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ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के पहले मोहन सरकार ने 7 नई पॉलिसी को दी मंजूरी, सरकार ने निवेशकों के लिए खोल दिया पिटारा
BHOPAL, MP
राजधानी में 24 और 25 फरवरी को होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के पहले प्रदेश की मोहन सरकार ने 7 नई पॉलिसी को मंजूरी दे दी है. इन पॉलिसी के जरिए राज्य सरकार ने निवेशकों के लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया है. सरकार ने नई एमएसएमई नीति को मंजूरी देते हुए निवेशकों को मशीनरी-बिल्डिंग में निवेश पर 50 फीसदी सब्सिडी देने का निर्णय लिया है. वहीं नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत सरकारी भूमि पर चार्जिंग स्टेशन खोलने का प्रावधान किया है. राज्य सरकार ने इंदौर-देवास-उज्जैन क्षेत्र में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाए जाने की योजना तैयार की है.
7 पॉलिसी को मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए. राज्य सरकार ने प्रदेश में निवेश की राह आसान करने के लिए 7 नई पॉलिसी को मंजूरी दे दी है. इसके पहले हुई कैबिनेट में 10 पॉलिसी को पास किया गया था. राज्य सरकार ने अब प्रदेश की नई एमएसएमई नीति, मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति एवं कार्यान्वयन योजना, मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति, मध्यप्रदेश एकीकृत टाउनशिप नीति, विमानन नीति को मंजूरी दे दी है.
एमएसएमई नीति में 86 लाख रोजगार का लक्ष्य
राज्य सरकार ने नई एमएसएमई नीति 2047 को ध्यान में रखकर तैयार की है. इसमें राज्य सरकार ने प्रदेश में 86 लाख रोजगार के सृजन का लक्ष्य रखा है. सरकार ने 53 हजार करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा है. सरकार ने टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण, मेडिकल, खिलौने, फुटवेयर सहित अलग-अलग सेक्टर पर अलग-अलग अनुदान देने का प्रावधान किया है.
- निजी क्षेत्र की मदद से क्लस्टर बनाए जाएंगे. प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों में औद्योगिक विकास के लिए विशेष सुविधाएं.
- मशीनरी-बिल्डिंग में निवेश पर 40 फीसदी तक की सब्सिडी. अजा, अजजा, महिला उद्यमी को 48 और 52 फीसदी की सब्सिडी दी जाएगी.
- 10 करोड़ से ज्यादा के उद्योग पर अनुदान. निवेशकों को 1.5 गुना अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा.
- निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार माल ढुलाई में 40 लाख तक की हर साल सहायता देगी. यह सहायता सरकार 5 सालों तक देगी.
- 10 करोड़ से ज्यादा के उद्योगों पर अनुदान दिया जाएगा. 100 से ज्यादा रोजगार देने पर 1.5 गुना अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा.
- रिसाइक्लिंग इकाई के लिए 2 करोड़ तक की मदद और ईटीपी के लिए 2.5 करोड़ तक की मदद दी जाएगी.
स्टार्टअप नीति में 100 करोड़ का सीड फंड बनेगा
नई स्टार्टअप नीति में सरकार ने 10 हजार स्टार्टअप प्रदेश में खड़े करने का लक्ष्य रखा है. सरकार ने स्टार्टअप की आर्थिक मदद के लिए 100 करोड़ के सीड फंड का प्रावधान किया है.
- मेगा इक्युबेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी.
- विद्युत शुल्क सहायता, स्टार्टअप सलाहकार परिषद की स्थापना की जाएगी. इसमें युवाओं को पोर्टल के माध्यम से गाइड किया जाएगा.
- पेटेंट के लिए अनुदान दिया जाएगा. स्टार्टअप को लीज रेंज में सहायता दी जाएगी.
- भवन के लिए रेंट उपलब्ध कराया जाएगा. स्टार्टअप के जरिए 1 लाख 10 हजार रोजगार का लक्ष्य रखा.
अब हैंडओवर हो सकेंगे प्लॉट
राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश भूमि आवंटन पॉलिसी की मंजूरी दे दी है. इसमें प्रावधान किया गया है कि लघु उद्योगों को भी भूमि आवंटन की जाएगी.
- औद्योगिक क्षेत्रों का मैंटेनेंस उद्योग संगठनों को दिया जाएगा. इसमें आर्थिक मदद सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी.
- 50 फीसदी स्थाई पूंजी निवेश पर प्लॉट हंस्तांरण की सुविधा होगी.
