'4 सप्ताह में हटाया जाए भोपाल यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा', मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का बड़ा आदेश

JAGRAN DESK

जबलपुर हाईकोर्ट ने भोपाल यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को लेकर कहा कि कोई विभाग आदेश का पालन करने में विफल रहता है, तो संबंधित प्रमुख सचिव पर अवमानना की कार्यवाही की जायेगी.

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड से जहरीला कचरा 4 सप्ताह में हटाने के आदेश जारी किये हैं. हाईकोर्ट जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि जहरीला कचरा हटाये जाने के लिए सरकार, संबंधित अधिकारी और प्रतिवादी संयुक्त बैठक कर 1 सप्ताह में सभी औपचारिकताएं पूरा करें. कोई विभाग आदेश का पालन करने में विफल रहता है, तो संबंधित प्रमुख सचिव पर अवमानना की कार्यवाही की जायेगी. ऐसा नहीं करने पर प्रदेश के मुख्य सचिव और भोपाल गैस त्रासदी राहत और पुनर्वास विभाग के प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण पेश करना होगा. युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 6 जनवरी को निर्धारित की है.

हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार

युगलपीठ ने सभी पक्षों को सुनने के बाद सरकार को फटकार लगाते हुए अपने आदेश में कहा कि "राज्य सरकार की तरफ से इस साल 20 मार्च को पेश की गई योजना के अनुसार न्यूनतम अवधि 185 दिन और अधिकतम 377 दिनों में जहरीले कचरे को हटाने की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी. हम यह समझने में विफल हैं कि सर्वोच्च तथा इस न्यायालय द्वारा समय-समय पर जारी निर्देश के अनुसार आज तक जहरीले कचरे को हटाने कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया है. अधिकारी निष्क्रियता में हैं और आगे की कार्रवाई करने से पहले एक और त्रासदी आकार ले सकती है."

'40 साल बाद भी दुखद स्थिति'

याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि "पूर्व में पारित आदेश का अवलोकन करने पर स्पष्ट होता है कि याचिका साल 2004 में दायर की गई थी और 20 वर्ष बीत गए हैं. प्रतिवादी अभी तक पहले चरण में हैं. वास्तव में यह दुखद स्थिति है, क्योंकि प्लांट साइट से विषाक्त अपशिष्ट को हटाना, एमआईसी और प्लांट को बंद करना और आसपास की मिट्टी और भूजल में फैले दूषित पदार्थों को हटाना भोपाल शहर की आम जनता की सुरक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है. भोपाल में गैस आपदा आज से 40 साल पहले हुई थी.

'वैधानिक दायित्वों और कर्तव्यों का करें पालन'

हाईकोर्ट जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने प्रमुख सचिव, भोपाल गैस त्रासदी राहत और पुनर्वास विभाग को आदेश दिया है कि "देश के पर्यावरण कानूनों के तहत अपने वैधानिक दायित्वों और कर्तव्यों का पालन करें. यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री साइट की तत्काल सफाई और संबंधित क्षेत्र से पूरा जहरीला कचरे को हटाने और सुरक्षित विनष्टीकरण करने उपचारात्मक उपाय करें. इसकी लागत राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा वहन करेंगे."

'1 सप्ताह में सभी औपचारिकताएं पूरा करें'

हाईकोर्ट युगलपीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि "जहरीला कचरा हटाये जाने के लिए सरकार, संबंधित अधिकारी और प्रतिवादी संयुक्त बैठक कर 1 सप्ताह में सभी औपचारिकताएं पूरा करें. कोई विभाग आदेश का पालन करने में विफल रहता है, तो संबंधित प्रमुख सचिव पर अवमानना की कार्यवाही की जायेगी.कोई अधिकारी आदेशों के पालन के संबंध में कोई बाधा या रुकावट पैदा करता है, तो इसकी जानकारी मुख्य सचिव व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर न्यायालय को प्रदान करेंगे. जिससे अगली सुनवाई पर न्यायालय उस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्यवाही कर सकें."

6 जनवरी को होगी अगली सुनवाई

हाईकोर्ट युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा कि "जहरीले कचरे के परिवहन और निपटान के दौरान सभी सुरक्षा उपाय किए जाएंगे. प्रतिदिन की प्रगति के साथ तैयार की गयी रिपोर्ट अगली सुनवाई के दौरान प्रमुख सचिव, भोपाल गैस त्रासदी राहत और पुनर्वास विभाग हलफनामे के साथ पेश की जाये." युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 6 जनवरी को निर्धारित की है. याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ उपस्थित हुए.

