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देशभर में लागू होगी एमपी की EVM शेयरिंग पॉलिसी, स्टैंडिंग कमेटी ने दी मंजूरी
Bhopal, MP
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग की ईवीएम शेयरिंग नीति अब पूरे देश में अपनाई जाएगी। राज्य निर्वाचन आयुक्तों की स्टैंडिंग कमेटी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए हुई बैठक में इस पर सर्वसम्मति बनी।
इस पॉलिसी के तहत मध्यप्रदेश अन्य राज्यों को किराए पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) उपलब्ध कराता है।
बैठक में देश के 13 राज्यों के निर्वाचन आयुक्तों ने हिस्सा लिया, जिनमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, दिल्ली और मध्यप्रदेश शामिल रहे। बैठक की अध्यक्षता मध्यप्रदेश के राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार श्रीवास्तव ने की।
श्रीवास्तव ने विस्तार से जानकारी दी कि किस प्रकार एमपी ने अपनी अतिरिक्त ईवीएम मशीनें अन्य राज्यों को चुनावों के लिए किराये पर दी हैं। उन्होंने बताया कि अब तक छत्तीसगढ़ को 3000 ईवीएम दी जा चुकी हैं, जबकि जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र के साथ इस संबंध में एमओयू साइन किया जा चुका है। उत्तराखंड और गुजरात से बातचीत जारी है और सिक्किम ने भी अपनी रुचि जताई है।
अब पोर्टल पर दिखेगी ईवीएम की जानकारी
स्टैंडिंग कमेटी ने यह भी निर्णय लिया कि सभी राज्य निर्वाचन आयोग अपने-अपने पोर्टल पर उपलब्ध ईवीएम और मतपेटियों की जानकारी अपलोड करेंगे। साथ ही राज्यों को यह भी कहा गया है कि वे पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों की संभावित तिथियां साझा करें, जिससे EVM शेयरिंग की प्रक्रिया सुगम हो सके।
इस बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि इस नीति का उद्देश्य संसाधनों का समुचित उपयोग, पारदर्शिता और बेहतर समन्वय स्थापित करना है, जिससे चुनाव संचालन में दक्षता बढ़ाई जा सके।
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देशभर में लागू होगी एमपी की EVM शेयरिंग पॉलिसी, स्टैंडिंग कमेटी ने दी मंजूरी
Bhopal, MP
इस पॉलिसी के तहत मध्यप्रदेश अन्य राज्यों को किराए पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) उपलब्ध कराता है।
बैठक में देश के 13 राज्यों के निर्वाचन आयुक्तों ने हिस्सा लिया, जिनमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, दिल्ली और मध्यप्रदेश शामिल रहे। बैठक की अध्यक्षता मध्यप्रदेश के राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार श्रीवास्तव ने की।
श्रीवास्तव ने विस्तार से जानकारी दी कि किस प्रकार एमपी ने अपनी अतिरिक्त ईवीएम मशीनें अन्य राज्यों को चुनावों के लिए किराये पर दी हैं। उन्होंने बताया कि अब तक छत्तीसगढ़ को 3000 ईवीएम दी जा चुकी हैं, जबकि जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र के साथ इस संबंध में एमओयू साइन किया जा चुका है। उत्तराखंड और गुजरात से बातचीत जारी है और सिक्किम ने भी अपनी रुचि जताई है।
अब पोर्टल पर दिखेगी ईवीएम की जानकारी
स्टैंडिंग कमेटी ने यह भी निर्णय लिया कि सभी राज्य निर्वाचन आयोग अपने-अपने पोर्टल पर उपलब्ध ईवीएम और मतपेटियों की जानकारी अपलोड करेंगे। साथ ही राज्यों को यह भी कहा गया है कि वे पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों की संभावित तिथियां साझा करें, जिससे EVM शेयरिंग की प्रक्रिया सुगम हो सके।
इस बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि इस नीति का उद्देश्य संसाधनों का समुचित उपयोग, पारदर्शिता और बेहतर समन्वय स्थापित करना है, जिससे चुनाव संचालन में दक्षता बढ़ाई जा सके।
