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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को तीन नए जज मिले, ग्वालियर से प्रतिनिधित्व हुआ और मजबूत
Gwalior, MP
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को तीन नए न्यायाधीश मिले हैं, जिनमें ग्वालियर के वरिष्ठ अधिवक्ता पवन द्विवेदी और दीपक खोत तथा जबलपुर के एडवोकेट अमित सेठ शामिल हैं।
केंद्र सरकार ने इनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की कुल संख्या 32 से बढ़कर 35 हो गई है। हालांकि अब भी 18 पद रिक्त हैं, क्योंकि कुल स्वीकृत पद 53 हैं।
इन नई नियुक्तियों से ग्वालियर का न्यायिक प्रतिनिधित्व और अधिक मजबूत हुआ है। अब ग्वालियर से कुल पांच न्यायाधीश हाईकोर्ट में सेवा दे रहे हैं, जो क्षेत्रीय अधिवक्ताओं की प्रतिभा और भूमिका को रेखांकित करता है।
ग्वालियर से जुड़े हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश:
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जस्टिस विशाल मिश्रा – शपथ: 27 मई 2019
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जस्टिस डीडी मिश्रा – शपथ: 15 फरवरी 2022
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जस्टिस विवेक जैन – शपथ: 6 नवंबर 2023
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जस्टिस दीपक खोत – अनुशंसा: 9 जनवरी 2024
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जस्टिस पवन द्विवेदी – अनुशंसा: 9 जनवरी 2024
पवन द्विवेदी: जनहित की लड़ाई से न्याय की कुर्सी तक
वरिष्ठ अधिवक्ता पवन द्विवेदी ने 2004 में जस्टिस जितेंद्र माहेश्वरी (वर्तमान सुप्रीम कोर्ट जज) के साथ वकालत शुरू की थी। वे जनहित याचिकाओं में न्याय मित्र भी रह चुके हैं और खाद्य पदार्थों में मिलावट, ठोस अपशिष्ट निपटान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रभावी पैरवी कर चुके हैं।
दीपक खोत: शिक्षा से लेकर सेवा तक अनुकरणीय सफर
दीपक खोत ने वर्ष 2000 में एमएलबी कॉलेज, ग्वालियर से एलएलबी में टॉप किया था। अपनी शिक्षा के दौरान उन्होंने जस्टिस अरुण मिश्रा (रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज) के चेम्बर में इंटर्नशिप की थी। 2009 में पहली बार शासकीय अधिवक्ता नियुक्त हुए और 2020 से निरंतर इस भूमिका में हैं।
अमित सेठ: जबलपुर से न्यायपालिका में नई शुरुआत
अमित सेठ, जो वर्तमान में उप-महाधिवक्ता के पद पर कार्यरत हैं, को जबलपुर खंडपीठ के लिए न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति से मुख्यालय जबलपुर में भी न्यायिक प्रणाली को नई ऊर्जा मिली है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा की गई सिफारिशों और केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद यह नियुक्तियाँ प्रभाव में आई हैं, जिससे प्रदेश की न्यायिक क्षमता को नई मजबूती मिली है।
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को तीन नए जज मिले, ग्वालियर से प्रतिनिधित्व हुआ और मजबूत
Gwalior, MP
केंद्र सरकार ने इनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की कुल संख्या 32 से बढ़कर 35 हो गई है। हालांकि अब भी 18 पद रिक्त हैं, क्योंकि कुल स्वीकृत पद 53 हैं।
इन नई नियुक्तियों से ग्वालियर का न्यायिक प्रतिनिधित्व और अधिक मजबूत हुआ है। अब ग्वालियर से कुल पांच न्यायाधीश हाईकोर्ट में सेवा दे रहे हैं, जो क्षेत्रीय अधिवक्ताओं की प्रतिभा और भूमिका को रेखांकित करता है।
ग्वालियर से जुड़े हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश:
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जस्टिस विशाल मिश्रा – शपथ: 27 मई 2019
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जस्टिस डीडी मिश्रा – शपथ: 15 फरवरी 2022
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जस्टिस विवेक जैन – शपथ: 6 नवंबर 2023
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जस्टिस दीपक खोत – अनुशंसा: 9 जनवरी 2024
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जस्टिस पवन द्विवेदी – अनुशंसा: 9 जनवरी 2024
पवन द्विवेदी: जनहित की लड़ाई से न्याय की कुर्सी तक
वरिष्ठ अधिवक्ता पवन द्विवेदी ने 2004 में जस्टिस जितेंद्र माहेश्वरी (वर्तमान सुप्रीम कोर्ट जज) के साथ वकालत शुरू की थी। वे जनहित याचिकाओं में न्याय मित्र भी रह चुके हैं और खाद्य पदार्थों में मिलावट, ठोस अपशिष्ट निपटान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रभावी पैरवी कर चुके हैं।
दीपक खोत: शिक्षा से लेकर सेवा तक अनुकरणीय सफर
दीपक खोत ने वर्ष 2000 में एमएलबी कॉलेज, ग्वालियर से एलएलबी में टॉप किया था। अपनी शिक्षा के दौरान उन्होंने जस्टिस अरुण मिश्रा (रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज) के चेम्बर में इंटर्नशिप की थी। 2009 में पहली बार शासकीय अधिवक्ता नियुक्त हुए और 2020 से निरंतर इस भूमिका में हैं।
अमित सेठ: जबलपुर से न्यायपालिका में नई शुरुआत
अमित सेठ, जो वर्तमान में उप-महाधिवक्ता के पद पर कार्यरत हैं, को जबलपुर खंडपीठ के लिए न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति से मुख्यालय जबलपुर में भी न्यायिक प्रणाली को नई ऊर्जा मिली है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा की गई सिफारिशों और केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद यह नियुक्तियाँ प्रभाव में आई हैं, जिससे प्रदेश की न्यायिक क्षमता को नई मजबूती मिली है।
