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एमपी में आज हल्की बारिश, कल से दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश का दौर
BHOPAL, MP
मध्यप्रदेश में मंगलवार को मौसम ने अपना मिजाज बदला। राजधानी और कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई, लेकिन तेज बारिश का दौर फिलहाल नहीं रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 28 अगस्त से एक नया सिस्टम सक्रिय होगा, जो दक्षिणी हिस्सों में फिर से भारी बारिश लेकर आएगा।
तेज बारिश और हालात:
मंगलवार को रतलाम, मंदसौर समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। रतलाम में चौराहों पर पानी भर गया और मंदसौर में शिवना नदी उफान पर आ गई। जबलपुर के बरगी डैम के 9 और नर्मदापुरम के तवा बांध के 3 गेट खुले रहे। रतलाम में करीब सवा इंच बारिश दर्ज की गई। नर्मदापुरम, उज्जैन, दमोह, खजुराहो और उमरिया में भी हल्की वर्षा हुई।
नर्मदापुरम में तवा डैम के तीन गेट दो-दो फीट की ऊंचाई तक खोलकर 10 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। मंदसौर में शिवना नदी, नाहरगढ़-बिल्लोद पुलिया से बह निकली। भानपुरा के बड़े महादेव स्थित झरने में भी पानी बहना शुरू हो गया।
बारिश में गुना सबसे आगे:
गुना जिले में अब तक 53.3 इंच पानी गिर चुका है, जो प्रदेश में सबसे अधिक है। इसके बाद मंडला 52.8 इंच, अशोकनगर 50.5 इंच, श्योपुर 49.9 इंच और शिवपुरी 49.7 इंच बारिश के आंकड़ों के साथ शामिल हैं।
वहीं, सबसे कम बारिश वाले पांच जिलों में सभी इंदौर संभाग के हैं। इंदौर अब तक केवल 16.3 इंच बारिश के साथ सबसे आखिरी स्थान पर है। बुरहानपुर में 18.7 इंच, खरगोन 19.8 इंच, खंडवा 19 इंच और बड़वानी में 20 इंच से कम पानी गिरा है। इन जिलों में बुधवार को भी तेज बारिश होने की संभावना कम ही है।
नया सिस्टम सक्रिय:
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, प्रदेश के ऊपर एक मानसून ट्रफ गुजर रही है। मंगलवार को इसके प्रभाव से कई जिलों में हल्की बारिश हुई। बुधवार को ट्रफ प्रदेश से दूर रहेगी, जिससे तेज बारिश नहीं होगी, लेकिन 28 अगस्त से नया सिस्टम सक्रिय होकर दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश ला सकता है।
प्रदेश में अब तक हुई बारिश:
16 जून से मानसून के आगमन के बाद प्रदेश में अब तक औसतन 35.6 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य औसत 37 इंच है। इस हिसाब से 96 प्रतिशत बारिश कोटा पूरा हो चुका है। पिछली बार इसी अवधि में 44 इंच से अधिक पानी गिरा था।
मॉनसून का प्रदर्शन:
पूर्वी हिस्सों यानी जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश रिकॉर्ड की गई। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़ और उमरिया में बाढ़ जैसी स्थिति बनी। ग्वालियर-चंबल संभाग में भी मानसून ने जमकर बरसा। यहां के 8 जिलों में से 7 में कोटे से अधिक पानी गिर चुका है, जिसमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना और श्योपुर शामिल हैं।
मौसम विभाग का अलर्ट:
28, 29 और 30 अगस्त को प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। नागरिकों से सुरक्षा उपाय अपनाने और सतर्क रहने की अपील की गई है।
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एमपी में आज हल्की बारिश, कल से दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश का दौर
BHOPAL, MP
मध्यप्रदेश में मंगलवार को मौसम ने अपना मिजाज बदला। राजधानी और कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई, लेकिन तेज बारिश का दौर फिलहाल नहीं रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 28 अगस्त से एक नया सिस्टम सक्रिय होगा, जो दक्षिणी हिस्सों में फिर से भारी बारिश लेकर आएगा।
तेज बारिश और हालात:
मंगलवार को रतलाम, मंदसौर समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। रतलाम में चौराहों पर पानी भर गया और मंदसौर में शिवना नदी उफान पर आ गई। जबलपुर के बरगी डैम के 9 और नर्मदापुरम के तवा बांध के 3 गेट खुले रहे। रतलाम में करीब सवा इंच बारिश दर्ज की गई। नर्मदापुरम, उज्जैन, दमोह, खजुराहो और उमरिया में भी हल्की वर्षा हुई।
नर्मदापुरम में तवा डैम के तीन गेट दो-दो फीट की ऊंचाई तक खोलकर 10 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। मंदसौर में शिवना नदी, नाहरगढ़-बिल्लोद पुलिया से बह निकली। भानपुरा के बड़े महादेव स्थित झरने में भी पानी बहना शुरू हो गया।
बारिश में गुना सबसे आगे:
गुना जिले में अब तक 53.3 इंच पानी गिर चुका है, जो प्रदेश में सबसे अधिक है। इसके बाद मंडला 52.8 इंच, अशोकनगर 50.5 इंच, श्योपुर 49.9 इंच और शिवपुरी 49.7 इंच बारिश के आंकड़ों के साथ शामिल हैं।
वहीं, सबसे कम बारिश वाले पांच जिलों में सभी इंदौर संभाग के हैं। इंदौर अब तक केवल 16.3 इंच बारिश के साथ सबसे आखिरी स्थान पर है। बुरहानपुर में 18.7 इंच, खरगोन 19.8 इंच, खंडवा 19 इंच और बड़वानी में 20 इंच से कम पानी गिरा है। इन जिलों में बुधवार को भी तेज बारिश होने की संभावना कम ही है।
नया सिस्टम सक्रिय:
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, प्रदेश के ऊपर एक मानसून ट्रफ गुजर रही है। मंगलवार को इसके प्रभाव से कई जिलों में हल्की बारिश हुई। बुधवार को ट्रफ प्रदेश से दूर रहेगी, जिससे तेज बारिश नहीं होगी, लेकिन 28 अगस्त से नया सिस्टम सक्रिय होकर दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश ला सकता है।
प्रदेश में अब तक हुई बारिश:
16 जून से मानसून के आगमन के बाद प्रदेश में अब तक औसतन 35.6 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य औसत 37 इंच है। इस हिसाब से 96 प्रतिशत बारिश कोटा पूरा हो चुका है। पिछली बार इसी अवधि में 44 इंच से अधिक पानी गिरा था।
मॉनसून का प्रदर्शन:
पूर्वी हिस्सों यानी जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश रिकॉर्ड की गई। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़ और उमरिया में बाढ़ जैसी स्थिति बनी। ग्वालियर-चंबल संभाग में भी मानसून ने जमकर बरसा। यहां के 8 जिलों में से 7 में कोटे से अधिक पानी गिर चुका है, जिसमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना और श्योपुर शामिल हैं।
मौसम विभाग का अलर्ट:
28, 29 और 30 अगस्त को प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। नागरिकों से सुरक्षा उपाय अपनाने और सतर्क रहने की अपील की गई है।
