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एमपी तबादला नीति में छूट से 17 हजार से अधिक ट्रांसफर हुए
Digital Desk
मोहन सरकार की एक दिन की छूट में विभागों में ताबड़तोड़ तबादले, 16 दिन में बड़ी प्रशासनिक हलचल
मोहन यादव सरकार द्वारा तबादलों पर दी गई अस्थायी छूट के बाद मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर जबरदस्त हलचल देखने को मिली है। मध्य प्रदेश तबादला नीति के तहत 16 दिन के भीतर 17 हजार से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण किए गए हैं। खास बात यह रही कि केवल एक दिन की विशेष छूट के दौरान ही करीब ढाई हजार तबादले महज़ कुछ घंटों में पूरे कर दिए गए। यह पूरा घटनाक्रम सोमवार और मंगलवार की रात के बीच अधिक सक्रिय रूप में देखा गया, जब विभागों ने देर रात तक आदेश जारी किए। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 15 जून को तबादला अवधि समाप्त होने के बाद मंत्रियों की मांग पर एक दिन की विशेष रियायत दी गई थी, जो मंगलवार रात 12 बजे तक प्रभावी रही। इस अवधि में कई विभागों ने तेजी से अपने स्तर पर तबादला आदेश जारी किए। स्कूल शिक्षा विभाग में प्रक्रिया अभी ऑनलाइन आवेदन स्तर पर होने के कारण आदेश पूरी तरह जारी नहीं हुए हैं, लेकिन बाकी विभागों में बड़े पैमाने पर स्थानांतरण हुए हैं। आबकारी विभाग, जेल विभाग, वन विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, वाणिज्यिक कर विभाग, पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक निर्माण विभाग और पर्यावरण विभाग जैसे अहम विभागों में तबादलों की लंबी सूची तैयार हुई है। इसके अलावा राजस्व, भू-संसाधन, पीएचई, जनजातीय कार्य, महिला एवं बाल विकास, आयुष, किसान कल्याण, कृषि विकास, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और सहकारिता विभागों में भी व्यापक स्तर पर अधिकारियों का फेरबदल किया गया है। कई जगहों पर फाइलें देर रात तक चलती रहीं और आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए गए।
राज्य स्तर पर विभागवार आंकड़ों की बात करें तो प्रशासनिक स्तर पर जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार राजस्व विभाग में लगभग 400, नगरीय विकास एवं आवास में करीब 900, पंचायत एवं ग्रामीण विकास में 1100 और लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में लगभग 1700 तबादले हुए हैं। जनजातीय कार्य विभाग में करीब 1200, लोक निर्माण विभाग में 500 और वन विभाग में 200 से अधिक स्थानांतरण दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा सामान्य प्रशासन विभाग में 200 से ज्यादा, आबकारी विभाग में 75, परिवहन विभाग में 50, वाणिज्यिक कर विभाग में लगभग 150 और जल संसाधन विभाग में 300 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले किए गए हैं। जिला स्तर पर भी हजारों की संख्या में आदेश जारी होने से प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव देखने को मिला है। बताया जा रहा है कि कई जिलों में एक ही दिन में बड़ी संख्या में फाइलें निपटाई गईं, जिससे विभागीय कामकाज की गति भी प्रभावित हुई। अधिकारियों के अनुसार तबादलों का आधिकारिक रिकॉर्ड सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा नीति स्तर पर तैयार किया जाता है, लेकिन हर विभाग में वास्तविक संख्या का अलग-अलग संकलन होता है। यही वजह है कि कुल आंकड़े को जोड़ने में भी प्रशासनिक स्तर पर थोड़ा अंतर देखा जाता है। बावजूद इसके, एक दिन की छूट के भीतर हुई यह तेज़ी इस बात की ओर इशारा करती है कि सरकार की रियायत के बाद विभागों में लंबित तबादलों को तेजी से निपटाया गया। अब आने वाले दिनों में स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश भी जारी होने की संभावना है, जिसके बाद कुल आंकड़ा और बढ़ सकता है।
