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मां सीता पर टिप्पणी पड़ी भारी, छतरपुर की सड़कों पर हिंदू संगठन, कुलगुरु को बताया शूर्पणखा
Chatarpur, MP
छतरपुर महाराजा छत्रसाल यूनिवर्सिटी की कुलगुरु के खिलाफ आक्रोश कम नहीं हो रहा है. हिंदू संगठनों ने पद से हटाने और FIR की मांग की.
जिले के महाराजा छत्रसाल विश्वविद्यालय की कुलगुरु का दिया बयान लगातार चर्चाओं में बना हुआ है. कुलगुरु के बयान पर हिंदू संगठनों का विरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. सोमवार को सर्व हिन्दू समाज ने कुलगुरु पर कार्रवाई करने और उन पर एफआईआर की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. इसके साथ ही राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा. हिंदू संगठनों ने कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी. वहीं कुलगुरु ने भी भगवा वस्त्र पहनकर एक वीडियो जारी किया है.
छतरपुर की सड़कों पर हिंदू संगठनों का आक्रोश
छतरपुर के महाराजा छत्रसाल यूनिवर्सिटी की कुलगुरु शुभा तिवारी की मुश्किलें लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है. सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक हिंदू संगठन माता सीता पर की गई टिप्पणी की आलोचना कर रहे हैं. सोमवार को कुलगुरु के खिलाफ छतरपुर का हिन्दू समाज, संत समाज, व्यापारी और महिलाएं सहित युवा सड़कों पर उतरे. सभी ने विरोध प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल के नाम छतरपुर कलेक्टर को ज्ञापन दिया. साथ ही एफआईआर दर्ज करने और शुभा तिवारी को कुलगुरु के पद से हटाने की मांग की.
माता सीता पर कुलगरु ने की थी टिप्पणी
इस दौरान भारी पुलिस बल मौजूद रहा. दरअसल, महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रोफेसर शुभा तिवारी ने बीते दिनों एक बयान दिया था. उन्होंने ओरछा के एक कार्यक्रम में माता सीता पर टिप्पणी की थी. कुलगुरु ने अपने वक्तव्य में कहा था कि " माता सीता महिलाओं की पसंद हैं. सीता जी के भगवान राम से प्रेम और विवाह का जिक्र किया था. साथ ही कुलगुरु ने रावण को मोटा, काला और बदसूरत बताते हुए कहा था कि, इसलिए सीता जी ने उसे नकार दिया था."

कुलगुरु को पद से हटाने और FIR करने की मांग
कुलगुरु का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. जिसे देखने के बाद हिंदू संगठनों ने विरोध जताया है. हालांकि प्रो शुभा तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोपों पर सफाई दे चुकी हैं. हिन्दू संगठन के प्रखर भट्ट ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि "भगवान राम पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं करेंगे. ऐसे अधिकारी अपना सामान बांध लें. वहीं एसडीएम अखिल राठौर ने कहा कि "कुलगुरु द्वारा कोई भाषण दिया गया है. जिस पर हिन्दू समाज के लोगों को आपत्ति है. ज्ञापन दिया गया है. जिसमे रामायण के संदर्भ में बयान दिए गए हैं, नियम अनुसार पत्र को आगे भेजा जाएगा.
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Chatarpur, MP
जिले के महाराजा छत्रसाल विश्वविद्यालय की कुलगुरु का दिया बयान लगातार चर्चाओं में बना हुआ है. कुलगुरु के बयान पर हिंदू संगठनों का विरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. सोमवार को सर्व हिन्दू समाज ने कुलगुरु पर कार्रवाई करने और उन पर एफआईआर की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. इसके साथ ही राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा. हिंदू संगठनों ने कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी. वहीं कुलगुरु ने भी भगवा वस्त्र पहनकर एक वीडियो जारी किया है.
छतरपुर की सड़कों पर हिंदू संगठनों का आक्रोश
छतरपुर के महाराजा छत्रसाल यूनिवर्सिटी की कुलगुरु शुभा तिवारी की मुश्किलें लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है. सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक हिंदू संगठन माता सीता पर की गई टिप्पणी की आलोचना कर रहे हैं. सोमवार को कुलगुरु के खिलाफ छतरपुर का हिन्दू समाज, संत समाज, व्यापारी और महिलाएं सहित युवा सड़कों पर उतरे. सभी ने विरोध प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल के नाम छतरपुर कलेक्टर को ज्ञापन दिया. साथ ही एफआईआर दर्ज करने और शुभा तिवारी को कुलगुरु के पद से हटाने की मांग की.
माता सीता पर कुलगरु ने की थी टिप्पणी
इस दौरान भारी पुलिस बल मौजूद रहा. दरअसल, महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रोफेसर शुभा तिवारी ने बीते दिनों एक बयान दिया था. उन्होंने ओरछा के एक कार्यक्रम में माता सीता पर टिप्पणी की थी. कुलगुरु ने अपने वक्तव्य में कहा था कि " माता सीता महिलाओं की पसंद हैं. सीता जी के भगवान राम से प्रेम और विवाह का जिक्र किया था. साथ ही कुलगुरु ने रावण को मोटा, काला और बदसूरत बताते हुए कहा था कि, इसलिए सीता जी ने उसे नकार दिया था."

कुलगुरु को पद से हटाने और FIR करने की मांग
कुलगुरु का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. जिसे देखने के बाद हिंदू संगठनों ने विरोध जताया है. हालांकि प्रो शुभा तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोपों पर सफाई दे चुकी हैं. हिन्दू संगठन के प्रखर भट्ट ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि "भगवान राम पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं करेंगे. ऐसे अधिकारी अपना सामान बांध लें. वहीं एसडीएम अखिल राठौर ने कहा कि "कुलगुरु द्वारा कोई भाषण दिया गया है. जिस पर हिन्दू समाज के लोगों को आपत्ति है. ज्ञापन दिया गया है. जिसमे रामायण के संदर्भ में बयान दिए गए हैं, नियम अनुसार पत्र को आगे भेजा जाएगा.
