मैहर के शहीद शंकर प्रसाद पटेल को मरणोपरांत राष्ट्रपति पदक से सम्मानित, आतंकियों से मुठभेड़ में गई थी जान

Maihar, MP

शंकर प्रसाद पटेल CISF में सहायक उप निरीक्षक के तौर पर पदस्थ थे. वो छत्तीसगढ़ के भिलाई में पदस्थ थे, जहां से 18 अप्रैल 2022 को उन्हें स्पेशल ड्यूटी में बटालियन के साथ जम्मू भेजा गया था.

एक सैनिक का जीवन केवल वर्दी तक सीमित नहीं होता... वह त्याग, अनुशासन और सर्वोच्च बलिदान की परिभाषा बन जाता है. CISF के सहायक उप निरीक्षक (ASI) शंकर प्रसाद पटेल ने इसी बलिदान का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया. साल 2022 में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शंकर प्रसाद पटेल शहीद हो गए थे. अब उन्हें मरणोपरांत प्रेसिडेंट मेडल फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस से सम्मानित किया गया. गृह मंत्री अमित शाह ने यह पदक उनकी पत्नी लक्ष्मी पटेल और छोटे बेटे सुरेंद्र पटेल को सौंपते हुए कहा, 'राष्ट्र उनका यह त्याग कभी नहीं भूलेगा.'

पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर थे शंकर प्रसाद पटेल

मध्य प्रदेश के मैहर के नौगवां गांव के रहने वाले शंकर प्रसाद पटेल का जीवन केवल एक सैनिक का जीवन नहीं था. वो अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से परिपूर्ण थे. शंकर पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर थे. शुरू से उनकी रुचि देश सेवा में थी, इसलिए उन्होंने CISF जॉइन की. उनके दो बेटे हैं. बड़ा बेटा संजय कुमार टोल प्लाजा में एम्बुलेंस ड्राइवर है, जबकि छोटा बेटा सुरेंद्र सॉफ्टवेयर इंजीनियर है.

तैनाती के कुछ घंटे बाद हो गए शहीद

शंकर प्रसाद CISF में सहायक उप निरीक्षक के तौर पर पदस्थ थे. वो छत्तीसगढ़ के भिलाई में पदस्थ थे. 18 अप्रैल 2022 को उन्हें विशेष ड्यूटी के तहत जम्मू-कश्मीर भेजा गया था. वहां तैनाती के कुछ ही घंटों बाद तड़के 4:30 बजे, जब वो अपने साथियों के साथ गश्त कर रहे थे, तब आतंकियों ने घात लगाकर हमला किया. गोलीबारी और ग्रेनेड हमले के बीच शंकर प्रसाद पटेल ने असाधारण वीरता का परिचय दिया. गोलियों की बौछार और बारूद के धुएं में वे अंतिम समय तक मोर्चा संभाले रहे और अपने साथियों की जान बचाते हुए शहीद हो गए. बता दें कि शंकर प्रसाद 2024 में रिटायर होने वाले थे.

बागवानी और सफाई का था शौक

बता दें कि शंकर प्रसाद पटेल केवल एक सैनिक नहीं थे, वो एक अनुशासित योद्धा थे. उनके परिवार और करीबी साथी बताते हैं कि वो कर्तव्य के प्रति अडिग, ईमानदारी के प्रतीक थे. उन्हें स्वच्छता और बागवानी से विशेष लगाव था. जब भी वो छुट्टियों में गांव आते थे तो अपना अधिकांश समय पेड़-पौधों की देखभाल और साफ-सफाई में लगाते थे.

परिवार के लिए उनका प्रेम जितना गहरा था, राष्ट्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उतनी ही दृढ़ था. उनका मानना था, 'राष्ट्र सेवा केवल वर्दी पहनकर नहीं होती, बल्कि हर नागरिक को अपने हिस्से का योगदान देना चाहिए.'

बड़े बेटे संजय कुमार कहते हैं कि पिता का सपना था कि हम मेहनत करें और अपने देश की सेवा करें. उनका बलिदान हमें हमेशा यह याद दिलाएगा कि हम केवल अपने लिए नहीं, बल्कि अपने समाज और देश के लिए भी जी रहे हैं.

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
08 Mar 2025 By दैनिक जागरण

मैहर के शहीद शंकर प्रसाद पटेल को मरणोपरांत राष्ट्रपति पदक से सम्मानित, आतंकियों से मुठभेड़ में गई थी जान

Maihar, MP

एक सैनिक का जीवन केवल वर्दी तक सीमित नहीं होता... वह त्याग, अनुशासन और सर्वोच्च बलिदान की परिभाषा बन जाता है. CISF के सहायक उप निरीक्षक (ASI) शंकर प्रसाद पटेल ने इसी बलिदान का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया. साल 2022 में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शंकर प्रसाद पटेल शहीद हो गए थे. अब उन्हें मरणोपरांत प्रेसिडेंट मेडल फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस से सम्मानित किया गया. गृह मंत्री अमित शाह ने यह पदक उनकी पत्नी लक्ष्मी पटेल और छोटे बेटे सुरेंद्र पटेल को सौंपते हुए कहा, 'राष्ट्र उनका यह त्याग कभी नहीं भूलेगा.'

पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर थे शंकर प्रसाद पटेल

मध्य प्रदेश के मैहर के नौगवां गांव के रहने वाले शंकर प्रसाद पटेल का जीवन केवल एक सैनिक का जीवन नहीं था. वो अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से परिपूर्ण थे. शंकर पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर थे. शुरू से उनकी रुचि देश सेवा में थी, इसलिए उन्होंने CISF जॉइन की. उनके दो बेटे हैं. बड़ा बेटा संजय कुमार टोल प्लाजा में एम्बुलेंस ड्राइवर है, जबकि छोटा बेटा सुरेंद्र सॉफ्टवेयर इंजीनियर है.

तैनाती के कुछ घंटे बाद हो गए शहीद

शंकर प्रसाद CISF में सहायक उप निरीक्षक के तौर पर पदस्थ थे. वो छत्तीसगढ़ के भिलाई में पदस्थ थे. 18 अप्रैल 2022 को उन्हें विशेष ड्यूटी के तहत जम्मू-कश्मीर भेजा गया था. वहां तैनाती के कुछ ही घंटों बाद तड़के 4:30 बजे, जब वो अपने साथियों के साथ गश्त कर रहे थे, तब आतंकियों ने घात लगाकर हमला किया. गोलीबारी और ग्रेनेड हमले के बीच शंकर प्रसाद पटेल ने असाधारण वीरता का परिचय दिया. गोलियों की बौछार और बारूद के धुएं में वे अंतिम समय तक मोर्चा संभाले रहे और अपने साथियों की जान बचाते हुए शहीद हो गए. बता दें कि शंकर प्रसाद 2024 में रिटायर होने वाले थे.

बागवानी और सफाई का था शौक

बता दें कि शंकर प्रसाद पटेल केवल एक सैनिक नहीं थे, वो एक अनुशासित योद्धा थे. उनके परिवार और करीबी साथी बताते हैं कि वो कर्तव्य के प्रति अडिग, ईमानदारी के प्रतीक थे. उन्हें स्वच्छता और बागवानी से विशेष लगाव था. जब भी वो छुट्टियों में गांव आते थे तो अपना अधिकांश समय पेड़-पौधों की देखभाल और साफ-सफाई में लगाते थे.

परिवार के लिए उनका प्रेम जितना गहरा था, राष्ट्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उतनी ही दृढ़ था. उनका मानना था, 'राष्ट्र सेवा केवल वर्दी पहनकर नहीं होती, बल्कि हर नागरिक को अपने हिस्से का योगदान देना चाहिए.'

बड़े बेटे संजय कुमार कहते हैं कि पिता का सपना था कि हम मेहनत करें और अपने देश की सेवा करें. उनका बलिदान हमें हमेशा यह याद दिलाएगा कि हम केवल अपने लिए नहीं, बल्कि अपने समाज और देश के लिए भी जी रहे हैं.

https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/martyr-shankar-prasad-patel-of-maihar-was-posthumously-killed-in/article-13152

खबरें और भी हैं

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

टाप न्यूज

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

मझौली जनपद पंचायत के विभागीय ग्रुप में सामने आया मैसेज, प्रभारी मंत्री के दौरे से पहले सोशल मीडिया पर वायरल...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

प्रयागराज से रीवा लाई जा रही थी 1312 शीशी नशीली कफ सीरप, 19 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए साझा की पुरानी यादें, भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी, जनकल्याण और भविष्य के सहयोग पर दिया विशेष...
देश विदेश 
ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

संयुक्त संसदीय समिति का दावा- अधिकांश लोगों ने किया समर्थन, राज्यों से सुझाव लेकर तैयार हो रहा रोडमैप; संवैधानिक संशोधन...
देश विदेश 
2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

बिजनेस

ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप
एप्पल ने अमेरिका की अदालत में दायर याचिका में ओपनएआई, उसके हार्डवेयर सहयोगी और दो पूर्व कर्मचारियों पर गोपनीय तकनीकी...
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू
शेयर बाजार में शानदार तेजी: सेंसेक्स 828 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने भरी उड़ान
BSNL ने लॉन्च किया सैटेलाइट फोन, बिना मोबाइल नेटवर्क भी होगी बातचीत; खरीदने के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी
शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा; आईटी और मेटल शेयरों में दिखी मजबूत खरीदारी
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.