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एमपी तबादला नीति में छूट से 17 हजार से अधिक ट्रांसफर हुए
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मोहन यादव सरकार द्वारा तबादलों पर दी गई अस्थायी छूट के बाद मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर जबरदस्त हलचल देखने को मिली है। मध्य प्रदेश तबादला नीति के तहत 16 दिन के भीतर 17 हजार से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण किए गए हैं। खास बात यह रही कि केवल एक दिन की विशेष छूट के दौरान ही करीब ढाई हजार तबादले महज़ कुछ घंटों में पूरे कर दिए गए। यह पूरा घटनाक्रम सोमवार और मंगलवार की रात के बीच अधिक सक्रिय रूप में देखा गया, जब विभागों ने देर रात तक आदेश जारी किए। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 15 जून को तबादला अवधि समाप्त होने के बाद मंत्रियों की मांग पर एक दिन की विशेष रियायत दी गई थी, जो मंगलवार रात 12 बजे तक प्रभावी रही। इस अवधि में कई विभागों ने तेजी से अपने स्तर पर तबादला आदेश जारी किए। स्कूल शिक्षा विभाग में प्रक्रिया अभी ऑनलाइन आवेदन स्तर पर होने के कारण आदेश पूरी तरह जारी नहीं हुए हैं, लेकिन बाकी विभागों में बड़े पैमाने पर स्थानांतरण हुए हैं। आबकारी विभाग, जेल विभाग, वन विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, वाणिज्यिक कर विभाग, पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक निर्माण विभाग और पर्यावरण विभाग जैसे अहम विभागों में तबादलों की लंबी सूची तैयार हुई है। इसके अलावा राजस्व, भू-संसाधन, पीएचई, जनजातीय कार्य, महिला एवं बाल विकास, आयुष, किसान कल्याण, कृषि विकास, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और सहकारिता विभागों में भी व्यापक स्तर पर अधिकारियों का फेरबदल किया गया है। कई जगहों पर फाइलें देर रात तक चलती रहीं और आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए गए।
राज्य स्तर पर विभागवार आंकड़ों की बात करें तो प्रशासनिक स्तर पर जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार राजस्व विभाग में लगभग 400, नगरीय विकास एवं आवास में करीब 900, पंचायत एवं ग्रामीण विकास में 1100 और लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में लगभग 1700 तबादले हुए हैं। जनजातीय कार्य विभाग में करीब 1200, लोक निर्माण विभाग में 500 और वन विभाग में 200 से अधिक स्थानांतरण दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा सामान्य प्रशासन विभाग में 200 से ज्यादा, आबकारी विभाग में 75, परिवहन विभाग में 50, वाणिज्यिक कर विभाग में लगभग 150 और जल संसाधन विभाग में 300 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले किए गए हैं। जिला स्तर पर भी हजारों की संख्या में आदेश जारी होने से प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव देखने को मिला है। बताया जा रहा है कि कई जिलों में एक ही दिन में बड़ी संख्या में फाइलें निपटाई गईं, जिससे विभागीय कामकाज की गति भी प्रभावित हुई। अधिकारियों के अनुसार तबादलों का आधिकारिक रिकॉर्ड सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा नीति स्तर पर तैयार किया जाता है, लेकिन हर विभाग में वास्तविक संख्या का अलग-अलग संकलन होता है। यही वजह है कि कुल आंकड़े को जोड़ने में भी प्रशासनिक स्तर पर थोड़ा अंतर देखा जाता है। बावजूद इसके, एक दिन की छूट के भीतर हुई यह तेज़ी इस बात की ओर इशारा करती है कि सरकार की रियायत के बाद विभागों में लंबित तबादलों को तेजी से निपटाया गया। अब आने वाले दिनों में स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश भी जारी होने की संभावना है, जिसके बाद कुल आंकड़ा और बढ़ सकता है।