- औद्योगिक क्षेत्रों में मल्टी स्टोरी भवन बनाए जाएंगे, इसमें छोटे उद्योगों को जगह उपलब्ध कराई जाएगी.
- एक प्लॉट पर एक से ज्यादा आवेदन के लिए बिडिंग कराई जाएगी.
अब किसान भी बनेंगे बिल्डर, नई नीति को मंजूरी
राज्य सरकार ने इंटीग्रेटिड टाउनशिप पॉलिसी को भी मंजूरी दे दी है. नगरीय आवास एवं प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि "अब नई पॉलिसी में कोई भी व्यक्ति, व्यक्ति का समूह या फिर किसान भी कॉलोनी काटकर बेच सकेंगे. इसके लिए सरकार प्रोत्साहित करेगी. महाराष्ट्र और गुजरात में इस तरह की पॉलिसी पहले से है."
- किफायती आवास बनाने पर सरकार अनुदान देगी.
- लैंड पुलिंग के जरिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित किया जाएगा.
- 60 दिनों में बिल्डरों को अनुमतियां मिलेंगी. इसके लिए जिले में साधिकार समिति बनाई जाएगी. इसका अध्यक्ष कलेक्टर होगा. इसमें टीएनसीपी, एमपीईबी, स्थानीय निकाय के अधिकारी भी होंगे. बड़े प्रोजेक्ट के लिए राज्य स्तर पर कमेटी बनेगी.
ईवी खरीदने पर सरकार देगी छूट
राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2025 को मंजूरी दे दी है.
- ई-वाहन खरीदने पर सरकार कई तरह की छूट देगी.
- चार्जिंग स्टेशन के लिए सरकार सब्सिडी दी जाएगी.
- पेट्रोल पंप पर चार्जिंग स्टेशन बनेंगे. अगले 2 साल में 80 फीसदी सरकारी वाहन इलेक्ट्रिक हो जाएंगे.
- प्रदेश के 5 शहर इंदौर, भोपाल जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन को मॉडल इलेक्ट्रिक व्हीकल सिटी बनाया जाएगा. इसमें इलेक्ट्रिक वाहन के लिए 2 फीसदी से 40 फीसदी तक की छूट दी जाएगी.
- स्टेट हाईवे पर हर 20 किलोमीटर पर 1 चार्जिंग स्टेशन, 100 किलोमीटर पर बड़े वाहनों के लिए फास्ट चार्जिंग स्टेशन होगा.
- टेंडर के जरिए सरकारी भूमि पर चार्जिंग स्टेशन खोले जाएंगे.
इंदौर-देवास-उज्जैन क्षेत्र में बनेगा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
राज्य सरकार ने पहली बार पर्यटन को आकर्षित करने और धार्मिक पर्यटन के लिए नागर विमानन नीति बनाई है. प्रदेश में अभी राज्य में 150 किलोमीटर पर हवाई पट्टी बनाई जाएगी. 45 किलोमीटर पर हैलीपैड बनाया जाएगा. धार्मिक स्थल, पर्यटन स्थलों को हवाई सेवाओं से जोड़ा जाएगा. एयरकार्गों की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.
- इंदौर-देवास-उज्जैन क्षेत्र में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाए जाने की योजना.
- हवाई अड्डा सह एरोट्रोलिस का विकास होगा. इससे रोजगार बढ़ेंगे.
- कृषि उत्पादन क्षेत्रों में कृषि उड़ान कलस्टर बनाए जाएंगे.
- एयर कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक सुविधाओं का विकास होगा.
नवीनीकरण ऊर्जा नीति
राज्य सरकार ने नवकरणीय ऊर्जा नीति और बायोफ्यूज नीति को भी मंजूरी दे दी है. नवकरणीय ऊर्जा के तहत प्रदेश के बाहर बिजली बेचने पर लगने वाले 10 फीसदी हरित ऊर्जा टेक्स को खत्म करने का निर्णय लिया है. वहीं विद्युत परियोजनाओं को बायोफ्यूज से जोड़ने पर सरकार काम करेगी. बायोफ्यूज के लिए किसानों को लाभ होगा. ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादकों को प्रोत्साहित किया जाएगा. बायोफ्यूज योजना में इससे जुड़ी यूनिट पर 200 करोड़ के निवेश पर बिजली, पानी, ईटीपी, एसटीपी पर 50 फीसदी तक का अनुदान दिया जाएगा. 500 करोड़ से ज्यादा निवेश पर अनुकूल अनुदान दिया जाएगा.
