- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- बजट के बराबर मध्य प्रदेश का कर्ज, मध्य प्रदेश सरकार पर कांग्रेस का बड़ा आरोप
बजट के बराबर मध्य प्रदेश का कर्ज, मध्य प्रदेश सरकार पर कांग्रेस का बड़ा आरोप
BHOPAL, MP
मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र में कांग्रेस विधायक ने बजट पर सरकार को घेरा.बाला बच्चन ने बताया एमपी के बजट के बराबर प्रदेश का बजट है.
मध्य प्रदेश का बजट लगभग 4.31 लाख करोड़ का रुपए है, लेकिन अब मध्य प्रदेश का कर्ज भी बजट के बराबर पहुंच गया है. 1 साल में मध्य प्रदेश सरकार का राजकोषीय घाटा 25 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है. यह कहना है पूर्व गृहमंत्री व कांग्रेस विधायक बाला बच्चन का. बता दें की बाला बच्चन सोमवार को विधानसभा में बजट सत्र के प्रश्नोत्तर के दौरान अपनी बात सदन में रख रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि न सिर्फ सरकार कर्ज लेकर बेवजह के कामों में खर्च कर रही है, बल्कि अपनी जमा पूंजी को निकाल कर भी उसे ठिकाने लगा रही है.
बाला बच्चन ने कहा कि सरकार ने इस बार के बजट में कई महत्वपूर्ण योजनाओं में मामूली धनराशि दी है. कांग्रेस विधायक ने कहा कि 31 मार्च 2025 तक सरकार पर करीब 5,53,885 करोड़ रुपए का कर्ज हो जाएगा.
60% किसानों का बजट मात्र 9%
जबलपुर पूर्व से कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने कहा कि "भाजपा सरकार ने अपने संकल्प पत्र में 1 लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था. अब इस बजट में 3 लाख नौकरियां की बात की गई है, लेकिन यह सरकारी नौकरियां, यह ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के सफल होने पर ही दी जाएगी. यानी समिट सफल रहता है, तो युवाओं को नौकरी मिलेगी अन्यथा नहीं मिलेगी.
लखन घनघोरिया ने कहा कि इसके पहले जो अब तक इन्वेस्टर समिट हुए हैं. उनमें केवल तीन प्रतिशत ही निवेश जमीन पर उतरा है. कांग्रेस विधायक ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है. यहां की 70% अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है. मध्य प्रदेश में भी 60% लोग कृषि में हैं, लेकिन इस बजट में उनके लिए केवल 9% का प्रावधान किया गया है. लखन घनघोरिया ने कहा कि चाहे एसपी की बात हो या धन उपार्जन की स्थिति भाजपा सरकार किसानों की आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं कर पा रही है."
एससी और एसटी की योजनाओं पर कटौती
कांग्रेस विधायक वाला बच्चन ने कहा कि अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के बजट में कटौती कर उसका उपयोग सरकार अन्य कार्यों के खर्चे में कर रही है. बच्चन ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में सरकार ने अनुसूचित जनजाति के छात्रों को आवास सुविधा मुहैया कराने के लिए बजट में 283 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था, लेकिन इसमें केवल 180 करोड़ रुपए ही खर्च हुए. अब इस बार का बजट 180 करोड़ रुपए ही है, यानी सरकार ने 100 करोड़ रुपए की कटौती कर दी.
विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए पिछले वित्त वर्ष में सरकार ने 100 करोड़ रुपए का बजट रखा था, लेकिन इसमें केवल जीरो राशि खर्च की गई. वहीं नवीन से 12वीं तक के छात्रों को विद्या ज्ञान करने के लिए परिवहन व्यवस्था करने के लिए 50 लख रुपए का बजट रखा था, लेकिन इसमें केवल ₹1000 खर्च किए गए. बाला बच्चन ने कहा कि इसी प्रकार अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों के हितों में भी कटौती की गई है. समाज के युवाओं को रोजगार मूलक योजनाओं के लिए पिछले वित्त वर्ष में 40 करोड़ रुपए का बजट रखा गया था, लेकिन सरकार ने पूरे साल में ₹1 भी खर्च नहीं किया.
अब इस बार इसे 20 करोड़ रुपए कर दिया गया है. इसी तरह अनुसूचित जाति की बस्तियों में विकास कार्य के लिए 30 करोड़ रुपए का बजट था, लेकिन सरकार ने ₹1 भी खर्च नहीं किया. प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 128 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान था, लेकिन बजट में जीरो खर्च किया गया. बाला बच्चन ने कहा कि पिछले बजट में सरकार ने विधायकों को ही ऑफिस के लिए ₹500000 देने की बात भी कही थी, लेकिन उसका भी अब तक कोई पता नहीं है."
