ड्रोन और जियोस्पेशियल इकोसिस्टम में मध्यप्रदेश अग्रणी, मुख्यमंत्री ने किया राज्य स्तरीय ड्रोन डेटा रिपोज़िटरी का शुभारंभ

मध्यप्रदेश

On

ड्रोन-आधारित भू-स्थानिक इंटेलिजेंस से शासन होगा अधिक पारदर्शी, तेज और फ्यूचर-रेडी, डिजिटल गवर्नेंस को मिली नई दिशा

मध्यप्रदेश ने ड्रोन और जियोस्पेशियल तकनीक के क्षेत्र में देशभर में अग्रणी राज्य बनने की दिशा में एक अहम उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को प्रदेश की पहली राज्य-स्तरीय ड्रोन डेटा रिपोज़िटरी (डीडीआर) के शुभारंभ के साथ यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि ड्रोन-आधारित भू-स्थानिक इंटेलिजेंस को शासन व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाकर प्रदेश सरकार डिजिटल गवर्नेंस को अधिक पारदर्शी, सक्षम और भविष्य के लिए तैयार बना रही है।

ड्रोन डेटा रिपोज़िटरी का शुभारंभ ‘एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0’ के दौरान किया गया। यह प्लेटफॉर्म राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति 2022 और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के यूएएस नियम 2021 के अनुरूप विकसित किया गया है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) द्वारा तैयार यह रिपोज़िटरी राज्य में डेटा-आधारित गवर्नेंस की मजबूत नींव मानी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में पहले से ही भूमि सर्वेक्षण, कृषि, सिंचाई, खनन, नगरीय नियोजन, आधारभूत संरचना निर्माण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक का व्यापक उपयोग हो रहा है। अब तक इन सर्वेक्षणों से प्राप्त डेटा अलग-अलग विभागों में बिखरा रहता था, जिससे दोहराव, संसाधनों की बर्बादी और डेटा संरक्षण की समस्याएं सामने आती थीं। डीडीआर के माध्यम से पहली बार सभी विभागों का ड्रोन डेटा एकीकृत प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा।

डीडीआर एक केंद्रीकृत, क्लाउड-आधारित और सुरक्षित डिजिटल अवसंरचना है, जिसमें उच्च-रिज़ॉल्यूशन ऑर्थोमोज़ाइक, 3डी टेरेन मॉडल, लिडार स्कैन, वीडियो इमेजरी और लिगेसी डेटा संरक्षित किए जा रहे हैं। हर डेटा फाइल को सटीक मेटाडाटा और मानकीकृत फॉर्मेट के साथ संग्रहित किया जा रहा है, जिससे विभिन्न विभाग आसानी से खोज, तुलना और विश्लेषण कर सकेंगे।

राज्य सरकार के अनुसार, इस पहल से ड्रोन सर्वेक्षणों के दोहराव में 30 से 50 प्रतिशत तक कमी आई है। इससे न केवल समय और लागत की बचत हो रही है, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया भी तेज और अधिक सटीक हुई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आधारित भू-स्थानिक विश्लेषण से रियल-टाइम मॉनिटरिंग, परियोजनाओं की टाइम-लैप्स निगरानी और भविष्य की जरूरतों का पूर्वानुमान संभव हो सका है।

डीडीआर का लाभ राजस्व और भू-अभिलेख विभाग से लेकर शहरी विकास, कृषि, वन, पर्यावरण और आपदा प्रबंधन तक दिखाई दे रहा है। भूमि सीमांकन, अतिक्रमण पहचान, परियोजनाओं की प्रगति समीक्षा और आपदा के बाद नुकसान आकलन अब अधिक वैज्ञानिक और विश्वसनीय हो गया है।

राज्य सरकार का लक्ष्य इस ड्रोन डेटा रिपोज़िटरी को भविष्य में राष्ट्रीय मॉडल के रूप में विकसित करना है। इसके लिए केंद्रीय मंत्रालयों, शोध संस्थानों, जीआईएस विशेषज्ञों और स्टार्ट-अप्स के साथ सहयोग बढ़ाने की योजना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल मध्यप्रदेश को स्मार्ट गवर्नेंस और डिजिटल प्रशासन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।

------------------------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
03 Jan 2026 By Nitin Trivedi

ड्रोन और जियोस्पेशियल इकोसिस्टम में मध्यप्रदेश अग्रणी, मुख्यमंत्री ने किया राज्य स्तरीय ड्रोन डेटा रिपोज़िटरी का शुभारंभ

मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश ने ड्रोन और जियोस्पेशियल तकनीक के क्षेत्र में देशभर में अग्रणी राज्य बनने की दिशा में एक अहम उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को प्रदेश की पहली राज्य-स्तरीय ड्रोन डेटा रिपोज़िटरी (डीडीआर) के शुभारंभ के साथ यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि ड्रोन-आधारित भू-स्थानिक इंटेलिजेंस को शासन व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाकर प्रदेश सरकार डिजिटल गवर्नेंस को अधिक पारदर्शी, सक्षम और भविष्य के लिए तैयार बना रही है।