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ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के पहले मोहन सरकार ने 7 नई पॉलिसी को दी मंजूरी, सरकार ने निवेशकों के लिए खोल दिया पिटारा
BHOPAL, MP
राजधानी में 24 और 25 फरवरी को होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के पहले प्रदेश की मोहन सरकार ने 7 नई पॉलिसी को मंजूरी दे दी है. इन पॉलिसी के जरिए राज्य सरकार ने निवेशकों के लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया है. सरकार ने नई एमएसएमई नीति को मंजूरी देते हुए निवेशकों को मशीनरी-बिल्डिंग में निवेश पर 50 फीसदी सब्सिडी देने का निर्णय लिया है. वहीं नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत सरकारी भूमि पर चार्जिंग स्टेशन खोलने का प्रावधान किया है. राज्य सरकार ने इंदौर-देवास-उज्जैन क्षेत्र में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाए जाने की योजना तैयार की है.
7 पॉलिसी को मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए. राज्य सरकार ने प्रदेश में निवेश की राह आसान करने के लिए 7 नई पॉलिसी को मंजूरी दे दी है. इसके पहले हुई कैबिनेट में 10 पॉलिसी को पास किया गया था. राज्य सरकार ने अब प्रदेश की नई एमएसएमई नीति, मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति एवं कार्यान्वयन योजना, मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति, मध्यप्रदेश एकीकृत टाउनशिप नीति, विमानन नीति को मंजूरी दे दी है.
एमएसएमई नीति में 86 लाख रोजगार का लक्ष्य
राज्य सरकार ने नई एमएसएमई नीति 2047 को ध्यान में रखकर तैयार की है. इसमें राज्य सरकार ने प्रदेश में 86 लाख रोजगार के सृजन का लक्ष्य रखा है. सरकार ने 53 हजार करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा है. सरकार ने टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण, मेडिकल, खिलौने, फुटवेयर सहित अलग-अलग सेक्टर पर अलग-अलग अनुदान देने का प्रावधान किया है.
- निजी क्षेत्र की मदद से क्लस्टर बनाए जाएंगे. प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों में औद्योगिक विकास के लिए विशेष सुविधाएं.
- मशीनरी-बिल्डिंग में निवेश पर 40 फीसदी तक की सब्सिडी. अजा, अजजा, महिला उद्यमी को 48 और 52 फीसदी की सब्सिडी दी जाएगी.
- 10 करोड़ से ज्यादा के उद्योग पर अनुदान. निवेशकों को 1.5 गुना अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा.
- निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार माल ढुलाई में 40 लाख तक की हर साल सहायता देगी. यह सहायता सरकार 5 सालों तक देगी.
- 10 करोड़ से ज्यादा के उद्योगों पर अनुदान दिया जाएगा. 100 से ज्यादा रोजगार देने पर 1.5 गुना अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा.
- रिसाइक्लिंग इकाई के लिए 2 करोड़ तक की मदद और ईटीपी के लिए 2.5 करोड़ तक की मदद दी जाएगी.
स्टार्टअप नीति में 100 करोड़ का सीड फंड बनेगा
नई स्टार्टअप नीति में सरकार ने 10 हजार स्टार्टअप प्रदेश में खड़े करने का लक्ष्य रखा है. सरकार ने स्टार्टअप की आर्थिक मदद के लिए 100 करोड़ के सीड फंड का प्रावधान किया है.
- मेगा इक्युबेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी.
- विद्युत शुल्क सहायता, स्टार्टअप सलाहकार परिषद की स्थापना की जाएगी. इसमें युवाओं को पोर्टल के माध्यम से गाइड किया जाएगा.
- पेटेंट के लिए अनुदान दिया जाएगा. स्टार्टअप को लीज रेंज में सहायता दी जाएगी.
- भवन के लिए रेंट उपलब्ध कराया जाएगा. स्टार्टअप के जरिए 1 लाख 10 हजार रोजगार का लक्ष्य रखा.
अब हैंडओवर हो सकेंगे प्लॉट
राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश भूमि आवंटन पॉलिसी की मंजूरी दे दी है. इसमें प्रावधान किया गया है कि लघु उद्योगों को भी भूमि आवंटन की जाएगी.
- औद्योगिक क्षेत्रों का मैंटेनेंस उद्योग संगठनों को दिया जाएगा. इसमें आर्थिक मदद सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी.
- 50 फीसदी स्थाई पूंजी निवेश पर प्लॉट हंस्तांरण की सुविधा होगी.