पीथमपुर में होना है जहरीले कचरे का विनष्टीकरण

याचिका की सुनवाई के दौरान पूर्व में केन्द्र सरकार की तरफ से युगलपीठ को बताया कि वह अपने हिस्से की राशि 126 करोड़ रुपये पहले ही राज्य सरकार को दे चुके हैं. राज्य सरकार ने यह राशि खर्च नहीं की है. राज्य सरकार ने राशि मिलने की जानकारी देते हुए बताया गया कि ठेकेदार को 20 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जा चुका है लेकिन संबंधित ठेकेदार ने कोई कार्य प्रारंभ नहीं किया है. सरकार 3 सप्ताह के भीतर प्रक्रिया प्रारंभ कर देगी. म.प्र. प्रदूषण बोर्ड धार के क्षेत्रीय अधिकारी ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बताया था कि जहरीले कचरे का विनष्टीकरण पीथमपुर में किया जाना है, जिसके लिए हम तैयार हैं. उनके पास 12 ट्रक उपलब्ध हैं, जिसका उपयोग राज्य सरकार जहरीले कचरे के परिवहन के लिए कर सकती है.

2004 में दायर की गई थी याचिका

बता दें कि आलोक प्रभाव सिंह ने साल 2004 में यूनियन कार्बाइड के कचरे को हटाने को लेकर याचिका दायर की थी. याचिका में कहा गया था कि भोपाल गैस त्रासदी के दौरान यूनियन कार्बाइड कंपनी से हुए जहरीले गैस रिसाव में लगभग 4 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी. भोपाल गैस त्रासदी के बाद यूनियन कार्बाइड फैक्टरी में करीब 350 मीट्रिक टन जहरीले कचरा पड़ा है. याचिका में जहरीले कचरे के विनिष्टीकरण की मांग की गई थी. याचिकाकर्ता की मृत्यु के बाद हाईकोर्ट मामले की सुनवाई स्वतः संज्ञान लेकर कर रहा है.

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
05 Dec 2024 By दैनिक जागरण

'4 सप्ताह में हटाया जाए भोपाल यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा', मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का बड़ा आदेश

JAGRAN DESK

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड से जहरीला कचरा 4 सप्ताह में हटाने के आदेश जारी किये हैं. हाईकोर्ट जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि जहरीला कचरा हटाये जाने के लिए सरकार, संबंधित अधिकारी और प्रतिवादी संयुक्त बैठक कर 1 सप्ताह में सभी औपचारिकताएं पूरा करें. कोई विभाग आदेश का पालन करने में विफल रहता है, तो संबंधित प्रमुख सचिव पर अवमानना की कार्यवाही की जायेगी. ऐसा नहीं करने पर प्रदेश के मुख्य सचिव और भोपाल गैस त्रासदी राहत और पुनर्वास विभाग के प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण पेश करना होगा. युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 6 जनवरी को निर्धारित की है.

हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार

युगलपीठ ने सभी पक्षों को सुनने के बाद सरकार को फटकार लगाते हुए अपने आदेश में कहा कि "राज्य सरकार की तरफ से इस साल 20 मार्च को पेश की गई योजना के अनुसार न्यूनतम अवधि 185 दिन और अधिकतम 377 दिनों में जहरीले कचरे को हटाने की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी. हम यह समझने में विफल हैं कि सर्वोच्च तथा इस न्यायालय द्वारा समय-समय पर जारी निर्देश के अनुसार आज तक जहरीले कचरे को हटाने कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया है. अधिकारी निष्क्रियता में हैं और आगे की कार्रवाई करने से पहले एक और त्रासदी आकार ले सकती है."

'40 साल बाद भी दुखद स्थिति'

याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि "पूर्व में पारित आदेश का अवलोकन करने पर स्पष्ट होता है कि याचिका साल 2004 में दायर की गई थी और 20 वर्ष बीत गए हैं. प्रतिवादी अभी तक पहले चरण में हैं. वास्तव में यह दुखद स्थिति है, क्योंकि प्लांट साइट से विषाक्त अपशिष्ट को हटाना, एमआईसी और प्लांट को बंद करना और आसपास की मिट्टी और भूजल में फैले दूषित पदार्थों को हटाना भोपाल शहर की आम जनता की सुरक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है. भोपाल में गैस आपदा आज से 40 साल पहले हुई थी.

'वैधानिक दायित्वों और कर्तव्यों का करें पालन'

हाईकोर्ट जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने प्रमुख सचिव, भोपाल गैस त्रासदी राहत और पुनर्वास विभाग को आदेश दिया है कि "देश के पर्यावरण कानूनों के तहत अपने वैधानिक दायित्वों और कर्तव्यों का पालन करें. यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री साइट की तत्काल सफाई और संबंधित क्षेत्र से पूरा जहरीला कचरे को हटाने और सुरक्षित विनष्टीकरण करने उपचारात्मक उपाय करें. इसकी लागत राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा वहन करेंगे."

