार वालों का कहना है कि उसने तुरंत तेंदुए की गर्दन पकड़ ली और खुद को छुड़ाने की कोशिश करता रहा। कुछ सेकंड तक दोनों के बीच संघर्ष चलता रहा। इसी दौरान बच्चा जोर-जोर से चिल्लाने लगा। आवाज सुनकर खेतों में काम कर रहे लोग और परिजन डंडे लेकर मौके की तरफ दौड़े। ग्रामीणों के पहुंचते ही शोर बढ़ गया और तेंदुआ बच्चे को छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला। गांव में घटना के बाद काफी देर तक दहशत का माहौल बना रहा। कई लोग मौके पर जमा हो गए थे और बच्चे की हालत देखकर घबरा गए।
तेंदुए के नाखून लगने से सत्यम के पेट और पैरों में चोटें आई हैं। हमले के बाद उसे तुरंत पिपरिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज किया। जानकारी के अनुसार बच्चे की हालत अब स्थिर है और खतरे से बाहर बताई जा रही है। डॉक्टरों ने शरीर पर कई जगह खरोंच और गहरे निशान होने की बात कही है। वन विभाग की टीम भी अस्पताल पहुंची थी। अधिकारियों के अनुसार घटना जंगल से सटे इलाके में हुई है और तेंदुए की मूवमेंट पहले भी आसपास देखी गई थी। विभाग ने गांव के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से इलाके में जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ गई है। खासकर रात के समय खेतों और गांव के किनारे तेंदुए दिखाई देने की बातें सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने और सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है। ऐसा कहा जा रहा है कि गर्मी बढ़ने और जंगलों में पानी की कमी की वजह से जंगली जानवर आबादी वाले इलाकों की तरफ आ रहे हैं।
मध्य प्रदेश में हाल के महीनों में तेंदुए के हमलों के कई मामले सामने आ चुके हैं। इससे पहले पन्ना जिले में भी एक बुजुर्ग पर तेंदुए ने हमला कर दिया था। उस घटना में बुजुर्ग ने साहस दिखाते हुए तेंदुए का कान पकड़ लिया था, जिसके बाद जानवर पीछे हट गया था।
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खेत में खेल रहे 13 साल के बच्चे पर तेंदुए ने किया हमला, बहादुरी से मुकाबला कर बचाई अपनी जान
नर्मदापुरम (म.प्र.)
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में 13 साल के एक बच्चे ने ऐसी बहादुरी दिखाई, जिसकी इलाके में खूब चर्चा हो रही है। पिपरिया तहसील के कुर्सी खापा गांव में खेत के पास खेल रहे सत्यम ठाकुर पर अचानक तेंदुए ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि देर शाम बच्चा खेत की तरफ अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था, तभी झाड़ियों से निकलकर तेंदुआ उस पर झपटा। हमला इतना अचानक था कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए।
जानकारी के मुताबिक तेंदुए ने बच्चे को नीचे गिराने की कोशिश की, लेकिन सत्यम ने घबराने की बजाय हिम्मत दिखाई। परिवार वालों का कहना है कि उसने तुरंत तेंदुए की गर्दन पकड़ ली और खुद को छुड़ाने की कोशिश करता रहा। कुछ सेकंड तक दोनों के बीच संघर्ष चलता रहा। इसी दौरान बच्चा जोर-जोर से चिल्लाने लगा। आवाज सुनकर खेतों में काम कर रहे लोग और परिजन डंडे लेकर मौके की तरफ दौड़े। ग्रामीणों के पहुंचते ही शोर बढ़ गया और तेंदुआ बच्चे को छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला। गांव में घटना के बाद काफी देर तक दहशत का माहौल बना रहा। कई लोग मौके पर जमा हो गए थे और बच्चे की हालत देखकर घबरा गए।
तेंदुए के नाखून लगने से सत्यम के पेट और पैरों में चोटें आई हैं। हमले के बाद उसे तुरंत पिपरिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज किया। जानकारी के अनुसार बच्चे की हालत अब स्थिर है और खतरे से बाहर बताई जा रही है। डॉक्टरों ने शरीर पर कई जगह खरोंच और गहरे निशान होने की बात कही है। वन विभाग की टीम भी अस्पताल पहुंची थी। अधिकारियों के अनुसार घटना जंगल से सटे इलाके में हुई है और तेंदुए की मूवमेंट पहले भी आसपास देखी गई थी। विभाग ने गांव के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से इलाके में जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ गई है। खासकर रात के समय खेतों और गांव के किनारे तेंदुए दिखाई देने की बातें सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने और सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है। ऐसा कहा जा रहा है कि गर्मी बढ़ने और जंगलों में पानी की कमी की वजह से जंगली जानवर आबादी वाले इलाकों की तरफ आ रहे हैं।
मध्य प्रदेश में हाल के महीनों में तेंदुए के हमलों के कई मामले सामने आ चुके हैं। इससे पहले पन्ना जिले में भी एक बुजुर्ग पर तेंदुए ने हमला कर दिया था। उस घटना में बुजुर्ग ने साहस दिखाते हुए तेंदुए का कान पकड़ लिया था, जिसके बाद जानवर पीछे हट गया था।