- औद्योगिक क्षेत्रों में मल्टी स्टोरी भवन बनाए जाएंगे, इसमें छोटे उद्योगों को जगह उपलब्ध कराई जाएगी.
- एक प्लॉट पर एक से ज्यादा आवेदन के लिए बिडिंग कराई जाएगी.
अब किसान भी बनेंगे बिल्डर, नई नीति को मंजूरी
राज्य सरकार ने इंटीग्रेटिड टाउनशिप पॉलिसी को भी मंजूरी दे दी है. नगरीय आवास एवं प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि "अब नई पॉलिसी में कोई भी व्यक्ति, व्यक्ति का समूह या फिर किसान भी कॉलोनी काटकर बेच सकेंगे. इसके लिए सरकार प्रोत्साहित करेगी. महाराष्ट्र और गुजरात में इस तरह की पॉलिसी पहले से है."
- किफायती आवास बनाने पर सरकार अनुदान देगी.
- लैंड पुलिंग के जरिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित किया जाएगा.
- 60 दिनों में बिल्डरों को अनुमतियां मिलेंगी. इसके लिए जिले में साधिकार समिति बनाई जाएगी. इसका अध्यक्ष कलेक्टर होगा. इसमें टीएनसीपी, एमपीईबी, स्थानीय निकाय के अधिकारी भी होंगे. बड़े प्रोजेक्ट के लिए राज्य स्तर पर कमेटी बनेगी.
ईवी खरीदने पर सरकार देगी छूट
राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2025 को मंजूरी दे दी है.
- ई-वाहन खरीदने पर सरकार कई तरह की छूट देगी.
- चार्जिंग स्टेशन के लिए सरकार सब्सिडी दी जाएगी.
- पेट्रोल पंप पर चार्जिंग स्टेशन बनेंगे. अगले 2 साल में 80 फीसदी सरकारी वाहन इलेक्ट्रिक हो जाएंगे.
- प्रदेश के 5 शहर इंदौर, भोपाल जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन को मॉडल इलेक्ट्रिक व्हीकल सिटी बनाया जाएगा. इसमें इलेक्ट्रिक वाहन के लिए 2 फीसदी से 40 फीसदी तक की छूट दी जाएगी.
- स्टेट हाईवे पर हर 20 किलोमीटर पर 1 चार्जिंग स्टेशन, 100 किलोमीटर पर बड़े वाहनों के लिए फास्ट चार्जिंग स्टेशन होगा.
- टेंडर के जरिए सरकारी भूमि पर चार्जिंग स्टेशन खोले जाएंगे.
इंदौर-देवास-उज्जैन क्षेत्र में बनेगा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
राज्य सरकार ने पहली बार पर्यटन को आकर्षित करने और धार्मिक पर्यटन के लिए नागर विमानन नीति बनाई है. प्रदेश में अभी राज्य में 150 किलोमीटर पर हवाई पट्टी बनाई जाएगी. 45 किलोमीटर पर हैलीपैड बनाया जाएगा. धार्मिक स्थल, पर्यटन स्थलों को हवाई सेवाओं से जोड़ा जाएगा. एयरकार्गों की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.
- इंदौर-देवास-उज्जैन क्षेत्र में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाए जाने की योजना.
- हवाई अड्डा सह एरोट्रोलिस का विकास होगा. इससे रोजगार बढ़ेंगे.
- कृषि उत्पादन क्षेत्रों में कृषि उड़ान कलस्टर बनाए जाएंगे.
- एयर कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक सुविधाओं का विकास होगा.
नवीनीकरण ऊर्जा नीति
राज्य सरकार ने नवकरणीय ऊर्जा नीति और बायोफ्यूज नीति को भी मंजूरी दे दी है. नवकरणीय ऊर्जा के तहत प्रदेश के बाहर बिजली बेचने पर लगने वाले 10 फीसदी हरित ऊर्जा टेक्स को खत्म करने का निर्णय लिया है. वहीं विद्युत परियोजनाओं को बायोफ्यूज से जोड़ने पर सरकार काम करेगी. बायोफ्यूज के लिए किसानों को लाभ होगा. ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादकों को प्रोत्साहित किया जाएगा. बायोफ्यूज योजना में इससे जुड़ी यूनिट पर 200 करोड़ के निवेश पर बिजली, पानी, ईटीपी, एसटीपी पर 50 फीसदी तक का अनुदान दिया जाएगा. 500 करोड़ से ज्यादा निवेश पर अनुकूल अनुदान दिया जाएगा.