'1 सप्ताह में सभी औपचारिकताएं पूरा करें'

हाईकोर्ट युगलपीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि "जहरीला कचरा हटाये जाने के लिए सरकार, संबंधित अधिकारी और प्रतिवादी संयुक्त बैठक कर 1 सप्ताह में सभी औपचारिकताएं पूरा करें. कोई विभाग आदेश का पालन करने में विफल रहता है, तो संबंधित प्रमुख सचिव पर अवमानना की कार्यवाही की जायेगी.कोई अधिकारी आदेशों के पालन के संबंध में कोई बाधा या रुकावट पैदा करता है, तो इसकी जानकारी मुख्य सचिव व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर न्यायालय को प्रदान करेंगे. जिससे अगली सुनवाई पर न्यायालय उस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्यवाही कर सकें."

6 जनवरी को होगी अगली सुनवाई

हाईकोर्ट युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा कि "जहरीले कचरे के परिवहन और निपटान के दौरान सभी सुरक्षा उपाय किए जाएंगे. प्रतिदिन की प्रगति के साथ तैयार की गयी रिपोर्ट अगली सुनवाई के दौरान प्रमुख सचिव, भोपाल गैस त्रासदी राहत और पुनर्वास विभाग हलफनामे के साथ पेश की जाये." युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 6 जनवरी को निर्धारित की है. याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ उपस्थित हुए.

पीथमपुर में होना है जहरीले कचरे का विनष्टीकरण

याचिका की सुनवाई के दौरान पूर्व में केन्द्र सरकार की तरफ से युगलपीठ को बताया कि वह अपने हिस्से की राशि 126 करोड़ रुपये पहले ही राज्य सरकार को दे चुके हैं. राज्य सरकार ने यह राशि खर्च नहीं की है. राज्य सरकार ने राशि मिलने की जानकारी देते हुए बताया गया कि ठेकेदार को 20 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जा चुका है लेकिन संबंधित ठेकेदार ने कोई कार्य प्रारंभ नहीं किया है. सरकार 3 सप्ताह के भीतर प्रक्रिया प्रारंभ कर देगी. म.प्र. प्रदूषण बोर्ड धार के क्षेत्रीय अधिकारी ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बताया था कि जहरीले कचरे का विनष्टीकरण पीथमपुर में किया जाना है, जिसके लिए हम तैयार हैं. उनके पास 12 ट्रक उपलब्ध हैं, जिसका उपयोग राज्य सरकार जहरीले कचरे के परिवहन के लिए कर सकती है.

2004 में दायर की गई थी याचिका

बता दें कि आलोक प्रभाव सिंह ने साल 2004 में यूनियन कार्बाइड के कचरे को हटाने को लेकर याचिका दायर की थी. याचिका में कहा गया था कि भोपाल गैस त्रासदी के दौरान यूनियन कार्बाइड कंपनी से हुए जहरीले गैस रिसाव में लगभग 4 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी. भोपाल गैस त्रासदी के बाद यूनियन कार्बाइड फैक्टरी में करीब 350 मीट्रिक टन जहरीले कचरा पड़ा है. याचिका में जहरीले कचरे के विनिष्टीकरण की मांग की गई थी. याचिकाकर्ता की मृत्यु के बाद हाईकोर्ट मामले की सुनवाई स्वतः संज्ञान लेकर कर रहा है.

https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/madhya-pradesh-high-courts-big-order-to-remove-poisonous-waste/article-4765

खबरें और भी हैं

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

टाप न्यूज

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

मझौली जनपद पंचायत के विभागीय ग्रुप में सामने आया मैसेज, प्रभारी मंत्री के दौरे से पहले सोशल मीडिया पर वायरल...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

प्रयागराज से रीवा लाई जा रही थी 1312 शीशी नशीली कफ सीरप, 19 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए साझा की पुरानी यादें, भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी, जनकल्याण और भविष्य के सहयोग पर दिया विशेष...
देश विदेश 
ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

संयुक्त संसदीय समिति का दावा- अधिकांश लोगों ने किया समर्थन, राज्यों से सुझाव लेकर तैयार हो रहा रोडमैप; संवैधानिक संशोधन...
देश विदेश 
2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

बिजनेस

ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप
एप्पल ने अमेरिका की अदालत में दायर याचिका में ओपनएआई, उसके हार्डवेयर सहयोगी और दो पूर्व कर्मचारियों पर गोपनीय तकनीकी...
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू
शेयर बाजार में शानदार तेजी: सेंसेक्स 828 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने भरी उड़ान
BSNL ने लॉन्च किया सैटेलाइट फोन, बिना मोबाइल नेटवर्क भी होगी बातचीत; खरीदने के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी
शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा; आईटी और मेटल शेयरों में दिखी मजबूत खरीदारी
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.