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
बजट के बराबर मध्य प्रदेश का कर्ज, मध्य प्रदेश सरकार पर कांग्रेस का बड़ा आरोप
BHOPAL, MP
मध्य प्रदेश का बजट लगभग 4.31 लाख करोड़ का रुपए है, लेकिन अब मध्य प्रदेश का कर्ज भी बजट के बराबर पहुंच गया है. 1 साल में मध्य प्रदेश सरकार का राजकोषीय घाटा 25 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है. यह कहना है पूर्व गृहमंत्री व कांग्रेस विधायक बाला बच्चन का. बता दें की बाला बच्चन सोमवार को विधानसभा में बजट सत्र के प्रश्नोत्तर के दौरान अपनी बात सदन में रख रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि न सिर्फ सरकार कर्ज लेकर बेवजह के कामों में खर्च कर रही है, बल्कि अपनी जमा पूंजी को निकाल कर भी उसे ठिकाने लगा रही है.
बाला बच्चन ने कहा कि सरकार ने इस बार के बजट में कई महत्वपूर्ण योजनाओं में मामूली धनराशि दी है. कांग्रेस विधायक ने कहा कि 31 मार्च 2025 तक सरकार पर करीब 5,53,885 करोड़ रुपए का कर्ज हो जाएगा.
60% किसानों का बजट मात्र 9%
जबलपुर पूर्व से कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने कहा कि "भाजपा सरकार ने अपने संकल्प पत्र में 1 लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था. अब इस बजट में 3 लाख नौकरियां की बात की गई है, लेकिन यह सरकारी नौकरियां, यह ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के सफल होने पर ही दी जाएगी. यानी समिट सफल रहता है, तो युवाओं को नौकरी मिलेगी अन्यथा नहीं मिलेगी.
लखन घनघोरिया ने कहा कि इसके पहले जो अब तक इन्वेस्टर समिट हुए हैं. उनमें केवल तीन प्रतिशत ही निवेश जमीन पर उतरा है. कांग्रेस विधायक ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है. यहां की 70% अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है. मध्य प्रदेश में भी 60% लोग कृषि में हैं, लेकिन इस बजट में उनके लिए केवल 9% का प्रावधान किया गया है. लखन घनघोरिया ने कहा कि चाहे एसपी की बात हो या धन उपार्जन की स्थिति भाजपा सरकार किसानों की आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं कर पा रही है."
एससी और एसटी की योजनाओं पर कटौती
कांग्रेस विधायक वाला बच्चन ने कहा कि अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के बजट में कटौती कर उसका उपयोग सरकार अन्य कार्यों के खर्चे में कर रही है. बच्चन ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में सरकार ने अनुसूचित जनजाति के छात्रों को आवास सुविधा मुहैया कराने के लिए बजट में 283 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था, लेकिन इसमें केवल 180 करोड़ रुपए ही खर्च हुए. अब इस बार का बजट 180 करोड़ रुपए ही है, यानी सरकार ने 100 करोड़ रुपए की कटौती कर दी.
विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए पिछले वित्त वर्ष में सरकार ने 100 करोड़ रुपए का बजट रखा था, लेकिन इसमें केवल जीरो राशि खर्च की गई. वहीं नवीन से 12वीं तक के छात्रों को विद्या ज्ञान करने के लिए परिवहन व्यवस्था करने के लिए 50 लख रुपए का बजट रखा था, लेकिन इसमें केवल ₹1000 खर्च किए गए. बाला बच्चन ने कहा कि इसी प्रकार अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों के हितों में भी कटौती की गई है. समाज के युवाओं को रोजगार मूलक योजनाओं के लिए पिछले वित्त वर्ष में 40 करोड़ रुपए का बजट रखा गया था, लेकिन सरकार ने पूरे साल में ₹1 भी खर्च नहीं किया.
अब इस बार इसे 20 करोड़ रुपए कर दिया गया है. इसी तरह अनुसूचित जाति की बस्तियों में विकास कार्य के लिए 30 करोड़ रुपए का बजट था, लेकिन सरकार ने ₹1 भी खर्च नहीं किया. प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 128 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान था, लेकिन बजट में जीरो खर्च किया गया. बाला बच्चन ने कहा कि पिछले बजट में सरकार ने विधायकों को ही ऑफिस के लिए ₹500000 देने की बात भी कही थी, लेकिन उसका भी अब तक कोई पता नहीं है."