ड्रोन डेटा रिपोज़िटरी का शुभारंभ ‘एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0’ के दौरान किया गया। यह प्लेटफॉर्म राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति 2022 और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के यूएएस नियम 2021 के अनुरूप विकसित किया गया है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) द्वारा तैयार यह रिपोज़िटरी राज्य में डेटा-आधारित गवर्नेंस की मजबूत नींव मानी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में पहले से ही भूमि सर्वेक्षण, कृषि, सिंचाई, खनन, नगरीय नियोजन, आधारभूत संरचना निर्माण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक का व्यापक उपयोग हो रहा है। अब तक इन सर्वेक्षणों से प्राप्त डेटा अलग-अलग विभागों में बिखरा रहता था, जिससे दोहराव, संसाधनों की बर्बादी और डेटा संरक्षण की समस्याएं सामने आती थीं। डीडीआर के माध्यम से पहली बार सभी विभागों का ड्रोन डेटा एकीकृत प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा।

डीडीआर एक केंद्रीकृत, क्लाउड-आधारित और सुरक्षित डिजिटल अवसंरचना है, जिसमें उच्च-रिज़ॉल्यूशन ऑर्थोमोज़ाइक, 3डी टेरेन मॉडल, लिडार स्कैन, वीडियो इमेजरी और लिगेसी डेटा संरक्षित किए जा रहे हैं। हर डेटा फाइल को सटीक मेटाडाटा और मानकीकृत फॉर्मेट के साथ संग्रहित किया जा रहा है, जिससे विभिन्न विभाग आसानी से खोज, तुलना और विश्लेषण कर सकेंगे।

राज्य सरकार के अनुसार, इस पहल से ड्रोन सर्वेक्षणों के दोहराव में 30 से 50 प्रतिशत तक कमी आई है। इससे न केवल समय और लागत की बचत हो रही है, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया भी तेज और अधिक सटीक हुई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आधारित भू-स्थानिक विश्लेषण से रियल-टाइम मॉनिटरिंग, परियोजनाओं की टाइम-लैप्स निगरानी और भविष्य की जरूरतों का पूर्वानुमान संभव हो सका है।

डीडीआर का लाभ राजस्व और भू-अभिलेख विभाग से लेकर शहरी विकास, कृषि, वन, पर्यावरण और आपदा प्रबंधन तक दिखाई दे रहा है। भूमि सीमांकन, अतिक्रमण पहचान, परियोजनाओं की प्रगति समीक्षा और आपदा के बाद नुकसान आकलन अब अधिक वैज्ञानिक और विश्वसनीय हो गया है।

राज्य सरकार का लक्ष्य इस ड्रोन डेटा रिपोज़िटरी को भविष्य में राष्ट्रीय मॉडल के रूप में विकसित करना है। इसके लिए केंद्रीय मंत्रालयों, शोध संस्थानों, जीआईएस विशेषज्ञों और स्टार्ट-अप्स के साथ सहयोग बढ़ाने की योजना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल मध्यप्रदेश को स्मार्ट गवर्नेंस और डिजिटल प्रशासन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।

------------------------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!

https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/madhya-pradesh-leader-in-drone-and-geospatial-ecosystem-chief-minister/article-41994

खबरें और भी हैं

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

टाप न्यूज

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

मझौली जनपद पंचायत के विभागीय ग्रुप में सामने आया मैसेज, प्रभारी मंत्री के दौरे से पहले सोशल मीडिया पर वायरल...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

प्रयागराज से रीवा लाई जा रही थी 1312 शीशी नशीली कफ सीरप, 19 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए साझा की पुरानी यादें, भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी, जनकल्याण और भविष्य के सहयोग पर दिया विशेष...
देश विदेश 
ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

संयुक्त संसदीय समिति का दावा- अधिकांश लोगों ने किया समर्थन, राज्यों से सुझाव लेकर तैयार हो रहा रोडमैप; संवैधानिक संशोधन...
देश विदेश 
2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

बिजनेस

ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप
एप्पल ने अमेरिका की अदालत में दायर याचिका में ओपनएआई, उसके हार्डवेयर सहयोगी और दो पूर्व कर्मचारियों पर गोपनीय तकनीकी...
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू
शेयर बाजार में शानदार तेजी: सेंसेक्स 828 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने भरी उड़ान
BSNL ने लॉन्च किया सैटेलाइट फोन, बिना मोबाइल नेटवर्क भी होगी बातचीत; खरीदने के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी
शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा; आईटी और मेटल शेयरों में दिखी मजबूत खरीदारी
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.