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महाकाल भस्म आरती: 20 मई को ड्रायफ्रूट से सजा बाबा महाकाल का दिव्य स्वरूप, जयकारों से गूंज उठा मंदिर परिसर
Ujjain, MP
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में 20 मई, मंगलवार को ज्येष्ठ माह की अष्टमी तिथि पर अलसुबह बाबा महाकाल की भस्म आरती विधिवत रूप से संपन्न हुई। प्रातः 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए और भक्तों की भारी भीड़ के बीच महाकाल का पारंपरिक अभिषेक और श्रृंगार किया गया।
सबसे पहले जलाभिषेक से पूजन की शुरुआत हुई, जिसके पश्चात दूध, दही, घी, शहद और विभिन्न फलों के रस से बने पंचामृत से भगवान का पवित्र अभिषेक किया गया। इसके बाद भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई, जो इस पूजा की प्रमुख विशेषता मानी जाती है।
इस अवसर पर भगवान महाकालेश्वर का विशेष श्रृंगार किया गया। शेषनाग की आकृति वाला रजत मुकुट, चांदी की मुण्डमाल और रुद्राक्ष की सुंदर माला पहनाई गई। बाबा को फूलों की सुगंधित माला से सजाया गया और ड्रायफ्रूट से भव्य श्रृंगार कर फल-मिष्ठान का भोग लगाया गया।
आरती में शामिल होने के लिए दूर-दराज से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं भी प्रकट कीं और बाबा महाकाल के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा।

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महाकाल भस्म आरती: 20 मई को ड्रायफ्रूट से सजा बाबा महाकाल का दिव्य स्वरूप, जयकारों से गूंज उठा मंदिर परिसर
Ujjain, MP
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में 20 मई, मंगलवार को ज्येष्ठ माह की अष्टमी तिथि पर अलसुबह बाबा महाकाल की भस्म आरती विधिवत रूप से संपन्न हुई। प्रातः 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए और भक्तों की भारी भीड़ के बीच महाकाल का पारंपरिक अभिषेक और श्रृंगार किया गया।
सबसे पहले जलाभिषेक से पूजन की शुरुआत हुई, जिसके पश्चात दूध, दही, घी, शहद और विभिन्न फलों के रस से बने पंचामृत से भगवान का पवित्र अभिषेक किया गया। इसके बाद भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई, जो इस पूजा की प्रमुख विशेषता मानी जाती है।
इस अवसर पर भगवान महाकालेश्वर का विशेष श्रृंगार किया गया। शेषनाग की आकृति वाला रजत मुकुट, चांदी की मुण्डमाल और रुद्राक्ष की सुंदर माला पहनाई गई। बाबा को फूलों की सुगंधित माला से सजाया गया और ड्रायफ्रूट से भव्य श्रृंगार कर फल-मिष्ठान का भोग लगाया गया।
आरती में शामिल होने के लिए दूर-दराज से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं भी प्रकट कीं और बाबा महाकाल के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा।

