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एमपी के पूर्वी हिस्से में अगले चार दिन हल्की बारिश, पश्चिम में बढ़ेगी ठंड; राजगढ़ सबसे ठंडा शहर
BHOPAL, MP
मध्यप्रदेश में इस बार अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में भी मानसून का असर देखने को मिल रहा है। राज्य के पूर्वी जिलों — सिवनी, मंडला, बालाघाट, अनूपपुर और डिंडौरी — में अगले चार दिनों तक हल्की बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं, राजधानी भोपाल समेत इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर संभागों में रातें ठंडी बनी रहेंगी।
शनिवार को प्रदेश के कई इलाकों में बूंदाबांदी दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि लोकल सिस्टम की एक्टिविटी की वजह से पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश जारी रह सकती है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में उत्तरी हवाओं से ठंड बढ़ने लगी है।
पूर्वी हिस्से में बारिश का अनुमान, पश्चिम में ठंड का असर
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश के पूर्वी इलाकों में अगले चार दिन तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभागों में न्यूनतम तापमान में गिरावट जारी रहेगी।
प्रदेश के 40 से अधिक जिलों से मानसून की वापसी हो चुकी है, जबकि सिंगरौली, सीधी, शहडोल, मंडला, बालाघाट, जबलपुर और छिंदवाड़ा जैसे जिलों में मानसून अभी बरकरार है।
ठंडी हवाओं का असर बढ़ा, जम्मू-कश्मीर की बर्फबारी का असर एमपी में
उत्तर भारत में पहाड़ों पर बर्फबारी शुरू होते ही मध्यप्रदेश में भी ठंडक का असर बढ़ गया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में हो रही बर्फबारी के कारण उत्तर से ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश की ओर बढ़ रही हैं। इसका असर भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और नर्मदापुरम में ज्यादा देखने को मिल रहा है।
25 से ज्यादा शहरों में पारा 20 डिग्री से नीचे, राजगढ़ सबसे ठंडा
शुक्रवार-शनिवार की रात को प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया।
राजगढ़ में सबसे कम 13.5°C तापमान रहा, जबकि धार में 15.6°C, इंदौर में 15°C, भोपाल में 17.8°C, उज्जैन में 17.2°C और ग्वालियर में 18.2°C दर्ज किया गया।
यह संकेत है कि मध्यप्रदेश में सर्दी की दस्तक शुरू हो चुकी है।
गुना में सबसे ज्यादा बारिश, शाजापुर सबसे सूखा जिला
इस साल के मानसूनी सीजन में सबसे ज्यादा बारिश गुना में दर्ज की गई — करीब 65.6 इंच।
मंडला और रायसेन में 62 इंच से अधिक, जबकि श्योपुर और अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा बारिश हुई।
वहीं, शाजापुर (28.9 इंच), खरगोन (29.6 इंच), खंडवा (32 इंच), बड़वानी (33.5 इंच) और धार (33.6 इंच) सबसे कम बारिश वाले जिले रहे।
इंदौर संभाग की स्थिति में सुधार
सीजन की शुरुआत में इंदौर और उज्जैन संभाग में कम बारिश होने से स्थिति कमजोर थी।
लेकिन सितंबर में हुई तेज बारिश के कारण इंदौर में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो गया, जबकि उज्जैन जिले में अब भी कमी बनी हुई है।
ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में मानसून जमकर बरसा
ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में इस बार मानसून ने उम्मीद से ज्यादा पानी बरसाया।
ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर — सभी जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई।
अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम
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पूर्वी एमपी: हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना
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पश्चिमी एमपी: मौसम शुष्क रहेगा, रातें ठंडी होंगी
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राजधानी भोपाल: 23°C न्यूनतम और 31°C अधिकतम तापमान के साथ हल्के बादल
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एमपी के पूर्वी हिस्से में अगले चार दिन हल्की बारिश, पश्चिम में बढ़ेगी ठंड; राजगढ़ सबसे ठंडा शहर
BHOPAL, MP
मध्यप्रदेश में इस बार अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में भी मानसून का असर देखने को मिल रहा है। राज्य के पूर्वी जिलों — सिवनी, मंडला, बालाघाट, अनूपपुर और डिंडौरी — में अगले चार दिनों तक हल्की बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं, राजधानी भोपाल समेत इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर संभागों में रातें ठंडी बनी रहेंगी।
शनिवार को प्रदेश के कई इलाकों में बूंदाबांदी दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि लोकल सिस्टम की एक्टिविटी की वजह से पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश जारी रह सकती है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में उत्तरी हवाओं से ठंड बढ़ने लगी है।
पूर्वी हिस्से में बारिश का अनुमान, पश्चिम में ठंड का असर
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश के पूर्वी इलाकों में अगले चार दिन तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभागों में न्यूनतम तापमान में गिरावट जारी रहेगी।
प्रदेश के 40 से अधिक जिलों से मानसून की वापसी हो चुकी है, जबकि सिंगरौली, सीधी, शहडोल, मंडला, बालाघाट, जबलपुर और छिंदवाड़ा जैसे जिलों में मानसून अभी बरकरार है।
ठंडी हवाओं का असर बढ़ा, जम्मू-कश्मीर की बर्फबारी का असर एमपी में
उत्तर भारत में पहाड़ों पर बर्फबारी शुरू होते ही मध्यप्रदेश में भी ठंडक का असर बढ़ गया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में हो रही बर्फबारी के कारण उत्तर से ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश की ओर बढ़ रही हैं। इसका असर भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और नर्मदापुरम में ज्यादा देखने को मिल रहा है।
25 से ज्यादा शहरों में पारा 20 डिग्री से नीचे, राजगढ़ सबसे ठंडा
शुक्रवार-शनिवार की रात को प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया।
राजगढ़ में सबसे कम 13.5°C तापमान रहा, जबकि धार में 15.6°C, इंदौर में 15°C, भोपाल में 17.8°C, उज्जैन में 17.2°C और ग्वालियर में 18.2°C दर्ज किया गया।
यह संकेत है कि मध्यप्रदेश में सर्दी की दस्तक शुरू हो चुकी है।
गुना में सबसे ज्यादा बारिश, शाजापुर सबसे सूखा जिला
इस साल के मानसूनी सीजन में सबसे ज्यादा बारिश गुना में दर्ज की गई — करीब 65.6 इंच।
मंडला और रायसेन में 62 इंच से अधिक, जबकि श्योपुर और अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा बारिश हुई।
वहीं, शाजापुर (28.9 इंच), खरगोन (29.6 इंच), खंडवा (32 इंच), बड़वानी (33.5 इंच) और धार (33.6 इंच) सबसे कम बारिश वाले जिले रहे।
इंदौर संभाग की स्थिति में सुधार
सीजन की शुरुआत में इंदौर और उज्जैन संभाग में कम बारिश होने से स्थिति कमजोर थी।
लेकिन सितंबर में हुई तेज बारिश के कारण इंदौर में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो गया, जबकि उज्जैन जिले में अब भी कमी बनी हुई है।
ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में मानसून जमकर बरसा
ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में इस बार मानसून ने उम्मीद से ज्यादा पानी बरसाया।
ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर — सभी जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई।
अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम
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पूर्वी एमपी: हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना
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पश्चिमी एमपी: मौसम शुष्क रहेगा, रातें ठंडी होंगी
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राजधानी भोपाल: 23°C न्यूनतम और 31°C अधिकतम तापमान के साथ हल्के बादल
