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मां-बेटे-बहू की गैंग ने उड़ाए गहने: नीमच में सराफा दुकान से 6 लाख की चोरी, 20 घंटे में पकड़े गए तीनों आरोपी
Neemuch, MP
चोरी के मामलों में अक्सर अजनबी या बाहरी अपराधी शामिल होते हैं, लेकिन नीमच के मनासा कस्बे में मां, बेटा और बहू की तिकड़ी ने मिलकर सराफा दुकान से 6 लाख रुपए के गहने चुरा लिए।
यह मामला जितना चौंकाने वाला है, उतनी ही तेज़ी से इसका खुलासा भी हुआ। पुलिस ने घटना के 20 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
लाल बाइक से पहुंचे थे आरोपी, नकली अंगूठी दिखाकर दिया झांसा
यह घटना 8 जुलाई को हुई जब 74 वर्षीय सराफा व्यापारी कैलाशचंद्र सोनी की दुकान पर तीन लोग पहुंचे। लाल रंग की बाइक से आए तीनों — एक पुरुष और दो महिलाएं — ने दुकानदार को नकली अंगूठी खरीदने का बहाना बनाया। इस बातचीत के दौरान, उन्होंने चालाकी से 22 सोने के गहने (झुमकी, पेंडेंट, अंगूठी आदि) चुरा लिए जिनका कुल वजन 58 ग्राम और अनुमानित मूल्य 6 लाख रुपये है।
ऑपरेशन 'नीमच आई' से 100 कैमरे खंगाले, चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई
पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन विशेष टीमों का गठन किया और ‘ऑपरेशन नीमच आई’ के तहत शहरभर के 100 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। सीमावर्ती जिलों और पुराने अपराधियों के रिकॉर्ड की भी छानबीन की गई।
प्रेस वार्ता में SP ने बताया कि सभी पहलुओं की गहराई से जांच की गई और आरोपियों की पहचान होने के बाद उन्हें 20 घंटे में गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी निकला पुराना अपराधी, एक माह पहले ही छूटा था जेल से
गिरफ्तार मुख्य आरोपी विनोद बावरी हाल ही में निंबाहेड़ा जेल से लूट के मामले में रिहा हुआ था। उसके खिलाफ मध्य प्रदेश और राजस्थान में कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। उसने चोरी की इस योजना में अपनी मां श्यामा बाई और पत्नी मीरा को भी शामिल कर लिया।
तीनों मिलकर सराफा दुकानों को निशाना बनाते थे और बेहद योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम देते थे। इस केस में चोरी किए गए सभी गहने और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को भी बरामद कर लिया गया है।
महिला अपराधियों की बढ़ती संलिप्तता पर चिंता
इस घटना ने पुलिस और समाज के सामने महिलाओं की आपराधिक गतिविधियों में भागीदारी के एक नए आयाम को उजागर किया है। आमतौर पर सामाजिक ढांचे में महिलाएं अपराध से दूर मानी जाती हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं अपराध की बदलती प्रवृत्तियों को दिखाती हैं।
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मां-बेटे-बहू की गैंग ने उड़ाए गहने: नीमच में सराफा दुकान से 6 लाख की चोरी, 20 घंटे में पकड़े गए तीनों आरोपी
Neemuch, MP
यह मामला जितना चौंकाने वाला है, उतनी ही तेज़ी से इसका खुलासा भी हुआ। पुलिस ने घटना के 20 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
लाल बाइक से पहुंचे थे आरोपी, नकली अंगूठी दिखाकर दिया झांसा
यह घटना 8 जुलाई को हुई जब 74 वर्षीय सराफा व्यापारी कैलाशचंद्र सोनी की दुकान पर तीन लोग पहुंचे। लाल रंग की बाइक से आए तीनों — एक पुरुष और दो महिलाएं — ने दुकानदार को नकली अंगूठी खरीदने का बहाना बनाया। इस बातचीत के दौरान, उन्होंने चालाकी से 22 सोने के गहने (झुमकी, पेंडेंट, अंगूठी आदि) चुरा लिए जिनका कुल वजन 58 ग्राम और अनुमानित मूल्य 6 लाख रुपये है।
ऑपरेशन 'नीमच आई' से 100 कैमरे खंगाले, चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई
पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन विशेष टीमों का गठन किया और ‘ऑपरेशन नीमच आई’ के तहत शहरभर के 100 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। सीमावर्ती जिलों और पुराने अपराधियों के रिकॉर्ड की भी छानबीन की गई।
प्रेस वार्ता में SP ने बताया कि सभी पहलुओं की गहराई से जांच की गई और आरोपियों की पहचान होने के बाद उन्हें 20 घंटे में गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी निकला पुराना अपराधी, एक माह पहले ही छूटा था जेल से
गिरफ्तार मुख्य आरोपी विनोद बावरी हाल ही में निंबाहेड़ा जेल से लूट के मामले में रिहा हुआ था। उसके खिलाफ मध्य प्रदेश और राजस्थान में कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। उसने चोरी की इस योजना में अपनी मां श्यामा बाई और पत्नी मीरा को भी शामिल कर लिया।
तीनों मिलकर सराफा दुकानों को निशाना बनाते थे और बेहद योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम देते थे। इस केस में चोरी किए गए सभी गहने और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को भी बरामद कर लिया गया है।
महिला अपराधियों की बढ़ती संलिप्तता पर चिंता
इस घटना ने पुलिस और समाज के सामने महिलाओं की आपराधिक गतिविधियों में भागीदारी के एक नए आयाम को उजागर किया है। आमतौर पर सामाजिक ढांचे में महिलाएं अपराध से दूर मानी जाती हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं अपराध की बदलती प्रवृत्तियों को दिखाती हैं।
